कंपनी ने संकेत दिया है कि फिलहाल किसी भी सेवा में बदलाव नहीं किया जाएगा और हर फैसला काफी सोच समझकर ही लिया जाएगा। युद्ध और तनाव की वजह से पहले ही वैश्विक सप्लाई चेन प्रभावित हो चुकी है, ऐसे में शिपिंग कंपनियां अभी पूरी तरह सामान्य संचालन शुरू करने से बच रही हैं।
अमेरिका और ईरान के बीच हुए अस्थायी युद्धविराम से हालात कुछ हद तक शांत जरूर हुए हैं। लेकिन समुद्री सुरक्षा को लेकर अभी भी चिंता बनी हुई है, जिससे कंपनियां सतर्क हैं। मेर्स्क का कहना है कि अभी जोखिम खत्म नहीं हुआ है।
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कंपनी ने फिलहाल अपनी मौजूदा सेवाओं में कोई बदलाव नहीं करने का फैसला लिया है। यह निर्णय खतरों की आशंका और खराब हालात को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। मेर्स्क लगातार स्थिति पर नजर रख रही है और जरूरत पड़ने पर रणनीति बदलेगी।
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फरवरी में शुरू हुए तनाव ने खाड़ी क्षेत्र में समुद्री व्यापार को बुरी तरह प्रभावित किया। होर्मुज जलडमरूमध्य बंद होने से तेल और माल ढुलाई लगभग ठप हो गई थी। इसका असर पूरी दुनिया की सप्लाई चेन और ईंधन कीमतों पर देखने को मिला। युद्धविराम के बावजूद समुद्री व्यापार अभी पूरी तरह सुरक्षित नहीं हुआ है। मेर्स्क जैसी बड़ी कंपनियां रिस्क से बचते हुए सावधानी के साथ फैसले ले रही हैं, जिससे साफ है कि खाड़ी क्षेत्र में हालात सामान्य होने में अभी समय लगेगा।
स्थिति को संभालने के लिए मेर्स्क ने "लैंड-ब्रिज" सिस्टम अपनाया है। इसमें सऊदी अरब, ओमान और यूएई के बंदरगाहों के जरिए माल की ढुलाई की जा रही है। फिर वहां से सड़क मार्ग के जरिए खाड़ी के अन्य हिस्सों तक सामान पहुंचाया जा रहा है।