CG NEWS:अब डिग्रियों पर चमकेगा ‘भारत’: छत्तीसगढ़ के विश्वविद्यालयों ने छोड़ा ‘India’, शुरू हुई नई पहचान की मुहिम

RAIPUR NEWS। रायपुर। छत्तीसगढ़ के विश्वविद्यालयों में जल्द ही छात्रों की डिग्री और अंकतालिकाओं पर "India" की जगह "Bharat" लिखा दिखाई देगा। बिलासपुर स्थित गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय और हेमचंद यादव विश्वविद्यालय ने इस बदलाव की शुरुआत कर दी है, जबकि पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय और छत्तीसगढ़ स्वामी विवेकानंद तकनीकी विश्वविद्यालय भी इसे लागू करने की तैयारी में हैं। यह पहल भारतीय सांस्कृतिक पहचान और राष्ट्रीय गौरव को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
भारत की पहचान को मिलेगा नया स्वरूप
छत्तीसगढ़ के उच्च शिक्षा संस्थानों ने अकादमिक दस्तावेजों में भारत की पहचान को प्रमुखता देने का फैसला लिया है। इसके तहत डिग्री, मार्कशीट, प्रमाणपत्र और अन्य आधिकारिक दस्तावेजों में "India" के स्थान पर "Bharat" शब्द का उपयोग किया जाएगा। विश्वविद्यालय प्रशासन का मानना है कि यह बदलाव भारतीय संस्कृति, परंपरा और राष्ट्रीय स्वाभिमान को संस्थागत स्तर पर मजबूत करेगा।
ये भी पढ़ें: CG NEWS: राहुल का छत्तीसगढ़ मिशन: जल, जंगल और जमीन की लड़ाई को बनाएंगे जनआंदोलन
गुरुघासीदास विश्वविद्यालय ने लिया बड़ा फैसला
बिलासपुर स्थित गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय ने आधिकारिक रूप से निर्णय लिया है कि भविष्य में जारी होने वाले दस्तावेजों में अंग्रेजी प्रारूप में भी "Bharat" शब्द का प्रयोग किया जाएगा। विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. आलोक कुमार चक्रवाल के अनुसार यह निर्णय छह महीने पहले स्थायी समिति द्वारा पारित प्रस्ताव के आधार पर लिया गया था।
हेमचंद विश्वविद्यालय पहले से अपना रहा नई व्यवस्था
दुर्ग स्थित हेमचंद यादव विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. संजय तिवारी ने बताया कि विश्वविद्यालय पिछले एक वर्ष से अपने शैक्षणिक दस्तावेजों में "India" की जगह "Bharat" लिख रहा है। इस पहल को विद्यार्थियों और शिक्षाविदों से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली है।
ये भी पढ़ें: CG NEWS: रिश्वत नहीं दी तो उपजाऊ जमीन को बना दिया बंजर! भारतमाला परियोजना में करोड़ों के मुआवजा फर्जीवाड़े का आरोप
PRSU और CSVTU भी करेंगे लागू
पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सच्चिदानंद शुक्ल ने संकेत दिए हैं कि नए शैक्षणिक सत्र से यह व्यवस्था लागू की जा सकती है। वहीं छत्तीसगढ़ स्वामी विवेकानंद तकनीकी विश्वविद्यालय (CSVTU) के कुलपति डॉ. अरुण अरोरा ने कहा है कि आगामी कार्य परिषद की बैठक में इस संबंध में प्रस्ताव लाया जाएगा।
G-20 सम्मेलन से मिली प्रेरणा
विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार वर्ष 2023 में भारत की अध्यक्षता में आयोजित G-20 शिखर सम्मेलन के दौरान राष्ट्रपति के आधिकारिक निमंत्रण पत्र में "President of Bharat" शब्द का उपयोग किया गया था। इसी घटना ने कई शैक्षणिक संस्थानों को अपने दस्तावेजों में "Bharat" शब्द अपनाने के लिए प्रेरित किया।
ये भी पढ़ें: CG NEWS: छत्तीसगढ़ में OTP सिस्टम खत्म: अब अंगूठे के निशान से ही मिलेगा राशन, फर्जीवाड़ा रोकने सरकार का बड़ा फैसला
पुराना स्टॉक खत्म होने के बाद होगा बदलाव
गुरुघासीदास विश्वविद्यालय ने स्पष्ट किया है कि बदलाव तत्काल प्रभाव से लागू नहीं होगा। वर्तमान में मुद्रित डिग्रियों, अंकतालिकाओं और प्रमाणपत्रों का स्टॉक समाप्त होने के बाद नए प्रारूप में दस्तावेज जारी किए जाएंगे।
17 विश्वविद्यालयों में शुरू हो चुकी है पहल
छत्तीसगढ़ के अलावा मध्य प्रदेश, गुजरात, राजस्थान, हरियाणा और महाराष्ट्र सहित देश के 17 विश्वविद्यालय इस दिशा में कदम बढ़ा चुके हैं। इंदौर का देवी अहिल्या विश्वविद्यालय स्वयं को इस बदलाव को लागू करने वाला देश का पहला विश्वविद्यालय बताता है।
ये भी पढ़ें: CG NEWS: राहुल गांधी के रायपुर दौरे पर BJP-Congress में जुबानी जंग, गोपनीय प्रशिक्षण शिविर बना सियासी रणभूमि
शिक्षा जगत में नई बहस और नई पहचान
शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम केवल शब्द परिवर्तन नहीं बल्कि राष्ट्रीय पहचान और सांस्कृतिक मूल्यों को अकादमिक दस्तावेजों में स्थापित करने का प्रयास है। इससे विद्यार्थियों के बीच भारतीयता की भावना और अधिक मजबूत हो सकती है।












