Naresh Bhagoria
29 Jan 2026
चंडीगढ़। चंडीगढ़ स्थित पंजाब सेक्रेटेरिएट और मिनी सचिवालय को बम से उड़ाने की धमकी मिली है। यह धमकी ईमेल के जरिए भेजी गई, जिसके बाद प्रशासन और सभी सुरक्षा एजेंसियां तुरंत अलर्ट मोड पर आ गईं। एहतियातन पंजाब सचिवालय के साथ-साथ हरियाणा सचिवालय परिसर को भी खाली करा लिया गया। अधिकारियों और कर्मचारियों को सुरक्षित बाहर निकालकर पूरे परिसर को सील कर दिया गया है। शहर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है।
जानकारी के अनुसार, धमकी भरा ईमेल खालिस्तान नेशनल आर्मी के नाम से भेजा गया है। यह मेल एम गिल नाम के जीमेल अकाउंट से आया था, जिसमें इंजीनियर गुरनाख सिंह रुकन शाहवाला की ओर से धमकी देने की बात लिखी गई है।
ईमेल में मुख्यमंत्री भगवंत मान को सीधे तौर पर निशाना बनाया गया है और पंजाब सरकार को धमकाने वाली भाषा का इस्तेमाल किया गया है। मेल में यह दावा किया गया कि, सचिवालय परिसर में विस्फोटक सामग्री (IED बैटरियां) पहले से तैयार हैं और किसी भी समय धमाका किया जा सकता है।
धमकी की सूचना मिलते ही चंडीगढ़ पुलिस, पंजाब पुलिस, CISF, बम निरोधक दस्ता (BDS), डॉग स्क्वायड, फायर ब्रिगेड और अन्य सुरक्षा एजेंसियां मौके पर पहुंच गईं। पूरे सचिवालय परिसर को तुरंत खाली कराया गया और सभी कर्मचारियों व अधिकारियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। इसके बाद पूरे इलाके को सील कर गहन तलाशी अभियान शुरू किया गया।
सुरक्षा एजेंसियों द्वारा सचिवालय के हर ब्लॉक, हर कमरे, गलियारे, पार्किंग एरिया और आसपास के क्षेत्रों की बारीकी से जांच की जा रही है, ताकि किसी भी संदिग्ध वस्तु या विस्फोटक सामग्री का पता लगाया जा सके।
धमकी के बाद सचिवालय में चल रहे सभी प्रशासनिक कार्य अस्थायी रूप से रोक दिए गए हैं। अधिकारियों को अगले आदेश तक परिसर में प्रवेश नहीं करने की सलाह दी गई है। सचिवालय क्षेत्र में भारी पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है और पूरे इलाके को हाई सिक्योरिटी ज़ोन घोषित कर दिया गया है। आम नागरिकों की आवाजाही पर भी सख्त निगरानी रखी जा रही है।
जानकारी के अनुसार, यह धमकी एक जीमेल अकाउंट से भेजी गई है। मामला सामने आते ही सभी सीनियर अधिकारियों को अलर्ट किया गया और जांच शुरू कर दी गई। पुलिस की साइबर सेल यह पता लगाने में जुटी है कि ईमेल कहां से भेजी गई, इसके पीछे कौन लोग हैं और इसका नेटवर्क किस स्तर तक फैला हुआ है। सुरक्षा एजेंसियों की प्राथमिकता है कि, हर जगह की गहन तलाशी हो और किसी भी खतरे की संभावना को पूरी तरह खत्म किया जाए।
इस पूरे मामले में पुलिस थाना सेक्टर-17 में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम (IT Act) की धारा 66F के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। मामले की जांच तेज़ी से जारी है और जांच पूरी होने के बाद ही स्थिति को सामान्य करने की अनुमति दी जाएगी।
मामले को देखते हुए केंद्र और राज्य स्तर की सभी सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट मोड पर हैं। प्रशासन ने आम लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और सुरक्षा एजेंसियों का सहयोग करें। फिलहाल किसी भी प्रकार की विस्फोटक सामग्री मिलने की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन सुरक्षा एजेंसियां किसी भी तरह का जोखिम लेने के मूड में नहीं हैं।
इससे एक दिन पहले, बुधवार को चंडीगढ़ के 30 स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी मिली थी। इनमें 22 निजी और 8 सरकारी स्कूल शामिल थे। धमकी की सूचना मिलते ही एंटी-सबोटाज टीम, बम निरोधक दस्ता, स्थानीय पुलिस, फायर ब्रिगेड, एंबुलेंस और पीसीआर टीमें स्कूल परिसरों में भेजी गईं।

मानक सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत सभी स्कूलों में गहन तलाशी ली गई, लेकिन किसी भी स्थान से कोई विस्फोटक या संदिग्ध सामग्री बरामद नहीं हुई। इसके बावजूद सुरक्षा एजेंसियों ने इसे गंभीरता से लेते हुए सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी है।
स्कूलों को भेजे गए धमकी भरे ईमेल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी पंजाब दौरे के दौरान निशाना बनाने की बात सामने आई थी। इस कारण पूरे मामले को राष्ट्रीय सुरक्षा के दृष्टिकोण से बेहद गंभीर माना जा रहा है।