नई दिल्ली :कॉकरोच जनता पार्टी का आज जंतर-मंतर में दूसरा प्रदर्शन, पार्टी फाउंडर ने थाली-चम्मच लाने की अपील की

नई दिल्ली। NEET-UG परीक्षा में कथित गड़बड़ियों और पेपर लीक विवाद को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) शनिवार 20 जून को दिल्ली के जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन करेगी। संगठन के संस्थापक अभिजीत दीपके ने प्रदर्शन में शामिल होने वाले समर्थकों से थाली और चम्मच लेकर आने की अपील की है। प्रदर्शन दोपहर 1 बजे शुरू होगा, जिसके लिए दिल्ली पुलिस से अनुमति मिलने का दावा किया गया है।
समर्थकों से अपील- अपने साथ थाली और चम्मच लेकर आए
प्रदर्शन से पहले सोशल मीडिया पर जारी वीडियो में अभिजीत दीपके ने समर्थकों से थाली और चम्मच साथ लाने को कहा। उन्होंने कहा कि विरोध का यह तरीका लोगों को कोविड-19 महामारी के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उस अपील की याद दिलाएगा, जब देशवासियों से फ्रंटलाइन वर्कर्स के सम्मान में ताली और थाली बजाने का आग्रह किया गया था।
जंतर- मंतर पर प्रदर्शन की प्रमुख मांगें
- केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दें।
- परीक्षा में हुई कथित गड़बड़ियों की जवाबदेही तय हो।
- छात्रों के हितों की रक्षा के लिए पारदर्शी व्यवस्था बनाई जाए।
- संगठन का आरोप है कि परीक्षा प्रक्रिया में हुई अनियमितताओं ने लाखों छात्रों का भविष्य प्रभावित किया है।
जंतर- मंतर पर दूसरा प्रदर्शन, क्या पड़ेगा असर?
जंतर-मंतर पर होने वाला यह प्रदर्शन राजधानी में CJP का दूसरा बड़ा विरोध कार्यक्रम होगा, इससे पहले यहां हुए प्रदर्शन। 6 जून को जंतर-मंतर पर पहला प्रदर्शन हुआ था। पुणे, लखनऊ, अमृतसर, बेंगलुरु, हैदराबाद और जयपुर में भी विरोध-प्रदर्शन किए जा चुके हैं। संगठन लगातार NEET परीक्षा को लेकर सवाल उठाता रहा है और विभिन्न शहरों में अभियान चला रहा है।
अभिजीत की पीएम ले मांग- मृतकों के परिवारों को 1-1 करोड़ मुआवजा मिले
अभिजीत दीपके ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से उन छात्रों के परिवारों को आर्थिक सहायता देने की मांग की है, जिन्होंने कथित तौर पर परीक्षा विवाद के बीच आत्महत्या की।
नेता प्रतिपक्ष छात्रों की आवाज उठाएं- अभिजीत
अभिजीत दीपके ने कहा कि जो भी राजनीतिक नेता छात्रों के भविष्य को लेकर चिंतित हैं, उन्हें खुलकर उनके समर्थन में आना चाहिए। उन्होंने विशेष रूप से राहुल गांधी से छात्रों के मुद्दे पर आवाज उठाने की अपील की।
दीपके ने हालांकि स्पष्ट किया कि इस संबंध में उनकी राहुल गांधी से कोई बातचीत नहीं हुई है। उनका कहना है कि राजनीतिक दलों के पास सत्ता और राजनीति के लिए संसाधन हैं, लेकिन प्रभावित छात्रों और उनके परिवारों की मदद के लिए पर्याप्त प्रयास नहीं किए जा रहे।
सांसदों की खरीद- बिक्री की जगह परिवारों की मदद करें नेता
दीपके ने आरोप लगाया कि परीक्षा विवाद के बीच एक NEET छात्रा ने आत्महत्या कर ली, लेकिन उसके परिवार को किसी तरह की सहायता नहीं मिली। उन्होंने कहा कि नेताओं के पास विधायकों और सांसदों को अपने पक्ष में करने के लिए पैसा है, लेकिन छात्रों के परिवारों की मदद के लिए नहीं। ऐसे मामलों में सरकार को संवेदनशीलता दिखाते हुए प्रभावित परिवारों के साथ खड़ा होना चाहिए।
कैसे बनी CJP ?
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) की शुरुआत मई 2026 में हुई थी। संगठन का दावा है कि इसकी प्रेरणा चीफ जस्टिस सूर्यकांत की एक टिप्पणी से मिली। 15 मई को एक मामले की सुनवाई के दौरान उन्होंने कहा था कि कुछ बेरोजगार युवा कॉकरोच की तरह होते हैं, जो बाद में मीडिया, सोशल मीडिया या RTI एक्टिविस्ट बनकर सिस्टम पर हमला करते हैं। इसी टिप्पणी के बाद युवाओं ने विरोध के प्रतीक के रूप में CJP का गठन किया।
दीपके के बड़े दावे
- अब तक 11 छात्रों की आत्महत्या हुई है
- इनमें 5 मौतें पिछले 48 घंटों के दौरान हुईं।
- परिवारों को 1 करोड़ रुपए का मुआवजा दिया जाए।
- हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
रीएग्जाम से पहले छात्रों में बढ़ा तनाव
पार्टी का कहना है कि परीक्षा को लेकर लगातार बने असमंजस और री-एग्जाम की चर्चा ने छात्रों पर मानसिक दबाव बढ़ाया है। उनके मुताबिक लाखों अभ्यर्थी लंबे समय से अनिश्चितता के माहौल में हैं। ऐसे में सरकार और परीक्षा एजेंसियों को छात्रों के हितों को प्राथमिकता देते हुए भरोसा बहाल करने के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए। NEET विवाद को लेकर शनिवार का यह प्रदर्शन एक बार फिर शिक्षा व्यवस्था और परीक्षा प्रबंधन पर सवालों को केंद्र में ला सकता है।











