वड़ा पाव शौकीनों को रेलवे का झटका! स्टेशनों पर खाना हुआ महंगा, 1 जून से नए रेट लागू

मध्य रेलवे ने अपने स्टेशनों पर मिलने वाले लोकप्रिय स्नैक्स और फास्ट फूड की कीमतों में बदलाव को मंजूरी दे दी है। नए रेट 1 जून से लागू होंगे, जिसके बाद वड़ा पाव, समोसा, पाव भाजी और अन्य खाद्य पदार्थ महंगे हो जाएंगे। हालांकि कुछ आइटम्स की कीमतें स्थिर रखी गई हैं और गुणवत्ता सुधार के निर्देश भी जारी किए गए हैं।
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स्टेशनों पर खाना हुआ महंगा, 1 जून से नए रेट लागू
फाइल फोटो

नई दिल्ली। मध्य रेलवे ने यात्रियों को बड़ा झटका देते हुए अपने स्टेशनों पर मिलने वाले खाने पीने के सामान की कीमतों में बढ़ोतरी का फैसला किया है। यह नया रेट 1 जून से लागू होगा। बढ़ती लागत और बाजार के दबाव को देखते हुए रेलवे ने वड़ा पाव से लेकर समोसा, पाव भाजी और डोसा जैसे लोकप्रिय स्ट्रीट फूड के दाम बढ़ा दिए हैं। इस बदलाव का असर रोजाना यात्रा करने वाले लाखों यात्रियों पर पड़ेगा, जो स्टेशन पर सस्ते और जल्दी मिलने वाले खाने पर निर्भर रहते हैं।

स्टेशनों पर बदल गया मेन्यू

मध्य रेलवे के स्टेशनों पर अब यात्रियों को खाने के लिए पहले से ज्यादा पैसे खर्च करने होंगे। रेलवे ने अपने माइनर स्टैटिक कैटरिंग स्टॉल्स के मेन्यू में बदलाव किया है। वड़ा पाव, जो सबसे ज्यादा पसंद किया जाने वाला स्नैक है, अब पहले से महंगा मिलेगा। इसी तरह अन्य फास्ट फूड आइटम्स जैसे समोसा और वेज पफ की कीमतों में भी बढ़ोतरी की गई है। रेलवे का कहना है कि यह बदलाव बढ़ती लागत और संचालन खर्च को देखते हुए जरूरी था।

लोकप्रिय स्नैक्स पर सीधा असर

इस नए रेट लिस्ट में कई लोकप्रिय खाने की चीजें शामिल हैं। अब वेज समोसा, वेज पफ और साबूदाना वड़ा सभी 20 रुपये में मिलेंगे। पाव भाजी और वेज पिज्जा की कीमत 50 रुपये तय की गई है। वहीं मसाला डोसा 35 रुपये में मिलेगा और इडली सांभर या चटनी के साथ दो पीस 30 रुपये में मिलेंगे। वड़ा पाव की कीमत भी बढ़ाकर 15 से 20 रुपये तक कर दी गई है, जिससे यात्रियों की जेब पर असर साफ दिखाई देगा।

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कुछ चीजों की कीमतें स्थिर रखी गईं

रेलवे ने सभी खाद्य पदार्थों के दाम नहीं बढ़ाए हैं। कुछ आइटम्स जैसे मिसल पाव 35 रुपये, कचौरी 15 रुपये और दाबेली 20 रुपये में पहले जैसी ही कीमत पर उपलब्ध रहेंगे। इसके अलावा जूस और सोडा जैसे पेय पदार्थों की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। रेलवे का कहना है कि जरूरी और लोकप्रिय कुछ आइटम्स को आम यात्रियों के लिए सस्ता बनाए रखा गया है ताकि हर वर्ग के लोग इन्हें खरीद सकें।

गुणवत्ता सुधार पर भी जोर

कीमत बढ़ाने के साथ ही रेलवे प्रशासन ने गुणवत्ता सुधार पर भी ध्यान देने की बात कही है। सभी वेंडर्स को साफ-सफाई और खाने की क्वालिटी बेहतर करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही स्टॉल पर दो भाषाओं में रेट लिस्ट लगाना अनिवार्य किया गया है ताकि यात्रियों को सही जानकारी मिल सके। रेलवे यह भी सुनिश्चित करेगा कि कोई भी वेंडर तय कीमत से ज्यादा पैसे न वसूले और समय-समय पर निरीक्षण किया जाएगा।

यात्रियों पर पड़ेगा असर

स्टेशन पर रोजाना सफर करने वाले यात्रियों के लिए यह बदलाव जेब पर अतिरिक्त बोझ लेकर आएगा। पहले जहां लोग कम कीमत में जल्दी खाना ले लेते थे, अब उन्हें उसी खाने के लिए ज्यादा पैसे देने होंगे। खासकर ऑफिस जाने वाले और लंबी यात्रा करने वाले यात्रियों पर इसका ज्यादा असर दिखेगा। हालांकि रेलवे का दावा है कि यह कदम बेहतर सेवा और गुणवत्ता सुधार के लिए जरूरी था।

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बढ़ती महंगाई का असर भी साफ दिखाई दिया

देश में लगातार बढ़ती महंगाई, ईंधन की कीमतों और अन्य खर्चों का असर अब रेलवे के खाने-पीने की चीजों पर भी दिखने लगा है। इसी वजह से यह नई दरें तय की गई हैं। 

Aditi Rawat
By Aditi Rawat

अदिति रावत | MCU, भोपाल से M.Sc.(न्यू मीडिया टेक्नॉलजी) | एंकर, न्यूज़ एक्ज़िक्यूटिव की जिम्मेदारिय...Read More

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