कोलकाता। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। भारतीय जनता पार्टी अप्रैल के पहले हफ्ते में अपना चुनावी मेनिफेस्टो जारी कर सकती है। सूत्रों के मुताबिक, पार्टी अपने घोषणा पत्र में राज्य कर्मचारियों को बड़ा तोहफा देने की तैयारी में है। इसमें सरकार बनने के 45 दिनों के भीतर 7वें वेतन आयोग को लागू करने और लंबित महंगाई भत्ता (DA) का भुगतान करने का वादा शामिल हो सकता है।
फिलहाल पश्चिम बंगाल में राज्य कर्मचारियों को करीब 22% महंगाई भत्ता मिल रहा है, जबकि केंद्र सरकार के कर्मचारियों को लगभग 56% DA दिया जा रहा है। इस बड़े अंतर को लेकर लंबे समय से राज्य कर्मचारियों में नाराजगी बनी हुई है और वे लगातार आंदोलन कर रहे हैं।
ऐसे में बीजेपी इस मुद्दे को चुनावी हथियार बनाकर ममता बनर्जी सरकार को घेरने की रणनीति पर काम कर रही है। दूसरी ओर, राज्य में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस इस मुद्दे पर पहले ही केंद्र पर आर्थिक दबाव का आरोप लगाती रही है।
चुनावी माहौल के बीच हिंसा की घटनाएं भी सामने आ रही हैं। दक्षिण 24 परगना जिले के बासंती (एससी) विधानसभा क्षेत्र में चुनाव प्रचार के दौरान बीजेपी और टीएमसी समर्थकों के बीच झड़प हो गई, जिसमें 20 से अधिक लोग घायल हो गए। इस सीट पर 29 अप्रैल को दूसरे चरण में मतदान होना है। प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए हैं।
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इधर असम में भी चुनावी बयानबाजी तेज हो गई है। राज्य के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने दरांग जिले में रोड शो के दौरान दावा किया कि इस बार चुनाव में बीजेपी ऐतिहासिक जीत दर्ज करेगी। उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि असम में पार्टी ने अपने राजनीतिक विरोधियों की ताकत को काफी हद तक खत्म कर दिया है और आने वाले समय में पूरी तरह समाप्त कर देगी।
वहीं कांग्रेस पर हमला बोलते हुए सरमा ने कहा कि देश में कोई भी कांग्रेस में शामिल होना नहीं चाहता और पार्टी अब सत्ता से दूर हो चुकी है। उनके इस बयान ने राजनीतिक माहौल को और गर्म कर दिया है।
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तमिलनाडु में भी बीजेपी अपनी स्थिति मजबूत करने की कोशिश में जुटी है। पार्टी की महिला मोर्चा अध्यक्ष वनथी श्रीनिवासन ने कहा कि पूर्व राज्य अध्यक्ष के. अन्नामलाई को आगामी चुनाव में जरूर उतरना चाहिए। अन्नामलाई 2021 के विधानसभा चुनाव में अरावकुरिची सीट से मैदान में उतरे थे, लेकिन उन्हें हार का सामना करना पड़ा था।
कुल मिलाकर, पश्चिम बंगाल समेत अन्य राज्यों में चुनावी गतिविधियां तेजी पकड़ रही हैं और आने वाले दिनों में राजनीतिक बयानबाजी और रणनीतियां और तेज होने के आसार हैं।