इंदौर। शहर की सड़कों पर हुए गड्ढों को लेकर कांग्रेस कमेटी के नेता प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने गड्ढों को अपना मुद्दा बना लिया है और भाजपा शासित निगम परिषद और अधिकारियों पर तंज कसा है।
सोमवार हुई बारिश के साथ ही जलजमाव की स्थिति बनने लगी थी। सड़कों पर बड़े-बड़े गड्ढे नजर आने लगे थे। ऐसे में आज कांग्रेस कमेटी के नेताओं ने खजराना चौराहे की सर्विस रोड पर गड्ढों में बैठकर भजन किए। उनका कहना था कि यह प्रदर्शन भाजपा नगर निगम परिषद और अधिकारियों को सद्बुद्धि देने के लिए किया गया है।
इंदौर कांग्रेस कमेटी के कार्यवाहक अध्यक्ष देवेंद्र सिंह यादव ने कहा कि शहर की बदहाल सड़कें एक बड़ी समस्या बन चुकी हैं। कहीं ड्रेनेज लाइन बिछाने के लिए, तो कहीं नर्मदा लाइन के नाम पर सड़कें खुदी पड़ी हैं। जब देश के सबसे स्वच्छ शहर में बाहर से आने वाले मेहमान इन टूटी-फूटी सड़कों को देखते हैं, तो इंदौर की छवि धूमिल होती है। गड्ढे इतने गहरे हैं कि वहां चलना मुश्किल हो गया है और वाहन चालकों के लिए यह दुर्घटनाओं का कारण बन रहे हैं।
देवेंद्र यादव ने आरोप लगाया कि नगर निगम के अफसरों को आम जनता के दर्द की कोई परवाह नहीं है। भाजपा के मंत्री, सांसद, विधायक, महापौर और निगम आयुक्त भी जनता की चिंता नहीं करते। केवल खाना पूर्ती के नाम पर पेचवर्क किया जाता है, जो ज्यादा समय तक नहीं टिकता। कई बैठकों के बाद भी कोई ठोस नतीजा नहीं निकलता, भाजपा शासित निगम परिषद और अधिकारी कुंभकरण की नींद में सो रहे हैं, उन्हें जगाने जरूरी है ।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि स्वच्छता में भले ही इंदौर नंबर वन हो, लेकिन गड्ढों के मामले में इंदौर जीरो है। उन्होंने बताया कि पालदा चौराहा से नायता मुंडला आरटीओ रोड तक हर साल डामरीकरण के नाम पर करोड़ों रुपए खर्च किए जाते हैं, लेकिन बारिश आते ही सड़क फिर कीचड़ और गड्ढों में तब्दील हो जाती है। न्ययानगर और महालक्ष्मी नगर सहित 50 से अधिक कॉलोनियों की सड़कों पर भी बड़े-बड़े गड्ढे हैं। कई जगहों पर ड्रेनेज लाइन का पानी भी बहकर सड़कों पर जमा हो रहा है।