Amit Shah:3 दिन के छत्तीसगढ़ दौरे पर गृह मंत्री अमित शाह, डायल-112 के वाहनों को दिखाएंगे हरी झंडी

रायपुर। डायल-112 सेवा का पूरे प्रदेश में विस्तार किया जाएगा। बस्तर के नेतानार में पुलिस कैंप को जनसुविधा केंद्र में बदला जाएगा। दौरे के दौरान मध्य क्षेत्रीय परिषद की बैठक भी होगी। इस बैठक में चार राज्यों के मुख्यमंत्री शामिल होकर अहम मुद्दों पर चर्चा करेंगे।
तीन दिवसीय दौरा, कई कार्यक्रमों में होंगे शामिल
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह का यह दौरा 17 मई से शुरू होकर 19 मई तक चलेगा। इस दौरान वे रायपुर और बस्तर में विभिन्न कार्यक्रमों में भाग लेंगे। दौरे को प्रशासनिक और राजनीतिक दृष्टि से अहम माना जा रहा है। सरकार इसे नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में बदलाव के संकेत के रूप में देख रही है। कार्यक्रमों की तैयारियां पहले से ही पूरी कर ली गई हैं। सुरक्षा के भी व्यापक इंतजाम किए गए हैं।
ये भी पढ़ें: Innovation in Education : कटनी 'डाइट' का नवाचार, अब QR कोड से पढ़ाई करेंगे बच्चे
डायल-112 सेवा पूरे राज्य में शुरू की जाएगी
रायपुर में आयोजित कार्यक्रम में डायल-112 सेवा पूरे राज्य में शुरू की जाएगी। पहले यह सेवा 16 जिलों तक सीमित थी, जिसे अब 33 जिलों में लागू किया जाएगा। इसके तहत करीब 400 नई गाड़ियों को शामिल किया जाएगा। इससे आपातकालीन सेवाओं की पहुंच और तेज होगी। पुलिस रिस्पॉन्स सिस्टम को भी मजबूती मिलेगी। आम लोगों को इसका सीधा लाभ मिलेगा।
बस्तर में जनसुविधा केंद्र का नया मॉडल
बस्तर के नेतानार में एक नया प्रयोग शुरू किया जा रहा है। यहां पुलिस कैंप को जनसुविधा केंद्र में बदला जा रहा है। इस केंद्र के जरिए स्थानीय लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ मिलेगा। स्वास्थ्य, शिक्षा और प्रशासनिक सेवाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी। यह मॉडल नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विकास की नई दिशा तय करेगा। सरकार इसे एक बड़ी पहल मान रही है।
मध्य क्षेत्रीय परिषद की बैठक पर फोकस
दौरे के दौरान मध्य क्षेत्रीय परिषद की बैठक भी आयोजित की जाएगी। इस बैठक की अध्यक्षता अमित शाह करेंगे। इसमें चार राज्यों के मुख्यमंत्री शामिल होंगे। बैठक में सुरक्षा, समन्वय और विकास से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होगी। सीमावर्ती क्षेत्रों की चुनौतियों पर भी विचार किया जाएगा। यह बैठक क्षेत्रीय सहयोग को मजबूत करने में अहम मानी जा रही है।
बस्तर में विकास की बयार
सरकार इस दौरे को बस्तर के लिए एक नई शुरुआत के रूप में देख रही है। अब यह क्षेत्र केवल सुरक्षा अभियान तक सीमित नहीं रहेगा। यहां विकास, सुविधाओं और प्रशासनिक पहुंच को बढ़ाया जाएगा। स्थानीय लोगों को मुख्यधारा से जोड़ने पर जोर दिया जा रहा है। यह बदलाव आने वाले समय में बड़ा असर डाल सकता है। बस्तर को एक नए मॉडल के रूप में विकसित करने की दिशा में यह कदम महत्वपूर्ण माना जा रहा है।












