चर्च में 9 लोगों की मौत, फिर जॉर्डन ने बरसाए बम! सीरिया में कई ठिकाने तबाह

जॉर्डन में एक चर्च पर हुए हमले के बाद सरकार ने बड़ी सैन्य कार्रवाई की है। जॉर्डन की वायुसेना ने पड़ोसी देश सीरिया में कुछ संदिग्ध चरमपंथी समूहों के खिलाफ हवाई हमले किए हैं। यह कार्रवाई शुक्रवार को जॉर्डन के कराक शहर में ग्रीक ऑर्थोडॉक्स चर्च पर हुए हमले के जवाब में की गई। चर्च पर हुए हमले में 9 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि 24 से ज्यादा लोग घायल हुए थे। इस घटना से पूरे देश में गुस्सा और दुख का माहौल है।
चर्च पर हमले के बाद सीरिया में एयरस्ट्राइक
जॉर्डन ने सोमवार को बताया कि उसकी वायुसेना ने सीरिया में कुछ चरमपंथी समूहों को निशाना बनाया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, हवाई हमलों में कई लड़ाके मारे गए या घायल हुए हैं। इसके अलावा उनके कई वाहन भी नष्ट हो गए। हालांकि, जॉर्डन ने यह साफ नहीं किया है कि किन समूहों को निशाना बनाया गया और सीरिया में किन जगहों पर हमले हुए। इस कार्रवाई को लेकर सीरिया के अधिकारियों की ओर से तत्काल कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
अंतिम संस्कार के दौरान चर्च में हुआ था हमला
यह घटना शुक्रवार को जॉर्डन के कराक शहर में हुई थी। यहां एक ग्रीक ऑर्थोडॉक्स चर्च में अंतिम संस्कार का कार्यक्रम चल रहा था। इसी दौरान बंदूकधारियों ने हमला कर दिया। इस घटना में 9 लोगों की जान चली गई, जबकि दो दर्जन से ज्यादा लोग घायल हो गए। कराक शहर जॉर्डन की राजधानी अम्मान से करीब 90 किलोमीटर दक्षिण में स्थित है। यहां ईसाई समुदाय की अल्पसंख्यक आबादी रहती है। इस हमले के बाद पूरे देश में शोक की लहर दौड़ गई। सरकार ने मृतकों की याद में तीन दिन का राष्ट्रीय शोक घोषित किया।
मुठभेड़ के बाद तीन संदिग्ध गिरफ्तार
चर्च पर हुए हमले की जांच के दौरान जॉर्डन की सुरक्षा एजेंसियों ने सोमवार सुबह तीन संदिग्धों को गिरफ्तार किया। अधिकारियों के मुताबिक, गिरफ्तारी से पहले सुरक्षा बलों और संदिग्धों के बीच मुठभेड़ हुई थी। इसमें तीनों आरोपी घायल हो गए। पुलिस ने गिरफ्तार लोगों की पहचान हज्जा जैदान मोहम्मद, मिशाल जैदान मोहम्मद और अहमद सामी हुसैन के रूप में की है। हज्जा और मिशाल आपस में भाई हैं, जबकि अहमद उनका बहनोई है। तीनों जॉर्डन के नागरिक हैं। सुरक्षा बलों ने इन्हें कराक इलाके से हिरासत में लिया।
खाली घर से हथियार और गोला-बारूद बरामद
जॉर्डन के पब्लिक सिक्योरिटी डायरेक्टोरेट के प्रमुख मेजर जनरल ओबैदल्लाह अब्द रब्बो अल-मायाता ने बताया कि तीनों संदिग्ध एक खाली घर में छिपे हुए थे। सुरक्षा बलों ने कार्रवाई के दौरान उस घर से बड़ी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद बरामद किया। अधिकारियों ने आरोपियों की सोच को चरमपंथी बताया है। हालांकि, उन्होंने यह भी साफ किया कि अभी तक इन तीनों का किसी संगठित आतंकी संगठन से संबंध सामने नहीं आया है। उनके मुताबिक, आरोपी किसी संगठन के लिए नहीं, बल्कि अपनी सोच के आधार पर काम कर रहे थे।
जॉर्डन के राजा ने दिए सख्त कार्रवाई के आदेश
जॉर्डन के राजा अब्दुल्ला द्वितीय ने चर्च पर हुए हमले की कड़ी निंदा की है। उन्होंने अधिकारियों को दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। आतंकवाद और समाज को बांटने वाली विचारधारा को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। वहीं, जॉर्डन के आंतरिक मंत्री माजेन अल-फराया ने कहा कि यह हमला आतंकवादी और कट्टरपंथी सोच का नतीजा है। उन्होंने चेतावनी दी कि ऐसी सोच को रोकना जरूरी है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाएं दोबारा न हों।
आरोपियों की गिरफ्तारी से पीड़ित परिवारों को राहत
चर्च हमले में जान गंवाने वाले लोगों के परिवार अब भी सदमे में हैं। जानकारी के मुताबिक, संदिग्धों की गिरफ्तारी से परिवारों को कुछ राहत मिली है। वहीं, हमले में बचने वाले फारिस हलासेह ने कहा कि आरोपियों के पकड़े जाने की खबर से थोड़ी राहत जरूर मिली है, लेकिन अपनों को खोने का दर्द लंबे समय तक बना रहेगा। फिलहाल जॉर्डन की सुरक्षा एजेंसियां पूरे मामले की जांच कर रही हैं। हमलावरों का असली मकसद क्या था और सीरिया में निशाना बनाए गए समूहों से उनका कोई संबंध था या नहीं, यह अभी साफ नहीं हो पाया है।


















