High Court News : मप्र हाईकोर्ट ने पूछा- गैस सिलेंडर के रिफिलिंग नियमों में ग्रामीण और शहरी का भेदभाव क्यों?

जबलपुर। घरेलू गैस सिलेंडर रिफिल कराने को लेकर बनाए गए नियमों में शहरी और ग्रामीण इलाकों को दो श्रेणियों में बांटे जाने को हाईकोर्ट में चुनौती दी गई है। एक मामले में शहरी इलाकों के लिए 25 और गांवों के लिए 45 दिनों के नियम को असंवैधानिक बताया गया है। मामले पर सुनवाई करते हुए चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा और जस्टिस विनय सराफ की डिवीजन बेंच ने केंद्र सरकार को इस बारे में शपथपत्र पर जवाब देने कहा है।
केंद्र सरकार ने बनाए हैं नए नियम
अखिल भारतीय उपभोक्ता कांग्रेस भोपाल के सचिव विजय श्रीवास्तव की ओर से दाखिल की गई इस अपील में कहा गया है कि केंद्र सरकार द्वारा घरेलू एलपीजी गैस सिलेंडरों के वितरण को लेकर नए नियम बनाए गए हैं। इस बारे में केंद्र सरकार ने गजट नोटिफिकेशन और प्रेस विज्ञप्ति भी जारी की गई।
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उपभोक्ताओं के बुनियादी अधिकारों का हनन
याचिका में आरोप है कि सरकार ने न केवल आम उपभोक्ताओं के बुनियादी अधिकारों का हनन किया है, बल्कि देश के शहरी और ग्रामीण नागरिकों के बीच एक भेदभावपूर्ण खाई पैदा कर दी है। याचिकाकर्ता का कहना है कि ग्रामीण उपभोक्ताओं को अगले सिलेंडर के लिए पूरे 45 दिनों का लंबा इंतजार करना उनके मौलिक अधिकारों का हनन है। मामले पर हुई प्रारंभिक सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता मनोज शर्मा ने दलीलें रखीं। सुनवाई के बाद डिवीजन बेंच ने केन्द्र सरकार को शपथ-पत्र पर जवाब देने के निर्देश दिए।
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