Download App
Download on the App StoreGet it on Google Play
Breaking News

कांग्रेस ने भाजपा के रिश्ते-नातों में ढूंढा हारी सीटों को जीतने का सूत्र

कई विधानसभा क्षेत्रों में दूसरे दलों से आए नेताओं को अवसर
Follow on Google News
कांग्रेस ने भाजपा के रिश्ते-नातों में ढूंढा हारी सीटों को जीतने का सूत्र

भोपाल। विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस ने हारी हुई सीटों को जीतने के लिए भाजपा नेताओं के रिश्तेदारों और करीबियों पर दांव खेला है। पार्टी नेताओं का मानना है कि भाजपा को शिकस्त देने में कहीं न कहीं उनके रिश्तेदार सफल साबित हो सकते हैं। इसकी बड़ी वजह जातिगत वोटों को एकतरफा जाने से रोकना भी है। अगर एक ही परिवार के दो लोग आमने-सामने होते हैं तो वोटों का बंटवारा होगा। ऐसे में पार्टी के परंपरा वोट बैंक के साथ बड़ी संख्या में वे वोट भी मिलेंगे जो कभी पार्टी को हासिल नहीं होते थे। प्रदेश की कई सीटों पर कांग्रेस ने जाति-रिश्तेदारों का कार्ड खेलकर नए समीकरण बनाने की कोशिश की है। हालांकि इससे कहीं-कहीं पर पार्टी के पुराने नेताओं के असंतोष के स्वर भी सुनाई दिए हैं। वहीं कई नेताओं को धर्मसंकट की स्थिति का सामना करना पड़ेगा। ऐसी स्थिति में कांग्रेस ने ज्यादा बेहतर परिणाम की संभावना के साथ जाना उचित समझा।

रिश्ता वही, चुनौती नई

होशांगाबाद: होशांगाबाद विधानसभा (2008 से पहले इटारसी विस ) सीट पिछले 33 साल से भाजपा के कब्जे में है। 10 सितंबर को पूर्व विधायक गिरिजाशंकर कांग्रेस में शामिल हुए और उन्हें प्रत्याशी बनाया गया। ऐसे में शर्मा परिवार के समर्थक कांग्रेस के साथ जा सकते हैं। अगर भाजपा डॉ. सीतासरन शर्मा को ही टिकट देती है तो दो सगे भाइयों के बीच रोचक मुकाबला होगा।

सागर: सागर विधानसभा सीट से वर्तमान विधायक शैलेंद्र जैन भाजपा के प्रत्याशी हैं। कांग्रेस ने शैलेंद्र के छोटे भाई की पत्नी निधि जैन को उम्मीदवार बनाया है। यानि चूनावर मुकाबला जेठ-बहू के बीच है। निधि जैन इससे पहले महापौर का चुनाव भी लड़ चुकी हैं। उनके पति सुनील जैन देवरी से विधायक रह चुके हैं।

देवतालाब: विधानसभा स्पीकर गिरीश गौतम के मुकाबले उनके भतीजे पद्मेश गौतम को प्रत्याशी बनाया है। पद्मेश जिला पंचायत के सदस्य हैं। एक साल पहले हुए जिला पंचायत के चुनाव में पद्मेश ने गिरीश गौतम के बेटे राहुल गौतम को 1,400 वोटों से हराया था। पिछले विस चुनाव में कांग्रेस देवतालाब में तीसरे स्थान पर थी, जबकि गिरीश गौतम सिर्फ 1,180 वोटों से जीते थे।

निवाड़ी: यहां कांग्रेस ने अमित राय को प्रत्याशी बनाया है। अमित कुछ दिन पहले तक भाजपा में थे। वे जिला पंचायत में सदस्य भी रहे। अमित की मां सरोज राय भाजपा से जिला पंचायत अध्यक्ष हैं। निवाड़ी से भाजपा के अनिल जैन विधायक हैं। अब राय परिवार के समर्थकों का सहयोग कांग्रेस को मिलने की संभावना है।

यहां जातियों को देखकर तय किए प्रत्याशी

  • दिमनी - नरेंद्र सिंह तोमर बनाम रवींद्र सिंह तोमर
  • खातेगांव - आशीष शर्मा बनाम दीपक जोशी
  • उज्जैन दक्षिण - मोहन यादव बनाम चेतन यादव
  • पिछोर - प्रीतम लोधी बनाम अरविंद सिंह लोधी

प्रचंड जीत पहली प्राथकिता

मप्र में कांग्रेस की लीडरशिप ने कुछ फैसले अपने विवेक से लिए तो उन पर विश्वास करना चाहिए। प्रचंड जीत हमारी पहली प्राथमिकता है। -सुप्रिया श्रीनेत, राष्ट्रीय प्रवक्ता कांग्रेस

Javedakhtar Ansari
By Javedakhtar Ansari

Latest Posts