दमोह में 22 डायल-112 वाहन और 15 नोडल पॉइंट, फिर भी पुलिस के सामने ये चुनौती..!
दमोह जिले में 12 लाख से अधिक लोगों की सुरक्षा के लिए पुलिस के पास 18 थाने, 11 चौकियां और 22 डायल-112 वाहन हैं। एक हजार से ज्यादा पुलिसकर्मी अलग-अलग जिम्मेदारियां संभाल रहे हैं। इसके बावजूद दूरस्थ इलाकों में समय पर मदद पहुंचाने, आधुनिक संसाधन जुटाने और बेहतर आवास उपलब्ध कराने की जरूरत बनी हुई है।

दमोह पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था और संसाधन
दमोह। जिले की 12 लाख से अधिक आबादी और विस्तृत भौगोलिक क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी पुलिस लगातार निभा रही है। जिले में 18 पुलिस थाने, 11 चौकियां और अन्य सहायता केंद्र पुलिसिंग का आधार हैं। आपात स्थिति में त्वरित सहायता के लिए डायल-112 के 22 वाहन भी लगातार सेवाएं दे रहे हैं।
15 नोडल प्वाइंट से तेज पहुंच का प्रयास
डायल-112 सेवा के तहत चार शिफ्टों में करीब 88 पायलट तैनात रहते हैं। प्रत्येक वाहन में पुलिसकर्मी भी मौजूद रहता है। जिन्हें 15 नोडल प्वाइंट पर वाहनों की तैनाती से घटनास्थल तक पुलिस की पहुंच को और तेज करने का प्रयास किया जाता है। दूरस्थ क्षेत्रों में सूचना मिलने के बाद समय पर पहुंचना पुलिस के सामने महत्वपूर्ण चुनौती रहता है, जिसे उपलब्ध संसाधनों के बेहतर उपयोग से पूरा किया जा रहा है।
बल का तालमेल और जिम्मेदारी का निर्वहन
जिले में एक हजार से अधिक पुलिस विभिन्न जिम्मेदारियां संभाल रही हैं। इनमें आरक्षक और सहायक उप निरीक्षक स्तर पर आवश्यकता के अनुरूप अतिरिक्त बल की जरूरत महसूस होती है अपराध नियंत्रण और जांच के साथ यातायात व्यवस्था, ड्रिंक एंड ड्राइव के विरुद्ध कार्रवाई, हेलमेट जागरूकता, वीआईपी ड्यूटी, कानून-व्यवस्था, साइबर जागरूकता, पुलिस चौपाल, स्कूल-कॉलेजों में जागरूकता तथा सीसीटीवी निगरानी जैसे कार्य भी पुलिस की नियमित कार्यप्रणाली का हिस्सा हैं।
अपराध रोकथाम के साथ जागरूकता पर जोर
बदलते दौर में पुलिस की भूमिका केवल अपराध रोकने और कार्रवाई तक सीमित नहीं रही है। नशामुक्ति, साइबर फ्रॉड से बचाव, यातायात नियमों की जानकारी, बच्चों और युवाओं को जागरूक करने तथा आपदा के समय सहयोग जैसे कार्यों के माध्यम से पुलिस और समाज के बीच संवाद को मजबूत किया जा रहा है। स्थानीय सूचना तंत्र भी अपराधों की रोकथाम में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
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आधुनिक संसाधनों से और मजबूत होगी पुलिसिंग
दूरस्थ क्षेत्रों में पुलिस की पहुंच को और प्रभावी बनाने के लिए थानों और चौकियों को आवश्यकता के अनुसार आधुनिक चार पहिया वाहन उपलब्ध कराना उपयोगी हो सकता है। इसके साथ तकनीकी उपकरण, बेहतर कार्यालयीन सुविधाएं और आवश्यक संसाधन उपलब्ध होने से पुलिसकर्मियों की कार्यक्षमता बढ़ेगी और जनता को त्वरित सेवा मिल सकेगी।
आवास सुविधा में भी सुधार की जरूरत
पुलिसकर्मियों के लिए आवास सुविधा भी पुलिस व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है। जिले के कुछ स्थानों पर आवास बेहतर है कहीं मरम्मत के बाद आवास उपयोगी हुए हैं, कुछ स्थानों पर बेहतर आवासीय सुविधा की आवश्यकता प्रतीत होती है। नियमित रखरखाव और आवश्यकता वाले क्षेत्रों में नए आवास उपलब्ध कराने से पुलिसकर्मियों को सुविधा मिल सकती है।
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चौबीस घंटे सेवा में जुटा पुलिस बल
पुलिसकर्मियों की ड्यूटी निर्धारित समय तक सीमित नहीं रहती। आपात सूचनाओं से लेकर त्योहारों, आयोजनों, वीआईपी व्यवस्था और कानून-व्यवस्था से जुड़ी जिम्मेदारियों में उन्हें लगातार सक्रिय रहना पड़ता है। उपलब्ध संसाधनों के साथ लगातार ड्यूटी निभाना पुलिसकर्मियों की जिम्मेदारी और सेवा भावना को दर्शाता है। पुलिस और जनता के बीच बेहतर संवाद तथा सामाजिक संगठनों की सहभागिता से पुलिसिंग प्रभावी है। पर्याप्त बल, आधुनिक वाहन, तकनीकी संसाधन और बेहतर आवासीय सुविधाएं उपलब्ध होने पर दमोह पुलिस की त्वरित, प्रभावी और जनहितकारी सेवाओं को और मजबूती मिल सकती है।
EDIT BY: ADITI RAWAT




















