भोपाल। मार्च के आखिरी दिनों में मध्य प्रदेश का मौसम लगातार करवट बदल रहा है। एक तरफ कई जिलों में गर्मी का असर बढ़ रहा है, तो दूसरी ओर पश्चिमी विक्षोभ और साइक्लोनिक सर्कुलेशन के कारण बादल, बारिश और तेज हवाओं का दौर भी देखने को मिल रहा है। पिछले 24 घंटे में प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की बारिश दर्ज की गई, जबकि कई जिलों में दिन का तापमान सामान्य से कम रहा।
मौसम विभाग के मुताबिक, राज्य में 26 और 27 मार्च को फिर से आंधी और बारिश का दौर शुरू हो सकता है। वहीं, 29 मार्च को एक और नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने की संभावना है, जिससे अप्रैल की शुरुआत भी बदले हुए मौसम के साथ हो सकती है।
पिछले 24 घंटे में प्रदेश के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश दर्ज की गई। रीवा में 3 मिमी बारिश और सागर में 1 मिमी बारिश दर्ज की गई। ग्वालियर-चंबल संभाग समेत कई जिलों में बादल छाए रहे। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार यह बदलाव साइक्लोनिक सर्कुलेशन सिस्टम की वजह से हुआ है, जिसके कारण उत्तरी मध्य प्रदेश में मौसम अपेक्षाकृत ठंडा रहा। ग्वालियर में दिन का तापमान 30 डिग्री से नीचे दर्ज किया गया, जबकि बाकी हिस्सों में गर्मी का असर जारी रहा।
मौसम विभाग के अनुसार 26 मार्च को उत्तर-पश्चिम भारत में नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा। इसका असर दो दिनों तक मध्य प्रदेश के कई जिलों में देखने को मिलेगा। इस सिस्टम के कारण तेज हवाएं, गरज-चमक के साथ बारिश और बादल छाए रहने की संभावना जताई जा रही है। इसके बाद 29 मार्च को भी एक नया सिस्टम सक्रिय हो सकता है, जिससे मार्च के आखिरी दिनों में मौसम अस्थिर बना रहेगा।
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मौसम विभाग ने 26 मार्च के लिए कई जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया है।
संभावित प्रभावित जिले- ग्वालियर, भिंड, दतिया, शिवपुरी, निवाड़ी, टीकमगढ़, सागर, छतरपुर, पन्ना, सतना, मैहर, रीवा, मऊगंज, सीधी
इन जिलों में तेज हवाओं के साथ हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।
27 मार्च को प्रदेश के पूर्वी हिस्सों में बारिश की संभावना ज्यादा है।
संभावित जिले- पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, मैहर,शहडोल, अनूपपुर
इन इलाकों में गरज-चमक के साथ बारिश और तेज हवा चल सकती है।
मौसम विभाग के अनुसार अरब सागर से आ रही नमी और उत्तरी भारत में बनी ट्रफ लाइन के कारण वातावरण में अस्थिरता बनी हुई है। इसके चलते कुछ जिलों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं, गरज के साथ बारिश औरबिजली चमकने की संभावना जताई जा रही है।
मध्य प्रदेश में इन दिनों मौसम का अनोखा मिश्रण देखने को मिल रहा है। जहां कई जिलों में बारिश हो रही है, वहीं कई जगहों पर तापमान तेजी से बढ़ रहा है। सोमवार को प्रदेश का सबसे ज्यादा तापमान रायसेन में 38 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसके अलावा कई जिलों में तापमान 35 डिग्री से ज्यादा रहा।
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शहर |
अधिकतम तापमान (°C) |
न्यूनतम तापमान (°C) |
|
भोपाल |
34.4 |
17.8 |
|
इंदौर |
34.9 |
17.4 |
|
उज्जैन |
35.0 |
16.8 |
|
ग्वालियर |
29.2 |
17.1 |
|
जबलपुर |
34.2 |
19.4 |
ग्वालियर में बादलों के कारण तापमान अपेक्षाकृत कम रहा, जबकि उज्जैन और इंदौर में गर्मी ज्यादा महसूस की गई।
प्रदेश के कई जिलों में तापमान 35 डिग्री से ऊपर दर्ज किया गया।
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जिला |
अधिकतम तापमान |
|
नर्मदापुरम |
37.4°C |
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रतलाम |
36.4°C |
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गुना |
36.2°C |
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खरगोन |
36.2°C |
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खजुराहो |
36.0°C |
|
नरसिंहपुर |
35.4°C |
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धार |
35.3°C |
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खंडवा |
35.1°C |
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उमरिया |
35.0°C |
हाल ही में सक्रिय हुए मजबूत मौसम सिस्टम के कारण प्रदेश के 45 जिलों में चार दिन तक आंधी-बारिश का असर रहा। इनमें से 17 जिलों में ओले भी गिरे। तेज हवाओं और ओलावृष्टि के कारण कई फसलों को नुकसान हुआ, खासकर केला, पपीता और गेहूं की फसल प्रभावित हुई है। कई जिलों के किसानों ने अब सरकार से मुआवजे की मांग शुरू कर दी है। धार और खरगोन जिलों में फसलों को सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है।
इस साल फरवरी में भी मौसम ने कई बार करवट बदली।
इन बदलावों से किसानों को काफी नुकसान हुआ था।
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मार्च में आमतौर पर मध्य प्रदेश में तीन तरह का मौसम देखने को मिलता है।
पिछले 10 साल के आंकड़ों में भी यही ट्रेंड देखने को मिलता है। इस बार भी मार्च में ऐसा ही मौसम बना हुआ है। भोपाल, इंदौर और उज्जैन में बारिश हो चुकी है, जबकि रात का तापमान अभी स्थिर बना हुआ है।
मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि इस साल अप्रैल और मई में गर्मी का असर ज्यादा देखने को मिल सकता है। इन संभागों में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस से ऊपर जा सकता है-
इसके अलावा भोपाल, इंदौर, उज्जैन और नर्मदापुरम संभाग में भी तेज गर्मी पड़ने की संभावना है।
मौसम विभाग के अनुसार अभी प्रदेश में हीटवेव (लू) का खतरा नहीं है। लगातार बादल और बारिश के कारण दिन का तापमान सामान्य से 3 से 4 डिग्री कम बना हुआ है। हालांकि, जैसे ही मौसम सिस्टम कमजोर होगा, तापमान तेजी से बढ़ सकता है।
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मौसम के लगातार बदलते मिजाज से किसानों की चिंता बढ़ गई है। कई जिलों में खड़ी फसलों को नुकसान पहुंचा है। किसानों का कहना है कि यदि अगले कुछ दिनों में फिर तेज बारिश या आंधी आती है तो गेहूं की कटाई पर भी असर पड़ सकता है।
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, आने वाले दिनों में प्रदेश में मौसम का यह पैटर्न देखने को मिल सकता है-
24 मार्च: हल्की बारिश और बादल
26-27 मार्च: आंधी और बारिश
29 मार्च: नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय
अप्रैल की शुरुआत: बारिश और गर्मी दोनों