आज से कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 की शुरुआत :भारत से 125 खिलाड़ी विभिन्न खेलों में, जानें इस बार के खेलों में क्या है नया

स्पोर्ट्स डेस्क। स्कॉटलैंड के शहर ग्लासगो में गुरुवार से 23वें कॉमनवेल्थ गेम्स की शुरुआत हो रही है। यह खेल महाकुंभ 23 जुलाई से 2 अगस्त तक चलेगा। इस बार 74 देशों और क्षेत्रों के 3,000 से ज्यादा खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं। 10 खेलों में कुल 215 गोल्ड मेडल सहित 1,168 पदक दांव पर होंगे। भारत की ओर से 125 खिलाड़ी 8 खेलों में चुनौती पेश करेंगे।
भारत का Day-1 शेड्यूल (23 जुलाई)
- दोपहर 2:00 बजे: भारतीय पुरुष टीम लॉन बॉल्स के सिंगल्स ग्रुप स्टेज मुकाबले में उतरेगी।
- दोपहर 2:00 बजे: भारतीय महिला टीम पेयर्स ग्रुप स्टेज में अपने अभियान की शुरुआत करेगी।
- रात 10:30 बजे: ग्लासगो के ओवो हाइड्रो एरीना में कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 की ओपनिंग सेरेमनी होगी।
- लॉन बॉल्स पर रहेंगी नजरें: बर्मिंघम 2022 में भारत ने इसी खेल में ऐतिहासिक गोल्ड और सिल्वर जीते थे, इसलिए पहले दिन भारतीय खिलाड़ियों से शानदार शुरुआत की उम्मीद रहेगी।
क्या हैं कॉमनवेल्थ गेम्स?
कॉमनवेल्थ गेम्स उन देशों के बीच होने वाला बहु-खेल आयोजन है, जो कॉमनवेल्थ संगठन का हिस्सा हैं। इसका आयोजन हर चार साल में किया जाता है। इसका उद्देश्य खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा का बड़ा मंच देना और सदस्य देशों के बीच खेलों के जरिए रिश्ते मजबूत करना है।
कहां होंगे मुकाबले?
ग्लासगो शहर के चार प्रमुख खेल परिसरों में सभी मुकाबले आयोजित किए जाएंगे। ग्लासगो दूसरी बार कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी कर रहा है। इससे पहले 2014 में भी इस शहर ने सफलतापूर्वक इन खेलों का आयोजन किया था। अब दुनिया की नजरें ग्लासगो पर हैं, जहां अगले 10 दिनों तक खेल, रोमांच और रिकॉर्ड्स का नया इतिहास लिखा जाएगा।
ग्लासगो से आई तस्वीरें



कैसे हुई इसकी शुरुआत?
कॉमनवेल्थ गेम्स की शुरुआत 1930 में कनाडा के हैमिल्टन शहर से हुई थी। उस समय इसे ब्रिटिश एम्पायर गेम्स कहा जाता था। पहले संस्करण में 11 देशों के 400 से ज्यादा खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया था। जिसके बाद नए संस्करण में कई देशों ने खिलाड़ी उतारे।
इतिहास- जब समय के साथ कॉमनवेल्थ गेम्स को मिले नए नाम
- 1930-1950: ब्रिटिश एम्पायर गेम्स
- 1954: ब्रिटिश एम्पायर एंड कॉमनवेल्थ गेम्स
- 1970: ब्रिटिश कॉमनवेल्थ गेम्स
- 1978 से अब तक: कॉमनवेल्थ गेम्स
पहली बार भारत कब हुआ था शामिल?
भारत ने पहली बार 1934 में कॉमनवेल्थ गेम्स में हिस्सा लिया था। उसी साल पहलवान राशिद अनवर ने कांस्य पदक जीतकर भारत को पहला कॉमनवेल्थ मेडल दिलाया था। अब तक भारत 1930, 1950, 1962 और 1986 को छोड़कर लगभग सभी संस्करणों में हिस्सा ले चुका है। 1934 के बाद से भारत ने कुल 564 पदक जीते हैं, जिनमें 203 स्वर्ण, 189 रजत और 172 कांस्य पदक शामिल हैं।
इस बार कौन-कौन से खेल नहीं होंगे?
ग्लासगो 2026 में केवल 10 खेल शामिल किए गए हैं। इस बार कई लोकप्रिय खेल कार्यक्रम का हिस्सा नहीं हैं। इनमें—
- हॉकी
- क्रिकेट
- शूटिंगबैडमिंटन
- कुश्ती
- टेबल टेनिस
- स्क्वैश
इस बार क्या नया होगा?
इस संस्करण में दो बड़े बदलाव देखने को मिलेंगे।
- कॉमनवेल्थ माइल की वापसी
करीब 60 साल बाद एथलेटिक्स में 1 मील (1.609 किमी) की दौड़ फिर से शामिल की गई है। यह स्पर्धा आखिरी बार 1966 में आयोजित हुई थी।
2. सबसे बड़ा पैरा-स्पोर्ट कार्यक्रम
2026 गेम्स में छह खेलों में पैरा-स्पोर्ट्स को पूरी तरह शामिल किया गया है। यह कॉमनवेल्थ गेम्स के इतिहास का सबसे बड़ा पैरा-स्पोर्ट कार्यक्रम माना जा रहा है।
भारत को इन खेलों से पदक की उम्मीदें?
हालांकि इस बार शूटिंग, कुश्ती और बैडमिंटन जैसे खेल नहीं हैं, फिर भी भारतीय खिलाड़ियों से एथलेटिक्स, मुक्केबाजी, भारोत्तोलन और अन्य खेलों में पदक की उम्मीद रहेगी। युवा खिलाड़ियों के लिए यह खुद को साबित करने का बड़ा मौका होगा।











