
नेशनल डेस्क। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे अपने एक बयान को लेकर तीखे विवाद में घिर गए हैं। मंगलवार को चेन्नई में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान उनके शब्दों ने राजनीतिक माहौल को गरमा दिया। भाषण के दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर ऐसा टिप्पणी कर दी, जिसने भाजपा और सहयोगी दलों को हमलावर होने का मौका दे दिया। इस बयान के बाद सियासी बयानबाजी का दौर तेज हो गया है और इसे लेकर देशभर में प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।
चेन्नई में अपने संबोधन के दौरान खड़गे ने कहा- 'ये लोग (AIADMK) मोदी के साथ कैसे जुड़ सकते हैं? वो एक आतंकवादी हैं। वो समानता में विश्वास नहीं करते। उनकी पार्टी समानता और न्याय में विश्वास नहीं करती। और इन लोगों का उनके साथ जुड़ना, इसका मतलब है कि वे लोकतंत्र को कमजोर कर रहे हैं।' इस बयान के सामने आते ही विपक्ष और सत्तापक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया और इसे लेकर राजनीतिक गलियारों में बहस छिड़ गई।
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खड़गे के बयान पर केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा-'मुझे शर्म आती है कि कांग्रेस और डीएमके इतनी नीच हरकत पर उतर आए हैं कि वे भारत की जनता द्वारा लोकतांत्रिक रूप से चुने गए प्रधानमंत्री को आतंकवादी कहकर उनका अपमान कर रहे हैं। राहुल गांधी और एमके स्टालिन को प्रधानमंत्री और उन्हें वोट देकर सत्ता में लाने वाली भारत की जनता के इस घोर अपमान के लिए माफी मांगनी चाहिए। कांग्रेस और डीएमके ने इस बयान से 14 करोड़ भारतीयों को, जिनमें हमारे 8 करोड़ तमिल भाई-बहन भी शामिल हैं, अपमानित किया है।'
पीयूष गोयल ने आगे कहा-'यह अपवित्र गठबंधन प्रधानमंत्री को निशाना बनाकर भारतीयों को आतंकवादी कह रहा है। प्रधानमंत्री पर इस तरह के व्यक्तिगत हमले उनके चुनावी भाग्य को नहीं बदलेंगे, जो उनके कुशासन से पीड़ित जनता के गुस्से से पहले ही तय हो चुका है।' भाजपा नेताओं का कहना है कि इस तरह की भाषा लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है और इससे जनता की भावनाओं को ठेस पहुंचती है।
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी कांग्रेस अध्यक्ष खड़गे के बयान की निंदा की है। एक्स पर उन्होंने कहा कि-कांग्रेस जब मुद्दों पर घिर जाती है, तब उसके नेताओं की भाषा ही उनका असली चेहरा दिखा देती है। प्रधानमंत्री के लिए अपशब्दों का प्रयोग यह बताता है कि विपक्ष के पास न नीति बची है, न नीयत; केवल निराशा और हताशा शेष है। मल्लिकार्जुन खड़गे का बयान सुनकर स्पष्ट हो गया है कि कांग्रेस अब बहस नहीं, बल्कि बदज़ुबानी की राजनीति पर उतर आई है। जनता काम और विकास देखती है, जबकि कांग्रेस केवल नाम लेकर अपमान करने में लगी है। उन्होंने कहा, जब तर्क समाप्त हो जाते हैं, तब कांग्रेस नेताओं के शब्दकोश से ऐसे ही शब्द निकलते हैं। मल्लिकार्जुन खड़गे को याद रखना चाहिए कि प्रधानमंत्री पद का अपमान केवल एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि देश के लोकतंत्र और देशवासियों के विश्वास का अपमान है।
विवाद बढ़ने पर खड़गे ने अपने बयान पर सफाई दी। उन्होंने कहा- 'क्योंकि भाजपा सरकार राजनीतिक दलों और खासकर उम्मीदवारों को डरा रही है। वे सीबीआई, ईडी और आयकर विभाग जैसी संस्थाओं का इस्तेमाल कर रहे हैं और उनका दुरुपयोग कर रहे हैं। वे लोगों में डर पैदा कर रहे हैं ताकि उन्हें लगे कि सरकार विपक्षी दलों को भी निशाना बनाने के लिए काफी शक्तिशाली है। इसी संदर्भ में मैंने यह बात कही थी। मैंने कभी नहीं कहा कि वे (पीएम मोदी) आतंकवादी हैं। मैंने कहा था कि वह और उनकी सरकार इन संस्थाओं का इस्तेमाल करके लोगों को डरा रहे हैं। मेरा यही मतलब था।'
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