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Commonwealth Games 2030 :भारत को मिली 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी, अहमदाबाद बनेगा होस्ट सिटी

भारत ने 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी का अधिकार हासिल कर लिया है। स्कॉटलैंड के ग्लासगो में हुई बैठक में अहमदाबाद को औपचारिक रूप से होस्ट सिटी घोषित किया गया। यह पहला मौका होगा जब दिल्ली के बाहर कोई बड़ा अंतरराष्ट्रीय मल्टी-स्पोर्ट्स इवेंट भारत में आयोजित होगा। अहमदाबाद ने पहले ही कई अंतरराष्ट्रीय खेलों की मेजबानी कर शानदार तैयारियां की हैं। 2030 गेम्स के जरिए भारत अपनी वैश्विक खेल महत्वाकांक्षा
भारत को मिली 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी, अहमदाबाद बनेगा होस्ट सिटी
AI जनरेटेड सारांश
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    स्पोर्ट्स डेस्क। भारत ने 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी का अधिकार हासिल कर लिया है। स्कॉटलैंड के ग्लासगो में बुधवार को कॉमनवेल्थ स्पोर्ट्स एग्जीक्यूटिव बोर्ड और जनरल असेम्बली की बैठक में भारत के अहमदाबाद शहर को औपचारिक रूप से होस्ट सिटी घोषित किया गया। यह भारत के लिए एक ऐतिहासिक क्षण है और देश की वैश्विक खेल महत्वाकांक्षा को नई दिशा देगा।

    20 साल बाद भारत में होगा इवेंट 

    भारत ने आखिरी बार 2010 में नई दिल्ली में कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी की थी। तब भारतीय खिलाड़ियों ने 101 मेडल हासिल किए थे, जिनमें 38 गोल्ड मेडल शामिल थे। 2030 गेम्स अहमदाबाद में आयोजित होंगे, जो दिल्ली के बाहर किसी बड़े अंतरराष्ट्रीय मल्टी-स्पोर्ट्स आयोजन के लिए पहली बार मेजबान शहर बनेगा।

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    अहमदाबाद में तैयारियों का जोर

    पिछले दशक में अहमदाबाद ने स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में तेजी दिखाई है। शहर में हाल के महीनों में कॉमनवेल्थ वेटलिफ्टिंग चैम्पियनशिप, एशियन एक्वाटिक्स चैंपियनशिप और AFC U-17 एशियन कप क्वालिफायर्स जैसे आयोजन हो चुके हैं।

    सरदार वल्लभभाई पटेल स्पोर्ट्स एन्क्लेव में एक विशाल स्पोर्ट्स परिसर विकसित किया जा रहा है, जिसमें नरेंद्र मोदी क्रिकेट स्टेडियम, एक्वाटिक्स सेंटर, फुटबॉल स्टेडियम, इनडोर एरिनाज, 3,000 एथलीटों के लिए एथलीट विलेज शामिल हैं।

    आने वाले वर्षों में यहां एशियन वेटलिफ्टिंग चैम्पियनशिप, एशिया पैरा-आर्चरी कप और 2029 वर्ल्ड पुलिस एंड फायर गेम्स भी आयोजित होंगे।

    भारत की बोली और मुकाबला

    2030 कॉमनवेल्थ गेम्स के लिए भारत का मुकाबला नाइजीरिया के अबुजा शहर से था। कॉमनवेल्थ स्पोर्ट ने नाइजीरिया को 2034 के आयोजन के लिए विचार में रखा। भारत ने अपनी बोली में खेलों की विविधता, आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर और ग्लोबल मल्टी-स्पोर्ट्स हब बनने की प्रतिबद्धता को उजागर किया।

    2030 में शामिल खेल

    2026 ग्लासगो गेम्स में भारत ने कई खेलों को छोड़ने पर विरोध जताया था। IOA ने स्पष्ट किया है कि 2030 में भारत अपने सभी पदक देने वाले खेलों को शामिल करेगा। इन खेलों में शूटिंग, कुश्ती, तीरंदाजी, कबड्डी, खो-खो जैसे पारंपरिक खेल शामिल होंगे।

    भारत के लिए महत्व

    कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी सिर्फ खेल आयोजन नहीं, बल्कि देश की अंतरराष्ट्रीय छवि, विकास क्षमता और विजन का प्रतीक मानी जाती है। भारत इससे ओलिंपिक 2036 की मेजबानी के लिए भी अपनी दावेदारी मजबूत करेगा।

    2010 में दिल्ली में हुए गेम्स में भारत ने 101 मेडल जीते थे। 2022 बर्मिंघम गेम्स में भारत ने कुल 61 मेडल हासिल किए थे, जिनमें 22 गोल्ड, 16 सिल्वर और 23 ब्रॉन्ज शामिल थे।

    कॉमनवेल्थ गेम्स का इतिहास

    कॉमनवेल्थ गेम्स की शुरुआत 1930 में कनाडा के हैमिल्टन शहर से हुई थी। पहले इसे ब्रिटिश एम्पायर गेम्स कहा जाता था। वर्तमान में इसमें 54 सदस्य देश शामिल हैं। 1978 से इसे 'कॉमनवेल्थ गेम्स' का नाम मिला। 2030 के आयोजन के समय यह गेम्स 100 साल पूरे करने जा रहे हैं।

    Mithilesh Yadav
    By Mithilesh Yadav

    वर्तमान में पीपुल्स समाचार के डिजिटल विंग यानी 'पीपुल्स अपडेट' में बतौर सीनियर सब-एडिटर कार्यरत हूं।...Read More

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