Download App
Download on the App StoreGet it on Google Play
Breaking News

MP News :अब निकिता को लग सकेगी बहन की किडनी, क्राउड फंडिंग से लेकर पीएम राहत कोष तक से मदद

नर्मदापुरम के इटारसी में किडनी की गंभीर समस्या से जूझ रही निकिता को अब उसकी बहन किडनी डोनेट कर सकेगी। किडनी ट्रांसप्लांट के लिए इटारसी में क्राउड फंडिंग की गई, इसके बाद भी जरूरत की राशि पूरी नहीं हुई तो सांसद ने प्रधानमंत्री राहत कोष से 3 लाख रुपए की मदद कराई।
अब निकिता को लग सकेगी बहन की किडनी, क्राउड फंडिंग से लेकर पीएम राहत कोष तक से मदद
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    नर्मदापुरम।  शहर की 23 वर्षीय निकिता चौरे की कहानी आज उम्मीद से रोशन होती जिंदगी की जीती-जागती मिसाल बन गई है। किडनी की गंभीर बीमारी से जूझ रही इस बेटी के लिए जहां एक ओर जिंदगी मुश्किलों से भरी थी, वहीं दूसरी ओर लोगों का प्यार और साथ उसे मौत के मुहाने से वापस खींच लाया। हर गुजरते दिन के साथ उसकी सांसों में उम्मीद फिर से लौट रही है। 

    समाज की ताकत बनी संजीवनी

    निकिता के लिए धन संग्रह में पूज्य पंचायत सिंधी समाज के उपाध्यक्ष अनिल मिहानी की भूमिका बेहद अहम रही। उनके प्रयासों से इटारसी के लोगों ने दिल खोलकर मदद की और अब तक करीब 8 लाख रुपए की राशि जुटाई गई। यह सहयोग बताता है कि जब पूरा शहर एक साथ खड़ा हो जाए, तो किसी एक की लड़ाई सबकी लड़ाई बन जाती है। यह इंसानियत और एकजुटता की अनोखी मिसाल है।

    ये भी पढ़ें: संभल में बुलडोजर एक्शन : 35 फीट ऊंची मस्जिद की मीनार ढहाई गई, 12 दिन पहले टल गई थी कार्रवाई

    सांसद ने पीएम मोदी को लिखी चिट्ठी, मिले 3 लाख

    निकिता की हालत की गंभीरता को समझते हुए सांसद दर्शन सिंह चौधरी तक यह मामला पहुंचाया गया। सांसद ने बिना देर किए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को पत्र लिखा। प्रधानमंत्री कार्यालय ने भी संवेदनशीलता दिखाते हुए तुरंत 3 लाख रुपए की सहायता राशि स्वीकृत कर दी। यह मदद सिर्फ आर्थिक सहारा नहीं, बल्कि उस भरोसे का प्रतीक है कि देश का नेतृत्व अपने नागरिकों के दर्द को समझता है। 

    हौसले ने किया चमत्कार

    निकिता का किडनी ट्रांसप्लांट उसके कमजोर हार्ट के कारण टल रहा था। नागपुर के केयर हॉस्पिटल में भर्ती निकिता ने अपनी अद्भुत इच्छाशक्ति से वह कर दिखाया, जो किसी चमत्कार से कम नहीं। बिना दवाओं के ही उसका हार्ट रिकवर हो गया। अब 22 अप्रैल को उसका ऑपरेशन होना है, जहां उसकी 26 वर्षीय बहन शिखा चौरे अपनी किडनी देकर उसे नया जीवन देने वाली हैं। यह रिश्ता और त्याग हर किसी की आंखें नम कर देता है।

    ये भी पढ़ें: AI से अब जल्दी बनेगी दवाएं, OpenAI ने लॉन्च किया नया GPT-Rosalind मॉडल

    मदद के बढ़ते हाथ

    क्षेत्रीय विधायक डॉ. सीतासरन शर्मा ने भी मुख्यमंत्री उपचार सहायता कोष से 10 लाख रुपए की मांग का पत्र भेजा है, जिससे इलाज में कोई बाधा न रहे। समाजसेवी अनिल मिहानी ने सांसद दर्शन सिंह चौधरी और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का आभार माना। उन्होंने इटारसी के उन सभी दानदाताओं को भी शुक्रिया कहा जिन्होंने अपने सामर्थ्य से अनुसार निकिता की मदद की। आज निकिता की कहानी सिर्फ एक लड़की की नहीं, बल्कि मानवता की जीत की कहानी बन चुकी है।

    Naresh Bhagoria
    By Naresh Bhagoria

    नरेश भगोरिया। 27 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हूं। माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्ववि...

    Latest Posts