प्रदेश में पिछले एक हफ्ते के दौरान प्राकृतिक आपदा से कई लोगों की मौत और पशुओं का नुकसान हुआ है। सरकार ने तत्काल राहत, निष्पक्ष सर्वे और बीमा दावों के जल्द निपटारे पर जोर देते हुए प्रशासन को अलर्ट मोड पर रखा है।
पिछले एक सप्ताह में तेज बारिश और बिजली गिरने की घटनाओं ने भारी नुकसान पहुंचाया है। बताया जा रहा है कि करीब 20 लोगों की मौत, 12 लोग घायल और 33 पशुओं की हानि दर्ज की गई है। कई जिलों में फसलें भी बर्बाद हुई हैं, जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई है। सरकार ने सभी प्रभावित क्षेत्रों का तेजी से सर्वे कराने के निर्देश दिए हैं।
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मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि राहत वितरण में देरी नहीं होनी चाहिए। जनहानि, पशु हानि और घायलों के परिवारों को 24 घंटे के भीतर सहायता राशि दी जाए। राहत आयुक्त कार्यालय से सभी जिलों की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है। सरकार ने साफ कर दिया है कि इस आपदा की घड़ी में प्रभावितों को हरसंभव मदद दी जाएगी। प्रशासन को सीधे मैदान में उतरकर राहत कार्य तेज करने और यह सुनिश्चित करने को कहा गया है कि कोई भी पीड़ित सहायता से वंचित न रहे।
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सरकार ने प्रभावित परिवारों को योजनाओं के तहत अतिरिक्त सहायता देने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत घर खोने वालों को प्राथमिकता मिलेगी। वहीं कृषक दुर्घटना बीमा योजना के जरिए किसानों को आर्थिक सुरक्षा दी जाएगी। इसी के साथ बीमा कंपनियों के साथ समन्वय कर फसल बीमा मामलों का तेजी से निपटान करने के निर्देश दिए गए हैं।