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छग में आयुष्मान योजना में बड़ा खुलासा,17 अस्पतालों की जांच,14 में मिली गड़बड़ी,अब लाइसेंस और जुर्माने पर कार्रवाई की तैयारी

छत्तीसगढ़ के 8 जिलों में स्टेट नोडल एजेंसी की जांच में सामने आईं अनियमितताएं,गलत पैकेज के इस्तेमाल और मरीजों से अतिरिक्त पैसे वसूलने की शिकायतें सही पाई गईं।छत्तीसगढ़ आयुष्मान योजना में गड़बड़ी, Ayushman Bharat Chhattisgarh, आयुष्मान भारत अस्पताल जांच, रायपुर अस्पताल समाचार, छत्तीसगढ़ स्वास्थ्य विभाग, आयुष्मान योजना फ्रॉड, अस्पतालों पर कार्रवाई, डी-इम्पैनलमेंट, मरीजों से अतिरिक्त वसूली
छग में आयुष्मान योजना में बड़ा खुलासा,17 अस्पतालों की जांच,14 में मिली गड़बड़ी,अब लाइसेंस और जुर्माने पर कार्रवाई की तैयारी

रायपुर: छत्तीसगढ़ में आयुष्मान भारत योजना के तहत इलाज में कथित अनियमितताओं को लेकर बड़ी जानकारी सामने आई है। स्टेट नोडल एजेंसी की टीम ने प्रदेश के 8 जिलों के 17 अस्पतालों में जांच की, जिसमें 14 अस्पतालों में खामियां मिलने की बात सामने आई है। जांच के दौरान इलाज से जुड़े दस्तावेज भी जब्त किए गए थे। शुरुआती निष्कर्षों के मुताबिक, कुछ मामलों में गलत पैकेज का इस्तेमाल और मरीजों से अतिरिक्त राशि वसूलने की शिकायतें सही पाई गईं। अब संबंधित अस्पतालों के खिलाफ डी-इम्पैनलमेंट यानी योजना से बाहर करने और जुर्माने जैसी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।

8 जिलों के 17 अस्पताल जांच के दायरे में

स्टेट नोडल एजेंसी की टीम ने 30 सितंबर को प्रदेश के अलग-अलग जिलों में अस्पतालों की जांच की थी। इस कार्रवाई में रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग, सरगुजा, बस्तर, कबीरधाम, कोंडागांव और कोरबा जिले के अस्पताल शामिल थे। जांच के दौरान टीम ने अस्पतालों में आयुष्मान योजना के तहत किए गए इलाज और संबंधित दस्तावेजों की पड़ताल की। इलाज से जुड़े रिकॉर्ड भी जब्त किए गए, ताकि योजना के नियमों के पालन और भुगतान संबंधी प्रक्रियाओं की जांच की जा सके।

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गलत पैकेज और मरीजों से अतिरिक्त वसूली के मामले

जांच में सामने आई प्रमुख अनियमितताओं में गलत पैकेज का इस्तेमाल और मरीजों से अतिरिक्त राशि लेने से जुड़ी शिकायतें शामिल हैं। आयुष्मान भारत योजना का उद्देश्य पात्र हितग्राहियों को निर्धारित नियमों के तहत कैशलेस उपचार उपलब्ध कराना है। ऐसे में यदि किसी अस्पताल द्वारा योजना के नियमों के विपरीत मरीज से अतिरिक्त पैसे लिए जाते हैं या गलत पैकेज के आधार पर क्लेम किया जाता है, तो यह गंभीर मामला हो सकता है। हालांकि, प्रत्येक अस्पताल के खिलाफ आरोपों की प्रकृति और प्रस्तावित कार्रवाई का अंतिम विवरण संबंधित आधिकारिक आदेशों से स्पष्ट होगा।

14 अस्पतालों पर क्या होगी कार्रवाई?

जांच में 17 में से 14 अस्पतालों में अनियमितताएं सामने आने के बाद कार्रवाई की तैयारी की जा रही है। संबंधित अस्पतालों को योजना से बाहर करने यानी डी-इम्पैनलमेंट और जुर्माने जैसी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है। डी-इम्पैनलमेंट होने पर संबंधित अस्पताल आयुष्मान योजना के तहत सूचीबद्ध अस्पताल के रूप में उपचार उपलब्ध कराने के लिए पात्र नहीं रह सकता। हालांकि, किसी अस्पताल पर अंतिम कार्रवाई का निर्णय आधिकारिक प्रक्रिया और संबंधित आदेशों के बाद ही स्पष्ट होगा।

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पहले भी दो अस्पतालों पर हो चुकी है कार्रवाई

आयुष्मान योजना में अनियमितताओं को लेकर इससे पहले भी कार्रवाई की जा चुकी है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, पहले दो अस्पतालों को योजना से बाहर किया गया था। ताजा जांच के बाद अब एक बार फिर योजना के क्रियान्वयन और अस्पतालों की जवाबदेही को लेकर सवाल उठ रहे हैं।

स्वास्थ्य मंत्री की दो टूक मरीजों से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं

स्वास्थ्य मंत्री ने भी स्पष्ट किया है कि छत्तीसगढ़ के लोगों के स्वास्थ्य के साथ किसी तरह का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। आयुष्मान योजना के तहत इलाज के नाम पर मरीजों से अतिरिक्त राशि वसूलने या योजना में गड़बड़ी करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। मंत्री ने कहा कि सरकार की योजनाओं का लाभ आम लोगों तक पहुंचना चाहिए। किसी भी व्यक्ति या अस्पताल को योजना के नाम पर मरीजों को परेशान करने अथवा उनसे अनुचित राशि वसूलने की छूट नहीं दी जा सकती। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि भविष्य में ऐसी शिकायतें सामने आने पर पहले से अधिक सख्त कार्रवाई की जा सकती है।

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मरीज और परिजन क्या ध्यान रखें?

आयुष्मान योजना के तहत उपचार कराने वाले मरीजों और उनके परिजनों को अस्पताल में इलाज से संबंधित दस्तावेज, बिल और भुगतान की रसीद सुरक्षित रखनी चाहिए। यदि योजना के अंतर्गत कवर होने वाले उपचार के नाम पर अतिरिक्त राशि मांगी जाती है, तो संबंधित शिकायत को आधिकारिक शिकायत व्यवस्था के माध्यम से दर्ज कराया जा सकता है।

PREM

मै प्रेम निर्मलकर मैने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत दैनिक भास्कर से की, विगत 18 वर्षों से मुझे पत...

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