
बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता अनुपम खेर अपनी बेहतरीन एक्टिंग के लिए जितने मशहूर हैं, उतने ही अपनी सादगी भरी जिंदगी के लिए भी जाने जाते हैं। दशकों से फिल्म इंडस्ट्री में सक्रिय रहने के बावजूद उन्होंने एक ऐसा फैसला लिया है, जो आम तौर पर लोग नहीं सोचते। जहां ज्यादातर लोग पैसा कमाते ही जमीन, घर और प्रॉपर्टी में निवेश करते हैं, वहीं अनुपम खेर ने इससे उलट रास्ता चुना। उन्होंने खुद के लिए घर खरीदने के बजाय किराए के घर में रहना बेहतर समझा। हाल ही में एक बातचीत में उन्होंने इस फैसले के पीछे की वजह बताई।
एक इंटरव्यू में अनुपम खेर ने कहा कि किराए के घर में रहना उनकी मजबूरी नहीं, बल्कि एक सोच-समझकर लिया गया फैसला है। उन्होंने कहा कि मैंने अपने लिए घर नहीं खरीदा, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि मैं नहीं खरीद सकता था। यह मेरा चुनाव है। मुझे लगता है कि रहने के लिए जगह जरूरी है, चाहे वह आपकी अपनी हो या किराए की-दोनों में ज्यादा फर्क नहीं है। उनका मानना है कि एक समय के बाद इंसान को यह समझ आ जाता है कि असल जरूरतें क्या हैं और क्या चीजें सिर्फ दिखावे के लिए हैं।
अपनी निजी जिंदगी के बारे में बात करते हुए उन्होंने एक किस्सा भी साझा किया। अनुपम खेर ने बताया कि उन्होंने अपने लिए घर भले ही न खरीदा हो, लेकिन अपनी मां के सपने को जरूर पूरा किया। उन्होंने कहा कि मेरी मां ने 60 साल तक किराए के घर में जिंदगी बिताई थी। एक दिन उन्होंने कहा कि उन्हें शिमला में अपना घर चाहिए। वह एक छोटा सा घर चाहती थीं, लेकिन मैंने उनके लिए 8 कमरों वाला घर खरीदा। उन्होंने इसे सिर्फ एक जरूरत नहीं, बल्कि एक भावनात्मक और प्रतीकात्मक फैसला बताया।
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अनुपम खेर ने अपनी सोच को समझाते हुए कहा कि जब इंसान के पास पैसा आ जाता है, तब वह यह समझ पाता है कि उसे असल में कितनी चीजों की जरूरत है। उन्होंने कहा कि मैं खुद की तुलना गौतम बुद्ध से नहीं कर रहा, लेकिन वे भी एक राजकुमार थे। जब उन्होंने दुनिया देखी, तब उन्हें समझ आया कि असल जिंदगी क्या है। उसी तरह, जब आप पैसा कमा लेते हैं तो समझ आता है कि आपको बस रहने के लिए जगह चाहिए, एक गाड़ी चाहिए और कुछ जरूरी लोग चाहिए। इसके आगे सब कुछ अतिरिक्त है।
अपने इस फैसले के पीछे एक और बड़ी वजह बताते हुए अनुपम खेर ने कहा कि वह अपने जाने के बाद किसी भी तरह का विवाद नहीं चाहते। उन्होंने कहा कि अक्सर देखा जाता है कि किसी व्यक्ति के गुजर जाने के बाद संपत्ति को लेकर झगड़े शुरू हो जाते हैं। कई बार तो बच्चे ही माता-पिता पर दबाव डालते हैं या उन्हें घर से निकाल देते हैं। मैं नहीं चाहता कि मेरे बाद ऐसा कुछ हो। उन्होंने आगे कहा कि जितना हल्का रहोगे, उतना ऊंचा उड़ पाओगे।
अनुपम खेर ने एक पुराने इंटरव्यू में बताया था कि उन्होंने करीब 10 साल पहले अपना घर बेच दिया था। खास बात यह रही कि वह घर आलिया भट्ट ने खरीदा था। उन्होंने बताया कि मैंने अपना घर बेच दिया और फिर मैं और किरण खेर एक जगह रहने लगे। सोचा था कि नया घर जल्द मिल जाएगा, लेकिन ऐसा होने में करीब चार साल लग गए। इस दौरान भी उन्होंने किराए के घर में रहना जारी रखा।
अनुपम खेर ने यह भी बताया कि उनकी इस सोच पर रतन टाटा का भी असर पड़ा है। उन्होंने कहा कि रतन टाटा जैसे बड़े उद्योगपति भी बेहद सादा जीवन जीते थे और छोटे घर में रहते थे। यही चीज उन्हें प्रेरित करती है कि जिंदगी में सादगी बनाए रखना ज्यादा जरूरी है, न कि दिखावे के पीछे भागना।
अपने करियर की शुरुआत को याद करते हुए अनुपम खेर ने कहा कि उन्हें फिल्म सारांश के लिए सिर्फ 10,000 रुपये मिले थे। उन्होंने कहा कि आज मैं बहुत ज्यादा कमाता हूं, लेकिन असली उपलब्धि पैसा नहीं, बल्कि इंसान के रूप में आपका विकास है।