SpiceJet पर संकट गहराया!20% स्टाफ कम करने की तैयारी, 500 से ज्यादा कर्मचारी बिना वेतन छुट्टी पर भेजे जाएंगे

देश की प्राइवेट एयरलाइन स्पाइसजेट इन दिनों गंभीर आर्थिक संकट से गुजर रही है। घटती परिचालन क्षमता और बढ़ते खर्च के बीच कंपनी ने अब 20% स्टाफ कम करने का फैसला किया है। इस फैसले के तहत 500 से ज्यादा कर्मचारियों को बिना वेतन छुट्टी पर भेजा जा सकता है जिससे कर्मचारियों में असंतोष बढ़ता जा रहा है।
बेड़ा सिमटा, ऑपरेशन पर असर
कंपनी के पास कुल 6,800 कर्मचारी हैं लेकिन अब उसके पास सिर्फ 13 विमान ही सक्रिय बचे हैं। इनमें 10 बोइंग और 3 Q400 शामिल हैं। इसके अलावा 14 विमान वेट-लीज पर चल रहे हैं यानी किराए पर क्रू सहित लिए गए हैं। सीमित फ्लीट के कारण उड़ानों पर भी असर पड़ रहा है।
ये भी पढ़ें: World Homoeopathy Day 2026: प्राकृतिक उपचार की बढ़ती लोकप्रियता, जानिए इस चिकित्सा प्रणाली का सफर और महत्व
सैलरी में देरी, कर्मचारियों में नाराजगी
एयरलाइन की वित्तीय हालत का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि सीनियर अधिकारियों को जनवरी से वेतन नहीं मिला है। अन्य कर्मचारियों की सैलरी भी 2-3 महीने की देरी से मिल रही है। कई पुराने कर्मचारी फुल एंड फाइनल सेटलमेंट न मिलने पर नाराज हैं।
सरकारी बकाया भी बढ़ा
कंपनी पर GST, TDS और PF मिलाकर 100 करोड़ रुपए से ज्यादा का बकाया है। जानकारी के मुताबिक TDS अप्रैल 2025 से और GST पिछले 5 महीनों से जमा नहीं किया गया है जिससे वित्तीय दबाव और बढ़ गया है।
इंजीनियरों को तुरंत छोड़नी पड़ी नौकरी
एयरलाइन ने हाल ही में इस्तीफा दे चुके दर्जनों इंजीनियरों का नोटिस पीरियड भी खत्म कर दिया है। 31 मार्च के आदेश के बाद इन कर्मचारियों को तुरंत नौकरी छोड़ने को कहा गया जिससे संगठन के भीतर अस्थिरता और बढ़ गई है।
मार्केट शेयर में बड़ी गिरावट
घरेलू एविएशन मार्केट में स्पाइसजेट की हिस्सेदारी घटकर सिर्फ 3.9% रह गई है। वहीं नई एयरलाइन अकासा एयर 37 विमानों और करीब 5,000 कर्मचारियों के साथ 4.9% हिस्सेदारी हासिल कर चुकी है जो स्पाइसजेट के लिए चिंता की बात है।
पायलटों की सैलरी में कटौती
कंपनी ने पायलटों के लिए नया नियम लागू किया है जिसमें उन्हें 21 दिन काम और 9 दिन छुट्टी करनी होगी। इस बदलाव से कैप्टन्स की सैलरी 7.5 लाख रुपए से घटकर करीब 6 लाख रुपए रह जाएगी।
घाटा लगातार बढ़ रहा
जुलाई-सितंबर तिमाही (Q2FY26) में कंपनी का घाटा 35% बढ़कर ₹621 करोड़ पहुंच गया जो पिछले साल इसी अवधि में ₹458 करोड़ था। इस दौरान कंपनी का ऑपरेशनल रेवेन्यू भी 13% घटकर ₹792 करोड़ रह गया।
घाटे के पीछे तीन बड़े कारण
पहला, ऑपरेटिंग कॉस्ट में तेजी से बढ़ोतरी हुई है। पुराने विमानों की मरम्मत और नए विमानों की व्यवस्था में खर्च बढ़ा है। दूसरा, मानसून सीजन में यात्रियों की संख्या कम हो गई जिससे टिकट बिक्री और कमाई पर असर पड़ा। तीसरा, ग्लोबल सप्लाई चेन की समस्याओं के कारण कई विमान समय पर ठीक नहीं हो पाए और ग्राउंडेड रहे।
ये भी पढ़ें: सीजफायर के बाद ‘तेल पर वार’! ईरान का बड़ा दांव, सऊदी की लाइफलाइन पर हमला-दुनिया में मचा हड़कंप
कभी तेजी से बढ़ी थी कंपनी
स्पाइसजेट भारत की एक प्रमुख लो-कॉस्ट एयरलाइन रही है, जो देश के कई शहरों को जोड़ती है। कंपनी 48 घरेलू और कई अंतरराष्ट्रीय रूट्स पर रोजाना करीब 250 फ्लाइट्स ऑपरेट करती रही है। 2005 में शुरू हुई इस एयरलाइन ने एक समय तेजी से विस्तार किया था लेकिन अब वित्तीय संकट के कारण इसकी स्थिति चुनौतीपूर्ण बनी हुई है।












