लखनऊ में सीएम योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में निकली इस पदयात्रा में भाजपा और सहयोगी दलों के नेता शामिल हुए। महिला आरक्षण बिल का विरोध करने वाले दलों को निशाने पर लेते हुए भाजपा ने इसे जन अभियान का रूप देने की रणनीति बनाई है, जिससे प्रदेश में राजनीतिक माहौल और गरमा गया है।
मंगलवार को निकली इस जनआक्रोश पदयात्रा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सबसे आगे चलते नजर आए और उनके साथ दोनों डिप्टी सीएम बृजेश पाठक और केशव प्रसाद मौर्य भी मौजूद रहे। सिर पर गमछा बांधे योगी का यह अंदाज समर्थकों के बीच चर्चा का केंद्र बन रहा है। इसके अलावा बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी भी इस मार्च में शामिल हुए। बता दें कि यह पदयात्रा सीएम आवास से विधानसभा तक निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं की भागीदारी देखने को मिली और इसे शक्ति प्रदर्शन के तौर पर देखा जा रहा है।
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पदयात्रा के समापन के बाद नेताओं ने विपक्षी दलों पर जमकर निशाना साधा। प्रदेशाध्यक्ष पंकज चौधरी ने कहा कि सपा और कांग्रेस ने वोट बैंक की राजनीति के चलते महिला आरक्षण बिल का विरोध किया है। वहीं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में समाजवादी पार्टी और कांग्रेस पर लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ काम करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि इन दलों का रवैया महिला विरोधी है और यही वजह है कि आज देशभर में महिलाओं के सम्मान के लिए आवाज उठाई जा रही है। सीएम योगी ने यह भी कहा कि जनता अब ऐसे रवैये को स्वीकार नहीं करेगी।
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने भाषण में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नीतियों का जिक्र करते हुए कहा कि सरकार की योजनाएं महिला, गरीब, युवा और किसान जैसे वर्गों को केंद्र में रखकर बनाई गई हैं। उन्होंने विपक्ष पर आरोप लगाया कि वह हर जनहितकारी योजना का विरोध करता है। योगी ने कार्यकर्ताओं से अपील की कि इस जनआक्रोश को हर जिले और बूथ स्तर तक अभियान के रूप में आगे बढ़ाया जाए। साथ ही उन्होंने गर्मी को देखते हुए व्यवस्थाओं का ध्यान रखने की भी बात कही, ताकि किसी को असुविधा न हो और आंदोलन प्रभावी तरीके से जारी रह सके।