सीहोर में पटरियों पर मौत बनकर दौड़ी ट्रेन; विशालकाय अजगर आया चपेट में, शरीर के दो हिस्से हुए, नहीं बची जान

सीहोर। बुधनी रेलवे स्टेशन पर बुधवार सुबह रेलवे ट्रैक पर उस समय हड़कंप मच गया, जब पटरी पार कर रहा एक विशालकाय अजगर तेज रफ्तार ट्रेन की चपेट में आ गया। ट्रेन की टक्कर इतनी जोरदार थी कि अजगर का शरीर दो हिस्सों में कट गया। हादसे में गंभीर रूप से घायल अजगर कुछ समय तक तड़पता रहा। बाद में वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर उसे उपचार के लिए भेजा, लेकिन उसकी जान नहीं बच सकी।
ट्रेन की टक्कर से दो हिस्सों में बंटा शरीर
जानकारी के अनुसार बुधनी रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर-2 के पास एक विशालकाय अजगर रेलवे पटरी पार कर रहा था। इसी दौरान अचानक तेज रफ्तार ट्रेन वहां से गुजरी और अजगर उसकी चपेट में आ गया। ट्रेन की चपेट में आते ही उसका शरीर बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और दो हिस्सों में बंट गया। हादसे के बाद अजगर पटरी के बीच पड़ा तड़पता रहा।
अजगर को तड़पता देख मची अफरा-तफरी
रेलवे स्टेशन पर मौजूद यात्रियों और स्थानीय लोगों की नजर जैसे ही पटरी पर पड़े अजगर पर पड़ी, मौके पर भीड़ जमा हो गई। अजगर की हालत देखकर लोग भी हैरान रह गए। कई लोगों ने अपने मोबाइल फोन से घटना का वीडियो भी बनाया। रेलवे ट्रैक पर दो हिस्सों में पड़ा विशालकाय अजगर लोगों के लिए कौतूहल और चिंता का विषय बन गया।
सूचना मिलते ही हरकत में आया वन अमला
घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय लोगों और स्टेशन स्टाफ ने वन विभाग को सूचना दी। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। रेंजर रचित द्विवेदी के अनुसार ट्रेन की चपेट में आने से अजगर के घायल होने की सूचना प्राप्त हुई थी। टीम ने मौके पर पहुंचकर स्थिति देखी और अजगर को उपचार के लिए भेजने की कार्रवाई की।
ये भी पढ़ें: सीहोर: खेत में खेल रहे 6 बच्चों ने खाए रतनजोत के जहरीले बीज, बेसुध हुए तो मचा हड़कंप!
इलाज के दौरान नहीं बच सकी जान
वन विभाग के अनुसार हादसे के बाद अजगर में कुछ जान बाकी थी। गंभीर चोटों के बावजूद उसे बचाने के लिए उपचार कराया गया, लेकिन उसकी हालत लगातार बिगड़ती गई। आखिरकार उपचार के दौरान उसने दम तोड़ दिया। वन विभाग की टीम ने इसके बाद मृत अजगर का पंचनामा तैयार कराया और नियमानुसार आगे की कार्रवाई की।
पीएम के बाद नियमानुसार किया गया निपटान
मृत अजगर का पशु चिकित्सक से पोस्टमार्टम कराया गया। आवश्यक वैधानिक प्रक्रिया पूरी करने के बाद वन विभाग ने नियमानुसार उसके शव का अंतिम संस्कार/निपटान कराया। विभाग ने पूरी कार्रवाई निर्धारित प्रक्रिया के तहत पूरी की, ताकि वन्यजीव की मौत के मामले में रिकॉर्ड और आवश्यक दस्तावेज भी तैयार किए जा सकें।
ये भी पढ़ें: सीहोर में लोन दिलाने के नाम पर 4 लाख की ठगी, ग्रामीणों ने आरोपी को पकड़ा
वन्यजीव बहुल क्षेत्र में पटरियां बनीं खतरे का रास्ता
रेंजर रचित द्विवेदी ने बताया कि बुधनी और आसपास का क्षेत्र वन्यजीव बहुल है। ऐसे क्षेत्रों में कई बार जंगली जीव भोजन, पानी या सुरक्षित रास्ते की तलाश में भटकते हुए आबादी और रेलवे ट्रैक तक पहुंच जाते हैं। इसी दौरान उनके ट्रेन की चपेट में आने का खतरा बना रहता है।




















