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CBSE Rechecking Fees : CBSE का बड़ा फैसला, अब 100 रुपए में आंसर शीट देख सकेंगे स्टूडेंट

12वीं परीक्षा के कॉपी चेकिंग विवाद गहराने के बाद सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंड्री एजुकेशन (CBSE) ने बड़ा ऐलान किया है। बोर्ड ने कहा है कि अब छात्र 100 रुपए का शुल्क देने के बाद अपनी आंसर शीट देख सकेंगे।
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CBSE का बड़ा फैसला, अब 100 रुपए में आंसर शीट देख सकेंगे स्टूडेंट
सीबीएसई अध्यक्ष राहुल सिंह

नई दिल्ली। CBSE की कॉपी जांच प्रक्रिया को लेकर छात्रों और अभिभावकों के बीच बढ़ती बेचैनी के बीच बोर्ड ने बड़ा कदम उठाया है। अब छात्र केवल 100 रुपए खर्च कर अपनी उत्तर पुस्तिका की स्कैन कॉपी देख सकेंगे। पहले इसके लिए 700 रुपए शुल्क देना पड़ता था। इसके अलावा किसी विशेष प्रश्न की दोबारा जांच कराने के लिए प्रति प्रश्न 25 रुपए शुल्क तय किया गया है। बोर्ड का कहना है कि इस फैसले का उद्देश्य पारदर्शिता बढ़ाना और छात्रों की शंकाओं को दूर करना है।

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ऑन-स्क्रीन मार्किंग को लेकर छात्रों की चिंता 

विद्यालय शिक्षा सचिव संजय कुमार और CBSE अध्यक्ष राहुल सिंह ने ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) से जुड़े कक्षा 12वीं के छात्रों द्वारा उठाए गए सवालों पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि कई छात्रों को लग रहा है कि इस नई प्रक्रिया के कारण पास प्रतिशत प्रभावित हुआ है और अंक अपेक्षा से कम आए हैं। हालांकि बोर्ड ने साफ किया कि यह कोई नई व्यवस्था नहीं है। CBSE ने पहली बार वर्ष 2014 में OSM प्रणाली लागू की थी और अब इसे फिर से व्यापक स्तर पर अपनाया गया है। अधिकारियों के मुताबिक विदेशों में भी इसी तरह तकनीक आधारित मूल्यांकन प्रणाली का इस्तेमाल किया जाता है।

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करीब 99 लाख कॉपियों की डिजिटल जांच

CBSE के अनुसार इस वर्ष लगभग 98 लाख 66 हजार उत्तर पुस्तिकाओं की जांच डिजिटल माध्यम से की गई। इसके तहत सभी कॉपियों को पहले स्कैन किया गया और उनकी पीडीएफ फाइल बनाकर परीक्षकों को सुरक्षित डिजिटल प्लेटफॉर्म पर भेजा गया। बोर्ड ने दावा किया कि पूरी प्रक्रिया में तीन स्तर की सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई ताकि किसी भी तरह की गड़बड़ी या डेटा से छेड़छाड़ की संभावना न रहे। सचिव संजय कुमार ने कहा कि इतने बड़े स्तर पर स्कैनिंग और डिजिटल मूल्यांकन के बावजूद प्रक्रिया को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाए रखा गया।

13 हजार कॉपियों में आई तकनीकी दिक्कत 

बोर्ड अधिकारियों ने स्वीकार किया कि लगभग 13 हजार उत्तर पुस्तिकाओं में हल्की स्याही या स्कैनिंग से जुड़ी समस्याएं सामने आई थीं। ऐसी कॉपियों को तुरंत अलग कर दिया गया और उन्हें दोबारा मैनुअल जांच के लिए भेजा गया। बोर्ड का कहना है कि किसी भी छात्र के साथ अन्याय न हो, इसके लिए अतिरिक्त सावधानी बरती गई। अधिकारियों ने भरोसा दिलाया कि हर कॉपी की निष्पक्ष तरीके से जांच की गई है और यदि किसी छात्र को फिर भी संदेह है तो वह पुनर्मूल्यांकन की प्रक्रिया अपना सकता है।

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टोटलिंग की गलतियां खत्म करने का दावा 

CBSE ने कहा कि ऑन-स्क्रीन मार्किंग का सबसे बड़ा फायदा यह है कि नंबर जोड़ने और टोटलिंग में होने वाली मानवीय गलतियां लगभग खत्म हो जाती हैं। डिजिटल सिस्टम में हर स्टेप रिकॉर्ड होता है, जिससे मूल्यांकन प्रक्रिया ज्यादा पारदर्शी बनती है। बोर्ड ने यह भी स्पष्ट किया कि री-वैल्यूएशन की सुविधा पहले की तरह जारी रहेगी और छात्र अपनी कॉपी देखने, अंकों का सत्यापन कराने तथा विशेष प्रश्नों के पुनर्मूल्यांकन के लिए आवेदन कर सकेंगे। बोर्ड अधिकारियों ने कहा कि वे छात्रों और अभिभावकों की चिंताओं को समझते हैं और पूरी पारदर्शिता के साथ जांच प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा।

 

Naresh Bhagoria
By Naresh Bhagoria

नरेश भगोरिया। 27 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हूं। माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्ववि...Read More

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