सीहोर-शाजापुर सीमा पर बनेगा नेपाल की तर्ज पर भव्य पशुपतिनाथ मंदिर, संगम स्थल पर हुआ भूमिपूजन
सीहोर। सीहोर-शाजापुर जिले की सीमा पर स्थित प्रसिद्ध देहरी घाट अब आने वाले दिनों में भगवान पशुपतिनाथ की भक्ति से सराबोर नजर आएगा। पार्वती और अजनाल नदियों के पवित्र संगम स्थल पर नेपाल की तर्ज पर भव्य पशुपतिनाथ मंदिर का निर्माण किया जाएगा। मंदिर निर्माण की आधारशिला धार्मिक विधि-विधान और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच रखी गई। भूमिपूजन कार्यक्रम में कालापीपल विधायक घनश्याम चंद्रवंशी और सीहोर के पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष राकेश राय मुख्य रूप से मौजूद रहे।
वैदिक मंत्रों के बीच हुआ भूमिपूजन
धार्मिक आयोजन के दौरान पंडितों ने वैदिक मंत्रों का उच्चारण करते हुए विधिवत पूजा-अर्चना कराई। इसके बाद विधायक घनश्याम चंद्रवंशी और पूर्व नपाध्यक्ष राकेश राय ने मंदिर निर्माण स्थल पर भूमिपूजन कर आधारशिला रखी। जैसे ही धार्मिक अनुष्ठान संपन्न हुआ, पूरा वातावरण भगवान शिव के जयकारों से गूंज उठा। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु, जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता और क्षेत्र के गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।
राकेश राय ने समर्पित किए 51 हजार रुपए
मंदिर निर्माण के लिए आयोजित कार्यक्रम में विशेष रूप से आमंत्रित पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष राकेश राय ने 51 हजार रुपए की सहयोग राशि समर्पित की। उन्होंने कहा कि धार्मिक स्थल केवल पूजा-अर्चना के केंद्र नहीं होते, बल्कि समाज को जोड़ने और हमारी संस्कृति व परंपराओं को जीवित रखने का काम भी करते हैं। उन्होंने मंदिर निर्माण और परिसर के विकास में भविष्य में भी हरसंभव सहयोग देने का आश्वासन दिया।
पार्वती-अजनाल संगम का है विशेष धार्मिक महत्व
देहरी घाट लंबे समय से आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों के लिए आस्था का महत्वपूर्ण केंद्र रहा है। यहां पार्वती और अजनाल नदियों का संगम होने के कारण धार्मिक महत्व और बढ़ जाता है। संगम स्थल के समीप स्थित प्राचीन माता मंदिर में भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। स्थानीय मान्यताओं में इस स्थान का संबंध माता पार्वती की कठिन तपस्या से जोड़ा जाता है, जिसके चलते श्रद्धालुओं के बीच इस क्षेत्र की विशेष धार्मिक मान्यता है।
अमावस्या और त्योहारों पर उमड़ता है आस्था का सैलाब
देहरी घाट पर पितृमोक्ष अमावस्या सहित प्रमुख धार्मिक पर्वों और त्योहारों के अवसर पर आसपास के दर्जनों गांवों से हजारों श्रद्धालु पहुंचते हैं। श्रद्धालु यहां पवित्र संगम में स्नान कर पूजा-अर्चना और दर्शन करते हैं। अब इसी आस्था के केंद्र पर भगवान पशुपतिनाथ का भव्य मंदिर बनने जा रहा है। इससे श्रद्धालुओं को एक नया धार्मिक केंद्र मिलने के साथ क्षेत्र की पहचान भी और मजबूत होने की उम्मीद है।
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नेपाल की तर्ज पर आकार लेगा पशुपतिनाथ मंदिर
मंदिर को नेपाल में प्रसिद्ध भगवान पशुपतिनाथ मंदिर की तर्ज पर भव्य स्वरूप देने की योजना है। निर्माण पूरा होने के बाद यहां भगवान शिव की आराधना के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। स्थानीय लोगों का मानना है कि मंदिर के निर्माण से देहरी घाट की धार्मिक महत्ता दूर-दूर तक पहुंचेगी और यह क्षेत्र आने वाले समय में बड़े धार्मिक पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित हो सकता है।
धार्मिक पर्यटन को मिलेगा नया आधार
मंदिर निर्माण को लेकर क्षेत्र के नागरिकों और जनप्रतिनिधियों में उत्साह दिखाई दिया। लोगों का कहना है कि प्राकृतिक सौंदर्य, दो नदियों का संगम, प्राचीन मंदिर और अब प्रस्तावित पशुपतिनाथ मंदिर—ये सभी मिलकर देहरी घाट को धार्मिक एवं पर्यटन स्थल के रूप में नई पहचान दिला सकते हैं। यदि परिसर में श्रद्धालुओं की सुविधाओं का विकास होता है तो यहां आसपास के जिलों से भी बड़ी संख्या में लोग पहुंच सकते हैं।
जनप्रतिनिधियों और समाजजनों ने जताया सहयोग
भूमिपूजन कार्यक्रम में देहरी घाट समिति के अध्यक्ष दिनेश राजपूत, शंकर पटेल, विधायक घनश्याम चंद्रवंशी, जनपद अध्यक्ष भोजराज परमार सहित अनेक जनप्रतिनिधि, समाजसेवी और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान समाजजनों और अन्य जनप्रतिनिधियों ने भी मंदिर निर्माण में अपनी ओर से सहयोग करने की घोषणाएं कीं। बड़ी संख्या में महिला और पुरुष श्रद्धालुओं की मौजूदगी ने आयोजन को धार्मिक उत्सव का रूप दे दिया।














