ग्वालियर:करोड़ों की सरकारी जमीन पर कब्जा,अवैध कॉलोनी बसाई; तीन भू-माफियाओं के खिलाफ केस दर्ज

ग्वालियर। तहसीलदार लश्कर के आदेश और पटवारी की रिपोर्ट पर पुलिस ने तीन आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी समेत कई धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। राजस्व जांच में सामने आए इस फर्जीवाड़े ने प्रशासन को भी चौंका दिया है। अब पूरे मामले की विस्तृत जांच की जा रही है।
राजस्व जांच में सामने आया बड़ा फर्जीवाड़ा
ग्राम कोटा लश्कर की सर्वे क्रमांक 1703, 1407, 1706, 1707, 1708 और 1709 की शासकीय भूमि पर अवैध कॉलोनी विकसित किए जाने का खुलासा राजस्व जांच के दौरान हुआ। गणेश कॉलोनी निवासी पटवारी सुखलाल इंटारिया ने शिकायत में बताया कि सरकारी रिकॉर्ड की जांच के दौरान पाया गया कि निजी भूमि के साथ-साथ शासन की जमीन को प्लॉटिंग कर बेच दिया गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने मुकेश सिंह कुशवाह, छत्रपाल उर्फ छोटू कुशवाह और लक्ष्मण सिंह कुशवाह को नामजद आरोपी बनाया है। जांच में सामने आया है कि सरकारी जमीन पर बने मकानों के खिलाफ तहसीलदार न्यायालय लश्कर में पहले से अतिक्रमण के प्रकरण लंबित हैं।
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ऐसे खुला फर्जी प्लॉटिंग का राज
राजस्व अभिलेखों और खसरों की जांच के दौरान अधिकारियों को जमीन के रकबे में भारी गड़बड़ी मिली। जांच में पाया गया कि आरोपियों ने अपनी निजी जमीन से कहीं अधिक क्षेत्रफल में प्लॉट काटकर बेच दिए। इनमें शासकीय भूमि का हिस्सा भी शामिल था, जिस पर खरीदारों को कब्जा दिलाया गया। जांच के दौरान कई दस्तावेजों और रिकॉर्ड का मिलान किया गया। इसके बाद पूरे मामले का खुलासा हुआ।
सरकारी जमीन पर बन गए मकान
भूमाफियाओं ने केवल प्लॉट बेचने तक ही खुद को सीमित नहीं रखा, बल्कि सरकारी भूमि पर कब्जा कराकर वहां पक्के मकान बनवा दिए। जिन लोगों ने इन प्लॉटों पर निर्माण कराया है, उनके खिलाफ अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के लिए तहसीलदार न्यायालय में पहले से प्रकरण विचाराधीन हैं। प्रशासन अब पूरे क्षेत्र का सर्वे कराने की तैयारी में है। साथ ही अतिक्रमण से जुड़े मामलों की भी समीक्षा की जा रही है।
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तीन भू-माफियाओं पर शिकंजा
पुलिस ने इस मामले में मुकेश सिंह कुशवाह, छत्रपाल उर्फ छोटू कुशवाह और लक्ष्मण सिंह कुशवाह के खिलाफ धोखाधड़ी और मध्यप्रदेश नगर पालिका अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है। अब राजस्व और पुलिस की संयुक्त जांच में अन्य लोगों की भूमिका भी सामने आ सकती है। बता दें कि इससे पहले तिघरा, महाराजपुरा और पुरानी थाना पुलिस ने भी जमीनी घोटाले सामने आने पर तीन दर्जन के करीब एफआईआर दर्ज कर कई भूमाफियाओं को आरोपी बनाया है। जनकगंज क्षेत्र से सामने आया यह मामला भी प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बन गया है।
मामले को लेकर टीआई जनकगंज अतुल सिंह चौहान का कहना है कि शासकीय जमीन को निजी बताकर बेचने वाले तीन आरोपियों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया है। आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।












