नर्मदापुरम। शहर की 23 वर्षीय निकिता चौरे की कहानी आज उम्मीद से रोशन होती जिंदगी की जीती-जागती मिसाल बन गई है। किडनी की गंभीर बीमारी से जूझ रही इस बेटी के लिए जहां एक ओर जिंदगी मुश्किलों से भरी थी, वहीं दूसरी ओर लोगों का प्यार और साथ उसे मौत के मुहाने से वापस खींच लाया। हर गुजरते दिन के साथ उसकी सांसों में उम्मीद फिर से लौट रही है।
निकिता के लिए धन संग्रह में पूज्य पंचायत सिंधी समाज के उपाध्यक्ष अनिल मिहानी की भूमिका बेहद अहम रही। उनके प्रयासों से इटारसी के लोगों ने दिल खोलकर मदद की और अब तक करीब 8 लाख रुपए की राशि जुटाई गई। यह सहयोग बताता है कि जब पूरा शहर एक साथ खड़ा हो जाए, तो किसी एक की लड़ाई सबकी लड़ाई बन जाती है। यह इंसानियत और एकजुटता की अनोखी मिसाल है।
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निकिता की हालत की गंभीरता को समझते हुए सांसद दर्शन सिंह चौधरी तक यह मामला पहुंचाया गया। सांसद ने बिना देर किए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को पत्र लिखा। प्रधानमंत्री कार्यालय ने भी संवेदनशीलता दिखाते हुए तुरंत 3 लाख रुपए की सहायता राशि स्वीकृत कर दी। यह मदद सिर्फ आर्थिक सहारा नहीं, बल्कि उस भरोसे का प्रतीक है कि देश का नेतृत्व अपने नागरिकों के दर्द को समझता है।
निकिता का किडनी ट्रांसप्लांट उसके कमजोर हार्ट के कारण टल रहा था। नागपुर के केयर हॉस्पिटल में भर्ती निकिता ने अपनी अद्भुत इच्छाशक्ति से वह कर दिखाया, जो किसी चमत्कार से कम नहीं। बिना दवाओं के ही उसका हार्ट रिकवर हो गया। अब 22 अप्रैल को उसका ऑपरेशन होना है, जहां उसकी 26 वर्षीय बहन शिखा चौरे अपनी किडनी देकर उसे नया जीवन देने वाली हैं। यह रिश्ता और त्याग हर किसी की आंखें नम कर देता है।
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क्षेत्रीय विधायक डॉ. सीतासरन शर्मा ने भी मुख्यमंत्री उपचार सहायता कोष से 10 लाख रुपए की मांग का पत्र भेजा है, जिससे इलाज में कोई बाधा न रहे। समाजसेवी अनिल मिहानी ने सांसद दर्शन सिंह चौधरी और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का आभार माना। उन्होंने इटारसी के उन सभी दानदाताओं को भी शुक्रिया कहा जिन्होंने अपने सामर्थ्य से अनुसार निकिता की मदद की।