137 साल पुरानी रामलीला फिर सजने को तैयार, 14 दिन गूंजेगा जय श्रीराम..!

छिंदवाड़ा। छिंदवाड़ा में 137 साल पुरानी रामलीला की तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। छोटी बाजार स्थित रामलीला रंगमंच पर लगातार 14 दिनों तक भगवान श्रीराम की अलग-अलग लीलाओं का मंचन किया जाएगा। श्रीरामलीला मंडल के अनुसार कार्यक्रम की शुरुआत किरीट पूजन, मंच पूजन और मंगलाचरण के साथ होगी। इसके बाद पहले दिन रावण के अत्याचार और श्रीराम जन्म की लीला दिखाई जाएगी। इस आयोजन को शहर की पुरानी सांस्कृतिक परंपरा माना जाता है। मंडल से जुड़े कलाकार और सदस्य कई दिनों से अभ्यास और मंच की तैयारियों में जुटे हुए हैं।
137 साल से नहीं टूटा सिलसिला
रामलीला मंडल के संरक्षकों के अनुसार इसकी शुरुआत अयोध्या से छिंदवाड़ा आए संत श्री रामदास जी ‘चौबे’ बाबा की प्रेरणा से हुई थी। कुछ युवाओं और स्थानीय लोगों से शुरू हुआ यह आयोजन आज बड़े मंडल का रूप ले चुका है। मंडल में अब 500 से ज्यादा सक्रिय सदस्य जुड़े हुए हैं। हर साल शहर के लोग इस आयोजन का इंतजार करते हैं।
इस बार मंच पर दिखेगी आधुनिक तकनीक
इस वर्ष रामलीला के मंच को और आकर्षक बनाने की तैयारी की गई है। पूरे मंच के पीछे 500 वर्गफीट से ज्यादा की एलईडी स्क्रीन लगाई जा रही है। नई सजावट, लाइट और तकनीकी उपकरणों की मदद से अलग-अलग दृश्यों को बेहतर तरीके से दिखाने की कोशिश होगी। आयोजकों का कहना है कि तकनीकी व्यवस्था में भी कई बदलाव किए गए हैं।
कलाकारों ने लंबे समय तक किया अभ्यास
रामलीला में अलग-अलग किरदार निभाने वाले कलाकारों ने करीब दो महीने तक अभ्यास किया है। मुख्य निर्देशक के अनुसार इस बार संवाद, अभिनय और मंचन को बेहतर बनाने पर खास ध्यान दिया गया है। रोजाना रात 9 बजे से रामलीला का मंचन शुरू होगा, जिसमें रामायण के प्रमुख प्रसंगों को क्रम से प्रस्तुत किया जाएगा।
देश की प्रमुख रामलीलाओं में नाम
आयोजकों के अनुसार एक राष्ट्रीय न्यूज चैनल के मूल्यांकन में छिंदवाड़ा की रामलीला को देश की चुनिंदा श्रेष्ठ रामलीलाओं में जगह मिली थी। देश की प्रमुख रामलीलाओं में दिल्ली, जम्मू, मुंबई, लखनऊ और पत्थरचट्टी के साथ छिंदवाड़ा का नाम भी शामिल किया गया था।
14 दिनों में दिखेंगे रामायण के प्रमुख प्रसंग
14 दिनों के दौरान श्रीराम जन्म से लेकर ताड़का वध, धनुष यज्ञ, वनगमन, भरत मिलाप, सीता हरण, लंका दहन और राम-रावण युद्ध जैसे प्रसंग दिखाए जाएंगे। अंतिम दिन अहिरावण वध, रावण वध और श्रीराम के राज्याभिषेक की लीला होगी।
घर बैठे भी देख सकेंगे रामलीला
आयोजकों ने बताया कि लोग छोटी बाजार पहुंचकर कार्यक्रम देख सकते हैं। इसके अलावा स्थानीय चैनल, यूट्यूब, फेसबुक और अन्य सोशल मीडिया माध्यमों से भी रामलीला का प्रसारण किया जाएगा। इससे शहर से बाहर रहने वाले लोग भी परिवार के साथ इस धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन का आनंद ले सकेंगे।
EDIT BY: ADITI RAWAT



















