Aakash Waghmare
14 Jan 2026
दिल्ली में लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास 10 नवंबर को हुए भीषण बम धमाके के पीछे आतंकी संगठन की एक गहरी और सुनियोजित साजिश सामने आई है। धमाके में शामिल आत्मघाती हमलावर और अल फलाह यूनिवर्सिटी का डॉक्टर उमर उन नबी का एक नया वीडियो जारी हुआ है, जो पूरे प्लान की गंभीरता को दर्शाता है। वीडियो में उमर सुसाइड बॉम्बिंग को न सिर्फ जायज़ ठहराता दिख रहा है, बल्कि इसे एक धार्मिक कर्तव्य जैसा बताते हुए दूसरों को भी इसके लिए तैयार होने को कह रहा है।
वीडियो में उमर उन नबी बेहद शांत और आत्मविश्वास से भरा दिखाई दे रहा है। वह साफ अंग्रेजी में बोलते हुए कहता है कि आत्मघाती हमलों को लेकर कई भ्रम हैं और यह इस्लाम में वैध रूप से मान्य ‘ऑपरेशन’ है। उसका कहना- ‘मौत से मत डरो’ - स्पष्ट करता है कि वह पूरी तरह कट्टरपंथी विचारधारा से प्रभावित था।
पहले ऐसा माना जा रहा था कि फरीदाबाद में उसके साथियों की गिरफ्तारी से घबराकर उमर ने जल्दबाजी में ब्लास्ट कर दिया। लेकिन नए वीडियो ने इस दावे को गलत साबित कर दिया है। वीडियो से प्रतीत होता है कि वह लंबे समय से इस सुसाइड मिशन के लिए तैयार था और यह एक संगठित मॉड्यूल द्वारा योजनाबद्ध कार्रवाई थी।
उमर उन नबी के साथ आतंकी डॉक्टर मुजम्मिल शकील, डॉ. शाहीन और डॉ. आदिल अहमद समेत अनंतनाग, पुलवामा और अन्य कश्मीरी इलाकों से जुड़े कई डॉक्टर शामिल थे। यह पूरा नेटवर्क जैश-ए-मोहम्मद की विचारधारा से प्रभावित एक खतरनाक मॉड्यूल माना जा रहा है।
जांच में पता चला है कि उमर 10 नवंबर की सुबह फरीदाबाद से फरार होने के बाद दिल्ली पहुंचा। उसने ट्रैफिक चेकिंग से बचने के लिए आई20 कार का पॉल्यूशन सर्टिफिकेट भी बनवाया था। उसका लाल किले के पास स्थित एक मस्जिद में जाने का वीडियो भी सामने आया है।
उमर ने अपनी कार को विस्फोटक से उड़ाकर 15 लोगों की जान ले ली थी। यह हमला दिल्ली की सुरक्षा व्यवस्था को चुनौती देने वाली सबसे गंभीर घटनाओं में से एक माना जा रहा है।