सीजफायर के बावजूद भू-राजनीतिक नुकसान कम नहीं हुए हैं, जिससे वैश्विक बाजार में अनिश्चितता बनी हुई है। ब्रेंट और WTI दोनों में बढ़त दर्ज की गई, जबकि एमसीएक्स पर भी कच्चा तेल मजबूत हुआ। विशेषज्ञों का मानना है कि आगामी दिनों में कीमतें ऊंची रह सकती हैं, हालांकि हालात सामान्य होने पर स्थिरता लौट सकती है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड 1 प्रतिशत से ज्यादा उछलकर 97 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया। वहीं WTI भी करीब 99 डॉलर के आसपास ट्रेड करता दिखा। यह तेजी निवेशकों की बढ़ती चिंताओं का संकेत है। खासतौर पर मिडिल ईस्ट में हालात अभी भी पूरी तरह सामान्य नहीं हुए हैं। इसी वजह से बाजार में उतार-चढ़ाव लगातार बना हुआ है।
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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा दो हफ्तों के युद्धविराम का ऐलान किया गया है। इसके बावजूद क्षेत्र में हमलों और तनाव की खबरें जारी हैं। इजराइल-लेबनान के बीच संघर्ष ने स्थिति को और जटिल बना दिया है। यही कारण है कि निवेशक पूरी तरह भरोसा नहीं जता पा रहे हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक फिलहाल तेल की कीमतें ऊंचे स्तर पर बनी रह सकती हैं। हालांकि यदि राजनीतिक तनाव कम होता है, तो बाजार धीरे-धीरे स्थिर हो सकता है। फिलहाल निवेशकों की नजर मिडिल ईस्ट के घटनाक्रम पर टिकी हुई है।
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होर्मुज में बाधाएं ग्लोबल सप्लाई के लिए बड़ा खतरा बन रही हैं। यह रास्ता दुनिया का सबसे अहम तेल परिवहन रूट्स में से एक है। यहां जहाजों की आवाजाही सामान्य से काफी कम हो गई है। इससे सप्लाई चेन पर दबाव और कीमतों पर असर साफ दिख रहा है। एमसीएक्स पर कच्चे तेल के दाम में 3 प्रतिशत से ज्यादा की तेजी दर्ज हुई। अप्रैल डिलीवरी के लिए कीमतें 9,200 रुपये के पार पहुंच गईं। घरेलू बाजार पर वैश्विक संकेतों का सीधा असर देखा जा रहा है। आने वाले दिनों में कीमतों में और उतार-चढ़ाव संभव है।