नेशनल डेस्क। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के पहले चरण के प्रचार में सियासी माहौल लगातार गरमाता जा रहा है। इसी कड़ी में असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा झारग्राम पहुंचे, जहां उन्होंने चुनावी जनसभा को संबोधित करते हुए राज्य की राजनीति पर सीधा प्रहार किया। अपने भाषण में सरमा ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर निशाना साधते हुए धार्मिक नारों को लेकर सवाल उठाए। उनके बयान ने जनसभा में मौजूद लोगों के बीच जोरदार प्रतिक्रिया पैदा की।
सभा के दौरान सरमा ने कहा, दीदी कभी-कभी ‘श्री राम’ का जाप भी किया करो। ‘इंशाअल्लाह’ भी कहा है, ‘खुदा हाफिज’ भी कहा है, लेकिन ‘जय जय श्री राम’ भी तो होना चाहिए; मगर दीदी के मुंह से आप ‘जय श्री राम’ कभी नहीं सुनेंगे। उन्होंने यह भी जोड़ा कि ममता बनर्जी अपने भाषणों में इस नारे से दूरी बनाकर रखती हैं, जो उनके राजनीतिक सोच को दर्शाता है।
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ममता बनर्जी पर हमला जारी रखते हुए सरमा ने कहा, राम जन्म भूमि मंदिर बना लेकिन कभी दीदी वहां नहीं गई। दीदी अपने भाषणों में ‘जय जय श्री राम’ इसलिए नहीं कहतीं, क्योंकि दीदी को लगता है कि प्रभु श्री राम के हाथों में वोट नहीं हैं। वोट सिर्फ ‘इंशाअल्लाह’ के हाथों में हैं, प्रभु श्री राम के हाथों में कोई वोट नहीं है। वो इंशाअल्लाह बोलें हमे कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन उन्हें सिखाना पड़ेगा कि कभी-कभी जय-जय श्री राम भी बोलना चाहिए। इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी झारग्राम में जनसभा कर चुके हैं, जहां उन्होंने स्थानीय अंदाज में लोगों से जुड़ने की कोशिश की थी।
पश्चिम बंगाल की 294 विधानसभा सीटों के लिए मतदान दो चरणों में आयोजित किया जाएगा। पहले चरण में 23 अप्रैल को 152 सीटों पर वोट डाले जाएंगे, जबकि दूसरे चरण में 29 अप्रैल को 142 सीटों पर मतदान होगा। पूरे राज्य की नजर अब 4 मई पर टिकी है, जब चुनाव परिणाम घोषित किए जाएंगे और यह तय होगा कि सत्ता की कमान किसके हाथ में जाएगी।
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