Microsoft VEO Program: अपनी मर्जी से नौकरी छोड़ने पर कंपनी देगी पैसे, 1 दिसंबर तक है मौका; जानें क्या हैं शर्तें?

दिग्गज टेक कंपनी माइक्रोसॉफ्ट ने सोमवार को अपने कर्मचारियों के लिए वॉलंटरी एग्जिट ऑफर (VEO) का ऐलान किया। इसके तहत जो कर्मचारी अपनी मर्जी से कंपनी छोड़ना चाहते हैं, उन्हें आर्थिक मदद और आगे के करियर की प्लानिंग के लिए जरूरी संसाधन मिलेंगे। कंपनी ने यह जानकारी अपने आधिकारिक ब्लॉग पोस्ट में साझा की है। यह कदम ऐसे समय आया है जब माइक्रोसॉफ्ट AI इंफ्रास्ट्रक्चर, डेटा सेंटर और नई तकनीकों में बड़ा निवेश कर रही है। साथ ही कंपनी अपने कार्यबल को नई जरूरतों के हिसाब से ढालने की कोशिश में है।
किन देशों में लागू है यह स्कीम?
यह ऑफर चार देशों के कर्मचारियों के लिए है-
- भारत
- अमेरिका
- ब्रिटेन
- कनाडा
कौन है पात्र? जानिए Level 70 का नियम
माइक्रोसॉफ्ट की एग्जीक्यूटिव वाइस प्रेसिडेंट और चीफ पीपल ऑफिसर एमी कोलमैन ने ब्लॉग पोस्ट में नियम बताए हैं: यह ऑफर सीमित समय के लिए है। यह लेवल 70 या उससे नीचे के ग्रेड वाले कर्मचारियों के लिए है। यह सिर्फ चुनिंदा टीमों में लागू होगा। माइक्रोसॉफ्ट में सीनियरिटी तय करने के लिए अलग-अलग इंटरनल जॉब ग्रेड होते हैं, और लेवल 70 उन्हीं में से एक है। कोलमैन ने साफ किया कि यह प्रोग्राम कंपनी के सभी विभागों में एक जैसा लागू नहीं होगा। कौन सी टीम शामिल होगी, यह बिजनेस की प्राथमिकताओं, ग्राहकों से किए गए वादों और कार्यबल की जरूरतों पर निर्भर करेगा।
कर्मचारियों को क्या-क्या मिलेगा?
कंपनी का पैकेज स्टैंडर्ड सेवरेंस अरेंजमेंट यानी छंटनी के समय मिलने वाले मुआवजे जैसा है। ऑफर स्वीकार करने पर कर्मचारी को मिलेगा-
- सैलरी: कंपनी में पूरे किए गए हर एक साल के बदले एक महीने की बेस सैलरी।
- हेल्थ इंश्योरेंस: स्वास्थ्य बीमा का लाभ।
- करियर ट्रांजिशन सर्विस: नई नौकरी तलाशने में मदद।
उदाहरण के लिए, किसी कर्मचारी ने कंपनी में 5 साल पूरे किए हैं, तो उसे 5 महीने की बेस सैलरी मिलेगी।
भारत के कर्मचारियों के लिए क्या है आखिरी तारीख?
भारत में जो कर्मचारी इस ऑफर के दायरे में आते हैं, उन्हें फैसला लेने के लिए 1 दिसंबर तक का समय दिया गया है। कंपनी सभी योग्य कर्मचारियों को ईमेल भेज रही है, जिसमें एग्जिट ऑफर की सारी शर्तें विस्तार से लिखी होंगी। माइक्रोसॉफ्ट में भारत के अंदर करीब 23,000 कर्मचारी काम करते हैं। हालांकि अभी यह साफ नहीं है कि इनमें से कितने इस प्रोग्राम के योग्य होंगे।
एमी कोलमैन ने क्या कहा?
कोलमैन के मुताबिक, जो कर्मचारी कंपनी के बाहर अपना भविष्य देखना चाहते हैं, उनके लिए यह सपोर्ट के साथ आगे बढ़ने का नया विकल्प है। इससे कंपनी के अलग-अलग बिजनेस को भी बदलती जरूरतों के हिसाब से वर्कफोर्स एडजस्ट करने का मौका मिलेगा। उन्होंने माना कि वॉलंटरी एग्जिट ऑफर माइक्रोसॉफ्ट के लिए एक नई चीज है और कंपनी इससे आगे सीखेगी। उन्होंने यह भरोसा भी दिलाया कि कंपनी कर्मचारियों को नए स्किल्स सिखाने और कंपनी के भीतर करियर के नए मौके तलाशने में मदद करती रहेगी। उनका कहना है कि हर टीम या हर कर्मचारी के लिए कोई एक फिक्स फॉर्मूला नहीं हो सकता।
भारत में निवेश पर क्या है कंपनी का रुख?
एग्जिट ऑफर की चर्चा के बीच माइक्रोसॉफ्ट ने भारत को लेकर अपनी प्रतिबद्धता भी दोहराई है। कंपनी के प्रवक्ता के मुताबिक, कंपनी भारत के टैलेंट और टेक्नोलॉजी इकोसिस्टम में लगातार निवेश कर रही है साल 2025 से 2029 के बीच क्लाउड, AI इंफ्रास्ट्रक्चर, स्किलिंग और ऑपरेशंस में 20.5 अरब डॉलर के निवेश का वादा किया गया है कंपनी 2030 तक 2 करोड़ भारतीयों को AI स्किल्स से लैस करने के लक्ष्य पर सही ट्रैक पर है।
आम सवाल
क्या यह ऑफर सभी कर्मचारियों के लिए है। नहीं। यह सिर्फ चुनिंदा टीमों के लेवल 70 या उससे नीचे के कर्मचारियों के लिए है। क्या कर्मचारी को ऑफर लेना जरूरी है? नहीं। यह पूरी तरह स्वैच्छिक है। कर्मचारी अपनी मर्जी से फैसला ले सकते हैं। क्या यह छंटनी है? कंपनी ने इसे स्वैच्छिक विकल्प बताया है, हालांकि इसका पैकेज छंटनी के समय मिलने वाले मुआवजे जैसा है।



















