दिल्ली की हवा बनी जहर! 28 इलाकों में AQI 400 पार, सांस लेना हुआ मुश्किल

नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में ठंड बढ़ने के साथ ही वायु प्रदूषण की समस्या भी गंभीर होती जा रही है। शुक्रवार सुबह शहर की हवा में प्रदूषण का स्तर काफी बढ़ा हुआ दर्ज किया गया। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 387 पर पहुंच गया, जबकि एक दिन पहले यह 368 था। राजधानी के कई इलाकों में AQI 400 से ऊपर दर्ज किया गया है। सुबह और शाम के समय छाए धुएं और धुंध के कारण लोगों को सांस लेने में परेशानी हो रही है।
लगातार बिगड़ रहे हालात
दिल्ली में प्रदूषण का स्तर लगातार चिंता बढ़ा रहा है। शुक्रवार को राजधानी का औसत AQI 387 दर्ज किया गया। यह बहुत खराब श्रेणी में आता है। लगातार पांच दिनों से दिल्ली की हवा इसी श्रेणी में बनी हुई है। प्रदूषण बढ़ने के कारण सुबह के समय कई इलाकों में धुंध की मोटी परत दिखाई दे रही है। सड़कों पर चलने वाले लोगों को भी आंखों में जलन और सांस लेने में परेशानी हो रही है। प्रदूषण पर नजर रखने वाली एजेंसियों के अनुमान के अनुसार, आने वाले दिनों में भी राहत मिलने की उम्मीद कम है। शुक्रवार से रविवार तक हवा की गुणवत्ता गंभीर श्रेणी में रह सकती है। हवा की कम रफ्तार और मौसम में बदलाव के कारण प्रदूषण के कण वातावरण में बने रह सकते हैं।
रोहिणी और पंजाबी बाग में सबसे ज्यादा प्रदूषण
CPCB के आंकड़ों के मुताबिक, दिल्ली के 59 सक्रिय निगरानी केंद्रों में से 28 पर AQI 400 से ज्यादा दर्ज किया गया। रोहिणी में AQI 473 और पंजाबी बाग में 464 दर्ज किया गया। आरके पुरम में यह आंकड़ा 441 तक पहुंच गया। अलीपुर और सोनिया विहार में 435, ओखला फेज-2 में 426 और नॉर्थ कैंपस में 424 AQI दर्ज किया गया। ITO में भी प्रदूषण का स्तर 420 रहा। नजफगढ़ में AQI 412 दर्ज किया गया। वहीं, पूसा में 393, मंडी हाउस में 389, चांदनी चौक में 386, आनंद विहार में 350 और लोधी रोड में 306 AQI रहा। अलग-अलग उपलब्ध आंकड़ों में सबसे अधिक प्रदूषण वाले स्टेशन के नाम और स्तर में अंतर है।
पांच दिनों में ऐसे बढ़ा दिल्ली का AQI
इस सप्ताह दिल्ली की हवा में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिला। सोमवार को औसत AQI 324 था, जो मंगलवार को बढ़कर 350 हो गया। बुधवार को यह 377 तक पहुंच गया। गुरुवार को थोड़ी गिरावट के साथ AQI 368 दर्ज किया गया, लेकिन शुक्रवार सुबह यह फिर बढ़कर 387 हो गया। इससे साफ है कि राजधानी में प्रदूषण की समस्या लगातार बनी हुई है।
धनतेरस की तैयारियों के बीच दिल्ली के गफ्फार मार्केट में भीषण आग, 22 दमकल गाड़ियां मौके पर पहुंचीं
वाहनों पर लगी रोक, फिर भी नहीं मिल रही राहत
बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए दिल्ली में 1 नवंबर 2026 से गैर-BS6 पेट्रोल और डीजल वाहनों के प्रवेश पर रोक लागू की गई है। इस कदम का उद्देश्य वाहनों से निकलने वाले धुएं को कम करना है। हालांकि, प्रदूषण का स्तर अभी भी काफी ऊंचा बना हुआ है। आने वाले दिनों में हवा की स्थिति मौसम और हवा की रफ्तार पर भी निर्भर करेगी।




















