CMRL केस में ED की एंट्री!तिरुवनंतपुरम से कोच्चि तक रेड, पिनाराई विजयन और बेटी जांच के घेरे में

तिरुवनंतपुरम। प्रवर्तन निदेशालय यानी ED ने पूर्व मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन के घर समेत कई ठिकानों पर छापेमारी शुरू की। यह कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग मामले में की जा रही है। ED की टीम ने तिरुवनंतपुरम, कोच्चि और कन्नूर में एक साथ कई जगहों पर सर्च ऑपरेशन चलाया। जांच एजेंसी का कहना है कि मामला कोचीन मिनरल्स एंड रूटाइल लिमिटेड यानी CMRL और पूर्व मुख्यमंत्री की बेटी वीणा विजयन की कंपनी के बीच हुए कथित संदिग्ध लेनदेन से जुड़ा है। हाई कोर्ट से राहत नहीं मिलने के बाद ED ने अपनी जांच और तेज कर दी है।
CMRL मामले से जुड़ी है पूरी जांच
ED की यह कार्रवाई CMRL कंपनी से जुड़े वित्तीय लेनदेन को लेकर हो रही है। जांच एजेंसियों के मुताबिक कंपनी ने कई वर्षों तक फर्जी खर्च दिखाकर बड़ी रकम निकाली। आरोप है कि यह पैसा अलग अलग लोगों और संस्थानों तक पहुंचाया गया। जांच में सबसे ज्यादा चर्चा उस भुगतान को लेकर हो रही है, जो CMRL ने वीणा विजयन की कंपनी एक्सालॉजिक सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड को किया था। एजेंसियों का दावा है कि कंपनी को करीब 1.72 करोड़ रुपये दिए गए, लेकिन बदले में कोई वास्तविक सेवा नहीं दी गई। कागजों में इस भुगतान को सॉफ्टवेयर और मार्केटिंग सर्विस के नाम पर दिखाया गया था। इसी लेनदेन को लेकर अब जांच एजेंसियां गहराई से पड़ताल कर रही हैं।
वीणा विजयन की कंपनी पर क्या हैं आरोप
वीणा विजयन की आईटी कंपनी एक्सालॉजिक सॉल्यूशंस पर आरोप है कि उसे CMRL से पैसे मिले लेकिन कंपनी ने उस हिसाब से काम नहीं किया। ED का मानना है कि यह भुगतान केवल कागजों तक सीमित था। इस मामले में साल 2024 में ED ने मनी लॉन्ड्रिंग निवारण अधिनियम यानी PMLA के तहत केस दर्ज किया था। यह मामला गंभीर धोखाधड़ी जांच कार्यालय यानी SFIO की शिकायत के बाद आगे बढ़ा। जांच एजेंसियों का कहना है कि कंपनी के वित्तीय रिकॉर्ड और दस्तावेजों में कई ऐसी बातें सामने आई हैं, जिनकी जांच अभी बाकी है।
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पहले इनकम टैक्स, अब ED की सख्त कार्रवाई
इस मामले की शुरुआत साल 2019 में हुई थी, जब इनकम टैक्स विभाग ने CMRL पर छापेमारी की थी। उस दौरान जांच में कई वित्तीय गड़बड़ियों की बात सामने आई थी। बाद में इनकम टैक्स सेटलमेंट बोर्ड ने भी माना कि कंपनी ने खर्च बढ़ा-चढ़ाकर दिखाए थे। इसके बाद केंद्र सरकार ने SFIO को जांच की जिम्मेदारी सौंपी। SFIO ने कंपनीज एक्ट की धारा 447 के तहत धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया। यही मामला बाद में PMLA के तहत शेड्यूल्ड ऑफेंस बना और ED ने मनी लॉन्ड्रिंग जांच शुरू कर दी।
हाई कोर्ट से राहत नहीं मिलने के बाद बढ़ी मुश्किल
हाल ही में केरल हाई कोर्ट ने CMRL और उससे जुड़े अधिकारियों की याचिका खारिज कर दी थी। कंपनी ने ED की जांच और समन को रद्द करने की मांग की थी लेकिन अदालत ने इसे स्वीकार नहीं किया। कोर्ट ने कहा कि ED को जांच करने और समन जारी करने का पूरा अधिकार है। अदालत ने यह भी साफ किया कि इनकम टैक्स सेटलमेंट का असर PMLA जांच पर नहीं पड़ेगा, क्योंकि दोनों कानून अलग अलग हैं। हाई कोर्ट के इस फैसले के बाद माना जा रहा था कि जांच एजेंसियां कार्रवाई तेज कर सकती हैं और अब वही होता दिखाई दे रहा है।
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आने वाले दिनों में बढ़ सकती है पूछताछ
ED की मौजूदा कार्रवाई को मामले की बड़ी जांच माना जा रहा है। एजेंसी कई दस्तावेजों और डिजिटल रिकॉर्ड की जांच कर रही है। सूत्रों के मुताबिक आने वाले दिनों में कई बड़े लोगों से पूछताछ हो सकती है। राजनीतिक हलकों में भी इस मामले को लेकर चर्चा तेज हो गई है। विपक्ष लगातार सरकार पर सवाल उठा रहा है, जबकि सत्तारूढ़ दल की ओर से अभी विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। फिलहाल सभी की नजर ED की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई है। माना जा रहा है कि जांच आगे बढ़ने के साथ इस मामले में और बड़े खुलासे सामने आ सकते हैं।











