मेट गाला में ‘यूरिन प्रोटेस्ट’!फैशन की सबसे बड़ी रात में बवाल, जेफ बेजोस के खिलाफ ऐसा विरोध क्यों?

दुनिया के सबसे ग्लैमरस फैशन इवेंट Met Gala 2026 की शुरुआत से ठीक पहले मेट्रोपॉलिटन म्यूजियम के स्टाफ के होश उड़ गए। वेन्यू के अलग-अलग हिस्सों में सैकड़ों पीली बोतलें छिपाकर रखी गई थीं। पहली नजर में ऐसा लगा जैसे उनमें पेशाब भरा हो। कुछ ही मिनटों में पूरे इवेंट में अफरा-तफरी मच गई और हर कोई यही जानना चाहता था कि आखिर इस हाई-प्रोफाइल इवेंट में ऐसा किसने किया।
जेफ बेजोस के खिलाफ निकला गुस्सा
जांच के बाद सामने आया कि यह विरोध जेफ बेजोस के खिलाफ था। रिपोर्ट्स के मुताबिक, ‘एवरीवन हेट्स एलन’ नाम के एक एक्टिविस्ट ग्रुप ने इस पूरे प्रदर्शन की जिम्मेदारी ली। बोतलों पर जेफ बेजोस की तस्वीरें चिपकाई गई थीं, क्योंकि इस साल वह Met Gala 2026 के मुख्य स्पॉन्सर्स में शामिल थे।
अमेजन कर्मचारियों के मुद्दे को बनाया हथियार
प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि अमेजन के कई वेयरहाउस कर्मचारियों को काम के दौरान पर्याप्त टॉयलेट ब्रेक नहीं दिए जाते और उन्हें मजबूरी में बोतलों का इस्तेमाल करना पड़ता है। इसी मुद्दे को दुनिया के सामने लाने के लिए इस विरोध को अंजाम दिया गया। सोशल मीडिया पर वायरल पोस्ट में ग्रुप ने दावा किया कि यह “दुनिया के सबसे अमीर लोगों के साम्राज्य के पीछे की सच्चाई” दिखाने की कोशिश है।
ये भी पढ़ें: गुंडाराज, भ्रष्टाचार और गोलीबारी… ‘इंस्पेक्टर अविनाश 2’ के ट्रेलर में दिखा सत्ता का खेल, रणदीप हुड्डा की नई जंग शुरू
न्यूयॉर्क की सड़कों पर भी हुआ विरोध
मामला सिर्फ मेट गाला तक सीमित नहीं रहा। न्यूयॉर्क की सड़कों पर भी प्रदर्शनकारियों ने ‘बॉयकॉट बेजोस’ कैंपेन चलाया। कई जगह पोस्टर लगाए गए, ‘एंटी-मेट’ रनवे निकाले गए और बेजोस के पेंटहाउस के बाहर भी विरोध प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शनकारियों ने दीवारों पर कर्मचारियों के अधिकार और टैक्स से जुड़े संदेश भी प्रोजेक्ट किए।
फिर सामने आई बोतलों की असली सच्चाई
सोशल मीडिया पर विवाद बढ़ने के बाद प्रदर्शनकारी ग्रुप ने सफाई दी कि बोतलों में असली पेशाब नहीं था। उनके मुताबिक, उनमें सिर्फ पानी और पीला रंग भरा गया था। उन्होंने कहा कि मकसद गंदगी फैलाना नहीं, बल्कि अमेजन कर्मचारियों की परिस्थितियों की तरफ दुनिया का ध्यान खींचना था।
ग्लैमर के बीच छिड़ गई नई बहस
Met Gala 2026 हर साल फैशन और सेलिब्रिटी ग्लैमर के लिए चर्चा में रहता है, लेकिन इस बार विरोध प्रदर्शन ने पूरा फोकस बदल दिया। रेड कार्पेट और डिजाइनर आउटफिट्स के बीच कर्मचारियों के अधिकार, कॉर्पोरेट कल्चर और अमीरों की जिम्मेदारी जैसे मुद्दों पर नई बहस छिड़ गई है।











