भोपाल। राजधानी भोपाल के राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (RGPV) की मुख्य कैंटीन एक बार फिर विवादों के केंद्र में आ गई है। इस बार मामला इतना गंभीर है कि छात्रों के बीच डर और गुस्सा दोनों देखने को मिल रहा है। आरोप है कि विश्वविद्यालय की कैंटीन में परोसे गए खाने में मरी हुई छिपकली मिली। हालांकि कैंटीन कर्मचारियों ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे शिमला मिर्च का टुकड़ा बताया है। इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन भी हरकत में आ गया है और जांच के आदेश दे दिए गए हैं।
बताया जा रहा है कि यह घटना कुछ दिन पहले की है, जब रात के समय छात्र कैंटीन में भोजन करने पहुंचे थे। उन्हें दाल, चावल, रोटी और शिमला मिर्च की सब्जी परोसी गई। खाने के दौरान एक छात्र को सब्जी का स्वाद अजीब लगा। जब उसने ध्यान से देखा तो उसे उसमें एक संदिग्ध वस्तु नजर आई, जिसे उसने छिपकली बताया। इसके बाद मौके पर मौजूद अन्य छात्र भी इकट्ठा हो गए और कैंटीन में अफरा-तफरी मच गई। छात्रों ने तुरंत इस घटना का वीडियो बना लिया। यह वीडियो बाद में इंटरनेट मीडिया पर वायरल हो गया।
जहां छात्र इस मामले को गंभीर लापरवाही बता रहे हैं, वहीं कैंटीन स्टाफ ने इन आरोपों को पूरी तरह से नकार दिया है। कर्मचारियों का कहना है कि जिस चीज को छिपकली बताया जा रहा है, वह दरअसल शिमला मिर्च का टुकड़ा है। कैंटीन संचालक ने तो यह भी दावा किया कि उन्होंने उसी टुकड़े को खाकर दिखाया, ताकि यह साबित किया जा सके कि वह कोई जीव नहीं बल्कि सब्जी का हिस्सा था। बावजूद इसके छात्र इस सफाई से संतुष्ट नहीं हैं और निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं।
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घटना के सामने आने के बाद छात्रों में भारी आक्रोश देखा गया। छात्र संगठनों, खासकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने इस मुद्दे को उठाया। छात्रों का कहना है कि कैंटीन की सफाई और खाने की गुणवत्ता को लेकर पहले भी कई बार शिकायत की जा चुकी है लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। छात्रों ने कुलगुरु कार्यालय पहुंचकर विरोध दर्ज कराया और संबंधित अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा। उनका कहना है कि यदि समय रहते सुधार नहीं हुआ तो इस तरह की घटनाएं आगे भी हो सकती हैं, जो स्वास्थ्य के लिए खतरनाक साबित होंगी।
मामले की गंभीरता को देखते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन ने तुरंत एक जांच समिति गठित कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी और दोषी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। प्रबंधन का यह भी कहना है कि छात्रों की सुरक्षा और स्वास्थ्य से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि आखिर सच्चाई क्या है- क्या वास्तव में खाने में छिपकली थी या यह केवल गलतफहमी का मामला है।