Naresh Bhagoria
29 Jan 2026
Naresh Bhagoria
29 Jan 2026
Naresh Bhagoria
29 Jan 2026
Shivani Gupta
29 Jan 2026
नई दिल्ली। बिहार सरकार में मंत्री नितिन नबीन को भाजपा ने बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है। पार्टी ने उन्हें राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बनाया गया है। रविवार को भाजपा के पार्लियामेंट्री बोर्ड के इस फैसले की जानकारी राष्ट्रीय महामंत्री अरुण सिंह ने दी। 2024 लोकसभा चुनाव के बाद पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा को स्वास्थ्य मंत्री बनाया गया था। उस समय से तब से नए राष्ट्रीय अध्यक्ष की तलाश की जा रही थी।
नितिन नबीन ने मेहनती कार्यकर्ता के तौर पर अलग पहचान बनाई है। वे युवा और परिश्रमी नेता हैं, जिनके पास संगठन का अच्छा -खासाअनुभव है। बिहार में वे कई कार्यकालों तक विधायक और मंत्री के रूप में सेवाएं दे चुके हैं। उन्हें राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बनने की बधाई।
बिहार के कैबिनेट मंत्री नितिन नबीन के भाजपा के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बनाए जाने पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी एक्स पोस्ट पर बधाई दी है। उन्होंने पोस्ट में लिखा, ‘बिहार की धरती से आने वाले युवा और ऊर्जावान नेता श्री नितिन नबीन को भाजपा के कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त किए जाने पर हार्दिक बधाई। वे एक कर्मठ कार्यकर्ता और कल्पना क्षमता के धनी व्यक्ति हैं.’
नितिन नबीन सिन्हा कायस्थ समुदाय से आते हैं और वर्तमान में बिहार सरकार में सड़क निर्माण मंत्री हैं। वह दिग्गज भाजपा नेता नवीन किशोर सिन्हा के बेटे हैं और अब तक पांच बार विधायक चुने जा चुके हैं। महज 45 साल की उम्र में नितिन नबीन को यह बड़ी जिम्मेदारी देकर भाजपा ने उन्हें पार्टी का सबसे कम उम्र का नेता बना दिया है, जिसने यह पद संभाला है।
वहीं दिलचस्प है कि जब अमित शाह भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष बने थे, तब उनकी उम्र 50 साल थी। ऐसे में नितिन नबीन को आगे कर भाजपा ने साफ तौर पर युवा चेहरे पर बड़ा दांव खेला है।
2025 के विधानसभा चुनाव के बाद बनी नीतीश कुमार–सम्राट चौधरी सरकार में नितिन नबीन को कैबिनेट मंत्री बनाया गया। वर्तमान में वे बिहार सरकार में पथ निर्माण मंत्री के रूप में जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। इससे पहले भी वे 2021–2022 के दौरान इसी विभाग के मंत्री रह चुके हैं।
इसके अलावा 2024–2025 के बीच नितिन नबीन ने नगर विकास एवं आवास तथा कानून एवं न्याय मंत्री के तौर पर भी दायित्व संभाला। इन विभागों में रहते हुए नितिन नबीन ने शहरी विकास, प्रशासनिक सुधार के साथ-साथ व्यवस्था को मजबूत करने पर जोर दिया।