बोगोटा। कोलंबिया की राजधानी बोगोटा में गुरुवार को आधे घंटे में तीन बार भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए। भूकंप आने के बाद सायरन बजने लगा और थोड़ी देर बाद लोगों में इसको लेकर दहशत फैल गई। लोग सड़कों पर आ गए। US जियोलॉजिकल सर्वे के मुताबिक, रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 6.3 रही। इसी दौरान भूकंप की वजह से एक महिला ने हड़बड़ाकर 10वीं इमारत से छलांग दी, जिससे उसकी मौत हो गई है।
तीन बार आया भूकंप
US जियोलॉजिकल सर्वे के मुताबिक, रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 6.3 रही। इसके बाद 15 मिनट के अंदर ही 5.7 तीव्रता का आफ्टरशॉक भी आया। थोड़ी देर बाद फिर से 4.8 तीव्रता का तीसरा झटका भी महसूस किया गया। भूकंप स्थानीय समयानुसार गुरुवार दोपहर 12:04 बजे (1704 GMT) आया। इसका केंद्र बोगोटा से 40 किलोमीटर (25 मील) दक्षिण-पूर्व में देश के केंद्र में स्थित एल कैल्वारियो शहर रहा।
संसद की छत का एक हिस्सा टूटा
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, भूकंप की वजह से कोलंबिया की संसद की छत का स्टोनवर्क वाला हिस्सा टूटकर गिर गया। हालांकि, उस वक्त संसद में कोई भी मौजूद नहीं था। इसके अलावा कई जगहों पर दीवारों में दरार पड़ने और झटकों की वजहों से कई खिड़कियों के शीशे टूटने की भी बात सामने आई है। हालांकि, फिलहाल भूकंप की वजह से कोई बड़े नुकसान की आशंका नहीं है।
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आखिर क्यों आते हैं भूकंप ?
भूकंप आने के पीछे की वजह पृथ्वी के भीतर मौजूद प्लेटों का आपस में टकराना है। हमारी पृथ्वी के अंदर सात प्लेट्स हैं, जो लगातार घूमती हैं। जब ये आपस में टकराती हैं, तब फॉल्ट लाइन जोन बन जाता है। जिसकी वजह से सतह के कोने मुड़ जाते हैं और वहां दबाव बनने लगता है। ऐसी स्थिति में प्लेट के टूटने के बाद ऊर्जा पैदा होती है, जो बाहर निकलने के लिए रास्ता ढूंढती है। जिसकी वजह से धरती हिलने लगती है।
कैसे मापते हैं भूकंप की तीव्रता
रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता मापी जाती है। भूकंप को 1 से 9 तक के आधार पर मापा जाता है। भूकंप को इसके केंद्र (एपीसेंटर) से मापा जाता है। भूकंप को लेकर चार अलग-अलग जोन में बांटा गया है। मैक्रो सेस्मिक जोनिंग मैपिंग के अनुसार इसमें जोन-5 से जोन-2 तक शामिल है। जोन 5 को सबसे ज्यादा संवेदनशील माना गया है और इसी तरह जोन दो सबसे कम संवेदनशील माना जाता है।
किस तीव्रता का भूकंप कितना खतरनाक है
• 0 से 1.9 तीव्रता का भूकंप काफी कमजोर होता है। सीज्मोग्राफ से ही इसका पता चलता है।
• वहीं 2 से 2.9 तीव्रता का भूकंप रिक्टर स्केल पर हल्का कंपन करता है।
• 3 से 3.9 तीव्रता का भूकंप आने पर ऐसा लगता है जैसे कोई ट्रक आपके नजदीक से गुजर गया हो।
• 4 से 4.9 तीव्रता का भूकंप आने पर खिड़कियां टूट सकती हैं। साथ ही दीवारों पर टंगे फ्रेम गिर सकते हैं।
• 5 से 5.9 तीव्रता का भूकंप आने पर घर का फर्नीचर हिल सकता है।
• 6 से 6.9 तीव्रता का भूकंप आने पर इमारतों की नींव दरक सकती है।
• 7 से 7.9 तीव्रता का भूकंप खतरनाक होता है। इससे बिल्डिंग गिर जाती हैं और जमीन में पाइप फट जाती है।
• 8 से 8.9 तीव्रता का भूकंप काफी खतरनाक होता है। जापान, चीन समेत कई देशों में 8.8 से 8.9 तीव्रता वाले भूकंप ने खूब तबाही मचाई थी।
• 9 और उससे ज्यादा तीव्रता का भूकंप आने पर पूरी तबाही होती है। इमारतें गिर जाती है। पेड़ पौधे, समुद्रों के नजदीक सुनामी आ जाती है।
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