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CJI सूर्यकांत का मीडिया पर फूटा गुस्सा :बोले- कोई याचिका दाखिल ही नहीं हुई, फिर सुनवाई से इनकार कैसे?

CJI सूर्यकांत ने CJP प्रदर्शन और कथित पुलिस कार्रवाई से जुड़े मामले में सुनवाई से इनकार की खबरों को गलत बताया। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट में कोई रिट याचिका दाखिल ही नहीं हुई थी। मीडिया की रिपोर्टिंग को गैर-जिम्मेदाराना बताते हुए CJI ने स्पष्ट किया कि केवल रिप्रेजेंटेशन को याचिका नहीं माना जा सकता।
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बोले- कोई याचिका दाखिल ही नहीं हुई, फिर सुनवाई से इनकार कैसे?
CJI सूर्यकांत ने भ्रामक मीडिया रिपोर्टिंग पर जताई नाराजगी।

नई दिल्ली। भारत के मुख्य न्यायाधीश (Chief Justice of India) जस्टिस सूर्यकांत ने शुक्रवार को उन मीडिया रिपोर्टों पर कड़ी आपत्ति जताई, जिनमें दावा किया गया था कि उन्होंने CJP (कॉकरोच जनता पार्टी) के प्रदर्शन के दौरान कथित पुलिस कार्रवाई से जुड़े मामले की सुनवाई से इनकार कर दिया था। CJI ने साफ कहा कि सुप्रीम कोर्ट में इस मामले में कोई रिट याचिका दाखिल ही नहीं हुई थी, इसलिए सुनवाई से इनकार करने का सवाल ही नहीं उठता।

उन्होंने कुछ मीडिया रिपोर्ट्स को गैर-जिम्मेदाराना और लापरवाह रिपोर्टिंग बताते हुए कहा कि बिना तथ्य जांचे ऐसी खबरें प्रकाशित की गईं, जिससे भ्रम की स्थिति बनी।

खुली अदालत में CJI ने दी सफाई

यह टिप्पणी उस समय आई जब वरिष्ठ अधिवक्ता शोएब आलम एक अन्य मामले की लिस्टिंग का जिक्र कर रहे थे। इसी दौरान CJI सूर्यकांत ने हाल के विवादित मामले का उल्लेख करते हुए कहा कि, पिछले दो दिनों से मीडिया में पूरी तरह गलत जानकारी प्रसारित की जा रही है। उन्होंने कहा कि, जांच कराने पर पता चला कि सुबह 10 बजे तक अदालत में एक भी पन्ना दाखिल नहीं हुआ था। CJI ने कहा कि, उनके पास केवल एक रिप्रेजेंटेशन (प्रतिनिधित्व पत्र) पहुंचा था, जिसे किसी वकील ने भेजा था। मैं किसी रिप्रेजेंटेशन को रिट याचिका कैसे मान सकता हूं? बिना तथ्य जाने रिपोर्टिंग करना बेहद गैर-जिम्मेदाराना है।

क्या था पूरा मामला?

20 जुलाई को दिल्ली में CJP समर्थकों और छात्रों ने जंतर-मंतर से संसद की ओर मार्च किया था। प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए लाठीचार्ज और आंसू गैस का इस्तेमाल किया था। इसके बाद 22 जुलाई को अधिवक्ता नरेंद्र मिश्रा ने सुप्रीम कोर्ट में इस मामले का मौखिक उल्लेख करते हुए तत्काल सुनवाई और वीडियो फुटेज देखने का अनुरोध किया था। हालांकि, उस समय अदालत ने तत्काल सुनवाई नहीं की। इसके बाद कई मीडिया रिपोर्ट्स में यह दावा किया गया कि CJI ने मामले की सुनवाई से इनकार कर दिया।

CJP protest

CJI ने कहा- मामला दाखिल ही नहीं हुआ था

मुख्य न्यायाधीश ने स्पष्ट किया कि अदालत के समक्ष कोई विधिवत याचिका दाखिल नहीं हुई थी। उन्होंने कहा कि अदालत में किसी मामले की सुनवाई तभी हो सकती है, जब संबंधित पक्ष सभी आवश्यक दस्तावेजों के साथ नियमित प्रक्रिया के तहत याचिका दायर करे। केवल एक पत्र या प्रतिनिधित्व भेज देने से उसे रिट याचिका नहीं माना जा सकता।

पहले CJI ने क्या कहा था?

22 जुलाई की सुनवाई के दौरान अधिवक्ता नरेंद्र मिश्रा ने छात्रों के साथ कथित मारपीट के वीडियो दिखाने का अनुरोध किया था। उस समय CJI ने कहा था कि,  हमारे पास वीडियो देखने का समय नहीं है। हमारा और अपना समय बर्बाद मत कीजिए।

इसी टिप्पणी के बाद यह खबरें सामने आई थीं कि, सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई से इनकार कर दिया है। अब CJI ने स्पष्ट किया है कि उन्होंने केवल तत्काल मौखिक अनुरोध स्वीकार नहीं किया था, सुनवाई से स्थायी इनकार नहीं किया।

मीडिया रिपोर्टिंग पर जताई नाराजगी

CJI सूर्यकांत ने कहा कि कुछ मीडिया संस्थानों ने बिना तथ्यों की पुष्टि किए यह खबर चला दी कि उन्होंने मामले को सूचीबद्ध करने से मना कर दिया। उन्होंने कहा कि, अदालत की प्रक्रिया का सम्मान करना और सही तथ्यों के आधार पर रिपोर्टिंग करना मीडिया की जिम्मेदारी है।

CJI Surya Kant

कोर्ट की लाइव स्ट्रीमिंग पर भी सुप्रीम कोर्ट सख्त

इसी दौरान सुप्रीम कोर्ट ने अदालत की कार्यवाही की लाइव स्ट्रीमिंग के अनधिकृत इस्तेमाल पर भी सख्त रुख अपनाया। अदालत ने कहा कि बिना पूर्व अनुमति लाइव स्ट्रीम साझा नहीं की जा सकेगी, वीडियो रिकॉर्ड या एडिट नहीं किया जा सकेगा। क्लिप सोशल मीडिया पर पोस्ट या रीपोस्ट नहीं किए जा सकेंगे। कोर्ट की कार्यवाही का व्यावसायिक इस्तेमाल (Monetisation) भी प्रतिबंधित रहेगा। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि समाचार संस्थानों की तथ्यात्मक रिपोर्टिंग पर यह रोक लागू नहीं होगी।

मामले की टाइमलाइन

तारीख

क्या कहा था

20 जुलाई

CJP समर्थकों और छात्रों का संसद मार्च, पुलिस कार्रवाई हुई

22 जुलाई

वकील नरेंद्र मिश्रा ने सुप्रीम कोर्ट में मौखिक उल्लेख किया

22 जुलाई

CJI ने तत्काल सुनवाई नहीं की, वीडियो देखने से भी इनकार किया

24 जुलाई

CJI सूर्यकांत ने कहा कि कोई रिट याचिका दाखिल ही नहीं हुई थी और मीडिया रिपोर्टिंग गलत थी

CJI की प्रमुख बातें

मुद्दा

CJI का बयान

याचिका

कोई रिट याचिका दाखिल नहीं हुई थी

रिप्रेजेंटेशन

केवल एक प्रतिनिधित्व पत्र भेजा गया था

मीडिया रिपोर्ट

गैर-जिम्मेदाराना और लापरवाह

सुनवाई

विधिवत याचिका आने पर ही संभव

अदालत की प्रक्रिया

नियमों के अनुसार ही कार्रवाई होगी

क्या है विवाद का केंद्र?

पूरा विवाद इस बात को लेकर है कि सुप्रीम कोर्ट ने तत्काल मौखिक अनुरोध स्वीकार नहीं किया, लेकिन इसे कई रिपोर्ट्स में सुनवाई से इनकार के रूप में प्रस्तुत किया गया। अब CJI सूर्यकांत ने स्पष्ट किया है कि अदालत के सामने विधिवत याचिका ही मौजूद नहीं थी, इसलिए ऐसी रिपोर्टिंग तथ्यात्मक रूप से गलत थी।

Manisha Dhanwani
By Manisha Dhanwani

मनीषा धनवानी | जागरण लेकसिटी यूनिवर्सिटी से BJMC | 6 वर्षों के पत्रकारिता अनुभव में सब-एडिटर, एंकर, ...Read More

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