मिडिल ईस्ट में बढ़ा तनाव:टॉमहॉक मिसाइलों से लैस ‘HMS एनसन’ की एंट्री, होर्मुज जलडमरूमध्य पर ब्रिटेन की परमाणु पनडुब्बी तैनात

मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध का नया मोड़ सामने आया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की लगातार ईरान को धमकी देने के बीच ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने महत्वपूर्ण कदम उठाया है। ब्रिटिश पनडुब्बी HMS एनसन’, जो परमाणु ऊर्जा से चलती है और टॉमहॉक मिसाइलों व स्पीयरफिश टॉरपीडो से लैस है, अब स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के बेहद करीब पहुंच चुकी है।
ब्रिटिश पनडुब्बी की तैनाती और उसकी ताकत
ब्रिटेन की यह परमाणु पनडुब्बी 6 मार्च को ऑस्ट्रेलिया के पर्थ से रवाना हुई थी और अब अरब सागर के उत्तरी हिस्से में रणनीतिक स्थिति संभाल चुकी है। HMS एनसन में मौजूद हथियार इस पनडुब्बी को बेहद खतरनाक बनाते हैं।
- टॉमहॉक ब्लॉक IV मिसाइलें: 1,600 किलोमीटर तक मार करने की क्षमता।
- स्पीयरफिश हैवीवेट टॉरपीडो: समुद्र और सतह दोनों पर हमला करने में सक्षम।
इन हथियारों की मौजूदगी इस पनडुब्बी को मिडिल ईस्ट में सैन्य दृष्टि से अहम बनाती है।
अमेरिका, इजरायल और अब ब्रिटेन भी ईरान के खिलाफ सक्रिय
ब्रिटिश पनडुब्बी की स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में तैनाती इस बात का संकेत है कि अमेरिका और इजरायल के साथ अब ब्रिटेन भी ईरान के खिलाफ युद्ध में सक्रिय हो रहा है। इससे पहले ब्रिटेन ने अमेरिकी सेना को ईरान के खिलाफ अपने सैन्य ठिकानों का इस्तेमाल करने की इजाजत दे दी थी। ब्रिटेन का यह कदम मिडिल ईस्ट में तनाव और बढ़ा सकता है। अरब सागर में इस तरह की सैन्य तैनाती से ईरान की रणनीति पर भी असर पड़ सकता है।
ट्रंप की धमकी और युद्ध की संभावना
पिछले तीन हफ्तों से मिडिल ईस्ट में संघर्ष लगातार बढ़ रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की धमकियों के बीच HMS एनसन की स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में मौजूदगी ईरान पर दबाव बढ़ाने की कोशिश माना जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि अब युद्ध का परिदृश्य पहले से और अधिक जटिल हो गया है। किसी भी छोटी चूक या गलत समझ से स्थिति पूरी तरह से तनावपूर्ण बन सकती है।
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ब्रिटेन का बड़ा राजनीतिक और सैन्य कदम
कीर स्टार्मर की सरकार ने यह फैसला इसलिए भी लिया है क्योंकि मिडिल ईस्ट में स्थिरता बनाए रखना अब ब्रिटेन की रणनीतिक प्राथमिकता बन गई है। ब्रिटेन का यह कदम अमेरिका और इजरायल के साथ तालमेल को और मजबूत करता है और इस क्षेत्र में अपनी सैन्य ताकत का भी प्रदर्शन करता है। HMS एनसन की तैनाती यह स्पष्ट करती है कि ब्रिटेन अब केवल राजनीतिक समर्थन ही नहीं, बल्कि सैन्य मोर्चे पर भी ईरान संघर्ष में सक्रिय भूमिका निभाने जा रहा है।












