दमोह अस्पताल में कलेक्टर की सख्ती, एक्सपायरी दवाएं मिलीं और 6 फ्रिज निकले बंद
दमोह। दमोह कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने जिला अस्पताल के स्टोर रूम और CMHO कार्यालय का निरीक्षण किया। इस दौरान दवाओं की उपलब्धता, रखरखाव और अस्पतालों तक उनके वितरण की स्थिति देखी गई। जांच में सामने आया कि कई इंडेंट लंबे समय से लंबित थे, जबकि कुछ दवाएं स्टोर में उपलब्ध थीं। कलेक्टर ने कहा कि सरकारी अस्पतालों में मिलने वाली दवाएं मरीजों को समय पर मिलनी चाहिए। किसी मरीज को जरूरी दवा बाहर से खरीदने की जरूरत नहीं पड़नी चाहिए। निरीक्षण में दवा स्टोर की व्यवस्था और कर्मचारियों की उपस्थिति को लेकर भी कई कमियां सामने आईं।
16 पुराने इंडेंट अब तक नहीं हुए जारी
कलेक्टर के निरीक्षण में पता चला कि वर्ष 2025 में सरकारी अस्पतालों से भेजे गए 16 इंडेंट अभी तक जारी नहीं किए गए थे। इसके अलावा जनवरी 2026 से 39 इंडेंट भी लंबित मिले। कलेक्टर ने इसे गंभीर मामला बताते हुए कहा कि दवा उपलब्ध होने के बावजूद उसे अस्पतालों तक नहीं पहुंचाना मरीजों के लिए परेशानी का कारण बन सकता है।
24 घंटे में अस्पतालों तक पहुंचेगी दवा
कलेक्टर ने CMHO को निर्देश दिए कि इंडेंट मिलने के बाद उपलब्ध दवाएं 24 घंटे के अंदर संबंधित अस्पतालों को जारी की जाएं। यदि कोई दवा स्टॉक में नहीं है तो उसकी मांग तुरंत भेजकर अगले दिन तक उपलब्ध कराने की कोशिश की जाए। उन्होंने ई-औषधि पोर्टल के जरिए दवाओं के स्टॉक और वितरण की नियमित निगरानी करने को भी कहा।
स्टॉक जांच में 6 जगह मिला अंतर
दवा स्टोर में स्टॉक का मिलान किया गया तो आठ में से छह मदों में गड़बड़ी सामने आई। दवा स्टोर की जिम्मेदारी संभाल रहे दोनों कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उन्हें वहां से हटा दिया गया। कलेक्टर ने पूरे स्टोर को व्यवस्थित करने और दवाओं को आसानी से पहचानने योग्य तरीके से रखने के निर्देश दिए।
छह फ्रिज बंद, एक्सपायरी दवाएं भी मिलीं
निरीक्षण के दौरान एक्सपायरी डेट की दवाएं भी स्टोर में रखी मिलीं। इसके अलावा दवाओं को तय तापमान पर रखने के लिए लगाए गए सभी छह फ्रिज बंद पाए गए। कलेक्टर ने इसे गंभीर लापरवाही बताया। उन्होंने कहा कि खराब फ्रिज की समय पर मरम्मत होनी चाहिए थी और जरूरत होने पर उन्हें बदला जाना चाहिए था।
CMHO कार्यालय में 21 कर्मचारी गैरहाजिर
कलेक्टर ने CMHO कार्यालय में कर्मचारियों की उपस्थिति भी देखी। सुबह 10:20 बजे तक 21 कर्मचारी कार्यालय में मौजूद नहीं थे। सार्थक पोर्टल पर भी कई कर्मचारियों की उपस्थिति दर्ज नहीं मिली। कलेक्टर ने समय पर कार्यालय नहीं पहुंचने वाले संबंधित कर्मचारियों का तीन दिन का वेतन रोकने के निर्देश दिए।
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दवा स्टोर की व्यवस्था सुधारने के निर्देश
कलेक्टर यादव ने कहा कि दवाओं को इस तरह रखा जाए कि जरूरत पड़ने पर उन्हें तुरंत खोजकर अस्पतालों को भेजा जा सके। उन्होंने एक्सपायरी दवाओं को अलग रखने, फ्रिज और तापमान व्यवस्था ठीक कराने तथा पूरे स्टोर को व्यवस्थित करने के लिए टीम बनाने को कहा। उन्होंने साफ किया कि सरकारी दवाओं का लाभ मरीजों तक समय पर पहुंचाना प्रशासन की प्राथमिकता है।
EDIT BY: ADITI RAWAT























