मैं विजय से क्यों जलूंगा?चुनाव के बाद पहली बार बोले रजनीकांत, अफवाहों पर दिया जवाब

तमिलनाडु चुनाव के बाद उठे राजनीतिक विवादों और सोशल मीडिया चर्चाओं पर आखिरकार रजनीकांत ने अपनी चुप्पी तोड़ी है। रविवार को मीडिया से बातचीत में रजनीकांत ने साफ कहा कि उनकी एमके से मुलाकात सिर्फ दोस्ती की वजह से थी, राजनीति से उसका कोई लेना-देना नहीं था। उन्होंने अभिनेता और मौजूदा मुख्यमंत्री विजय को लेकर चल रही जलन की चर्चाओं को भी पूरी तरह खारिज कर दिया।
स्टालिन मेरे 30 साल पुराने दोस्त
रजनीकांत ने कहा कि चुनाव नतीजों के बाद उनका स्टालिन से मिलना राजनीतिक संदेश नहीं था। उन्होंने कहा, स्टालिन पिछले 30 साल से मेरे दोस्त हैं। हमारी दोस्ती राजनीति से ऊपर है। मैं राजनीति के लिए किसी भी स्तर तक गिरने वाला इंसान नहीं हूं।दरअसल, 4 मई को तमिलनाडु चुनाव परिणाम आने के बाद रजनीकांत ने स्टालिन के घर जाकर मुलाकात की थी। इसके बाद सोशल मीडिया पर चर्चा शुरू हो गई थी कि वह विजय की जीत से खुश नहीं हैं।
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विजय मुझसे 25 साल छोटे हैं
रजनीकांत ने कहा कि विजय उनसे 25 साल जूनियर हैं और उनके खिलाफ कोई जलन नहीं है। उन्होंने कहा, जब मुझे पता चला कि विजय मुख्यमंत्री बन गए हैं, तो मैं खुद हैरान था। मैंने उन्हें तुरंत बधाई दी थी। मैं राजनीति में हूं ही नहीं, तो फिर उनसे जलने का सवाल ही नहीं उठता।
उन्होंने यह भी साफ किया कि सोशल मीडिया पर यह अफवाह फैलाई गई कि उन्होंने विजय को बधाई नहीं दी, जबकि वह पहले ही सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर उन्हें शुभकामनाएं दे चुके थे।
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विजय की तारीफ में क्या बोले रजनीकांत?
रजनीकांत ने विजय की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि 52 साल की उम्र में विजय ने वह हासिल किया, जो कई बड़े नेताओं के लिए आसान नहीं था। उन्होंने कहा कि विजय ने
- केंद्र में BJP का सामना किया
- राज्य की दो बड़ी पार्टियों को हराया
- जनता के बीच नई राजनीतिक ताकत बनाई
रजनीकांत ने कहा कि उन्हें विजय से काफी उम्मीदें हैं और उनकी शुभकामनाएं हमेशा उनके साथ रहेंगी।
AIADMK में खुलकर सामने आई फूट
इधर AIADMK के अंदर भी बड़ा संकट खड़ा हो गया है। पार्टी दो गुटों में बंटती नजर आ रही है। एक गुट एडप्पादी के पलीनीस्वमी के साथ है, जबकि दूसरा षणमुगम और वेलुमणि खेमे में दिखाई दे रहा है।
विधानसभा में फ्लोर टेस्ट के दौरान AIADMK के 25 विधायकों ने विजय सरकार के समर्थन में क्रॉस वोटिंग की। इसके बाद पलानीस्वामी ने बागी नेताओं को पार्टी पदों से हटा दिया और दलबदल कानून के तहत कार्रवाई की मांग की है।
बदलाव जरूरी था- रजनीकांत
रजनीकांत ने यह भी कहा कि तमिलनाडु में जनता ने DMK और AIADMK को 60 साल दिए हैं, इसलिए शायद अब लोग बदलाव चाहते थे। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि राजनीति बड़ी जिम्मेदारी है और विजय सरकार को कम से कम दो साल का समय दिया जाना चाहिए।











