ब्राजील के चुनाव में वॉट्सऐप चैनल "लूलाज आर्मी" का रोल अहम, ट्रंप ने कहा- चुनाव में हुई धांधली

साओ पाउलो। ब्राजील के प्रेसिडेंट लुइज इनासियो लूला डा सिल्वा ने प्रेसिडेंशियल इलेक्शन के दूसरे राउंड यानी रनऑफ में जीत हासिल की है। कड़े मुकाबले वाले इस इलेक्शन के बाद, वे चौथी बार (लगातार नहीं) प्रेसिडेंट का पद संभालेंगे। हालांकि, उनके राइवल फ्लावियो बोल्सोनारो इस रिजल्ट को लीगली चैलेंज कर सकते हैं। वहीं, अमेरिकन प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप ने भी वोटिंग पर सवाल उठाते हुए इसे धांधलीपूर्ण बताया है। लूला को 64 मिलियन (6.4 करोड़) से ज्यादा वोट मिले। वहीं, उनके राइवल बोल्सोनारो को लगभग 60 मिलियन (6 करोड़) वोट मिले। इस तरह लूला ने बोल्सोनारो को लगभग 4.4 मिलियन (44 लाख) वोटों से हराया। वे 5 जनवरी 2027 को चौथी बार (लगातार नहीं) प्रेसिडेंट के रूप में अपना पद संभालेंगे। लूला की वापसी में एक अहम रोल उन वोटर्स का रहा, जिन्होंने पहले राउंड में वोट नहीं दिया था या किसी अन्य कैंडिडेट को सपोर्ट किया था। दूसरे राउंड की वोटिंग में 1.41 करोड़ एडिशनल वोटर्स शामिल हुए। एक्सपर्ट्स का एस्टीमेट है कि इनमें से तीन-चौथाई वोट लूला को मिले। इस इलेक्शन कैंपेन में सांसद आंद्रे जानोनेस का वॉट्सएप चैनल, "लूलाज आर्मी" (Lula’s Army) काफी अहम रहा। इससे लगभग 1.1 करोड़ लोग जुड़े और सपोर्टर्स को सोशल मीडिया पर कैंपेन करने के लिए मोटिवेट किया गया।
ब्राजील चुनाव में बवाल! लूला की जीत पर बोल्सोनारो ने उठाए सवाल, नतीजे रद्द करने की मांग
नए तरीके से किया अपना प्रचार
साओ पाउलो में 'फंडाकाओ गेटुलियो वर्गास' (Fundação Getulio Vargas) में इंटरनेशनल रिलेशंस के प्रोफेसर ओलिवर स्टुएंकेल ने AP से कहा कि जानोनेस ने एक एग्रेसिव और कंटीन्यूअस डिजिटल स्ट्रैटेजी अपनाई थी।स्टुएंकेल ने कहा, उन्होंने असल में राइट-विंग आइडियोलॉजी वाली एग्रेसिव पॉलिटिक्स का तरीका अपनाया, जिसमें बहुत तेज और लगातार मैसेज भेजना शामिल था। AP के अनुसार, उन्होंने कहा कि पहले राउंड की हार ने लूला के कैंपेन को एक्शन में ला दिया। पहले राउंड की स्ट्रैटेजी काफी वीक थी और इसमें काफी इंटरनल क्लैश देखने को मिला।
मेटा पर लगा बायस्ड होने का आरोप
"ब्रासीलिया यूनिवर्सिटी में इंटरनेशनल रिलेशंस के प्रोफेसर जूलियानो कॉर्टिन्हास ने कहा कि डिजिटल कैंपेन ने मेटा (जिसके पास वॉट्सएप, इंस्टाग्राम और फेसबुक हैं) पर प्रेशर बनाने में भी हेल्प की। मेटा पर आरोप था कि वह बोल्सोनारो के फेवर में बायस दिखा रहा है। कॉर्टिन्हास ने AP को बताया- हमें बड़े प्लेटफॉर्म्स की ओर से 'एक्सटर्नल इंटरफेरेंस' का सामना करना पड़ रहा था। उन्होंने आगे कहा, "सिर्फ मेटा ही नहीं, कई अन्य प्लेटफॉर्म भी अपने एल्गोरिदम का यूज करके 'फार-राइट' यानी कट्टर राइट-विंग आइडियोलॉजी वाली इमेज और मैसेज को बार-बार दिखा रहे थे। वहीं, उन्होंने लेफ्ट-विंग आइडियोलॉजी के लिए ऐसा नहीं किया।
कोर्ट ने कहा था- दोनों कैंडिडेट्स से बराबर ट्रीटमेंट के लिए
ब्राजील की टॉप इलेक्शन कोर्ट ने 15 अक्टूबर को ऑर्डर दिया कि मेटा को दोनों कैंडिडेट्स के साथ इक्वल ट्रीटमेंट इंश्योर करना होगा। इसके बाद कंपनी ने कहा कि उसने इस ऑर्डर को इम्प्लीमेंट कर दिया है। इस बीच, सोमवार को ट्रंप ने रिजल्ट्स पर सवाल उठाते हुए कहा कि इलेक्शन ऐसे होने चाहिए जिन पर कोई डिस्प्यूट न हो और मुझे यह सब बहुत खराब लगा। उन्होंने आगे कहा- जिस तरह से वोटों की काउंटिंग यानी टैबुलेशन की गई, वह बहुत ही गलत लग रहा था।
बिना सबूत ट्रंप ने लगाए आरोप
बिना कोई एविडेंस दिए ट्रंप ने कहा- सच कहूं तो, यह एक और रिग्ड इलेक्शन लग रहा था। फ्लेवियो बोल्सोनारो ने लूला के अगेंस्ट अपोजिशन को यूनाइट करने और इलेक्शन रिजल्ट्स को कैंसल कराने की कोशिश का संकल्प लिया है। उन्होंने कहा, "मैं अपनी स्ट्रैटेजी तैयार करने के लिए इलेक्टेड सांसदों और सीनेटर्स को इकट्ठा करने जा रहा हूं। हम लोअर हाउस और सीनेट को एक ऐसे फोर्ट में बदल देंगे। यह लूला के अगले चार साल के टर्म में होने वाले बर्बर एक्शन्स के खिलाफ एक शील्ड का काम करेगा।
आठ मेंबर वाली इलेक्टोरल कोर्ट की अप्रूवल जरूरी
हालांकि, रिजल्ट्स को पलटने के लिए इस बात के एविडेंस चाहिए होंगे कि रिगिंग की वजह से लूला को मिले 44 लाख वोटों के मार्जिन पर असर पड़ा है। साथ ही, 18 दिसंबर को रिजल्ट्स के ऑफिशियल सर्टिफिकेशन से पहले, ब्राजील की आठ मेंबर वाली इलेक्टोरल कोर्ट की अप्रूवल भी जरूरी होगी। स्टिमसन सेंटर के लैटिन अमेरिका प्रोग्राम के डायरेक्टर बेंजामिन गेदान ने चेतावनी दी है कि रिगिंग के फॉल्स क्लेम्स अब आम बात हो गए हैं, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि ये क्लेम्स कम खतरनाक हैं।



















