NEET UG 2026 Re-Exam :कड़ी सुरक्षा के बीच 22.79 लाख छात्र दोबारा देंगे परीक्षा, एयरफोर्स से पहुंचे पेपर; जानिए इस बार क्या-क्या बदला

नई दिल्ली। देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET UG 2026 आज एक बार फिर आयोजित की जा रही है। करीब 22.79 लाख अभ्यर्थी इस परीक्षा में शामिल होंगे। इस बार सिर्फ परीक्षा नहीं, बल्कि इसकी सुरक्षा व्यवस्था भी चर्चा में है। पेपर लीक विवाद के बाद नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने पूरी परीक्षा प्रणाली में बड़े बदलाव किए हैं।
पहली बार प्रश्नपत्रों को सुरक्षित तरीके से अलग-अलग जोन तक पहुंचाने के लिए भारतीय वायुसेना के विमान और हेलिकॉप्टरों का इस्तेमाल किया गया। वहीं परीक्षा केंद्रों पर AI आधारित निगरानी, लाखों CCTV कैमरे, हजारों जैमर, बायोमेट्रिक सत्यापन और भारी सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है।
क्यों हो रहा है री-एग्जाम?
NEET UG 2026 की मूल परीक्षा 3 मई को हुई थी। इसके बाद कई राज्यों से कथित पेपर लीक की शिकायतें सामने आईं। NTA को 7 मई को शिकायत मिली। जांच के बाद 12 मई को परीक्षा रद्द कर दी गई और मामले की जांच CBI को सौंप दी गई। इसके बाद 15 मई को री-एग्जाम की तारीख घोषित की गई। अब तक इस मामले में 13 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है और जांच जारी है।
एक नजर में NEET UG 2026 री-एग्जाम
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जानकारी |
विवरण |
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परीक्षा की तारीख |
21 जून 2026 |
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कुल अभ्यर्थी |
22.79 लाख से अधिक |
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भारत में परीक्षा शहर |
551 |
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विदेश में परीक्षा केंद्र |
14 |
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कुल परीक्षा केंद्र |
5,440+ |
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परीक्षा की भाषा |
अंग्रेजी सहित 12 भारतीय भाषाएं |
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परीक्षा समय |
दोपहर 2:00 बजे से शाम 5:15 बजे तक |
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कुल अवधि |
3 घंटे 15 मिनट (195 मिनट) |
पहली बार इतनी कड़ी सुरक्षा व्यवस्था
पेपर लीक की घटनाओं को देखते हुए इस बार प्रश्नपत्रों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया गया है। पहली बार भारतीय वायुसेना के विमान और हेलिकॉप्टरों की मदद से 200 से अधिक उड़ानें भरकर प्रश्नपत्र देशभर के विभिन्न जोन तक पहुंचाए गए। इसके अलावा गोपनीय परीक्षा सामग्री को सुरक्षित रखने के लिए करीब 1500 बैंक शाखाओं में विशेष सुरक्षा व्यवस्था की गई है।
AI से होगी निगरानी
इस बार परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा का स्तर पहले से कहीं ज्यादा मजबूत किया गया है। सभी परीक्षा कक्षों में कुल 1.38 लाख से अधिक CCTV कैमरे लगाए गए हैं, जिनकी लाइव मॉनिटरिंग राष्ट्रीय, राज्य और मंत्रालय स्तर पर होगी। AI आधारित तकनीक के जरिए संदिग्ध गतिविधियों की पहचान की जाएगी। इलेक्ट्रॉनिक नकल रोकने के लिए 51 हजार से ज्यादा सिग्नल जैमर लगाए गए हैं, जबकि फेस ऑथेंटिकेशन और बायोमेट्रिक सत्यापन की भी व्यवस्था की गई है।
हर कमरे में दो इनविजिलेटर
परीक्षा के दौरान हर कक्ष में दो इनविजिलेटर मौजूद रहेंगे। प्रत्येक परीक्षा केंद्र पर सेंटर सिस्टम ऑफिसर (CSO) नियुक्त किया गया है, जो तकनीकी व्यवस्था और CCTV मॉनिटरिंग संभालेगा। देशभर में करीब 6,700 ऑब्जर्वर, 100 से अधिक वर्चुअल ऑब्जर्वर, 38 हजार से ज्यादा फ्रिस्किंग स्टाफ और 48 हजार से अधिक बायोमेट्रिक सत्यापन कर्मियों की तैनाती की गई है। प्रत्येक परीक्षा केंद्र पर औसतन 40 से 50 सुरक्षा कर्मी भी मौजूद रहेंगे।
री-एग्जाम में किए गए 5 बड़े बदलाव
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बदलाव |
नई व्यवस्था |
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परीक्षा समय |
180 मिनट से बढ़ाकर 195 मिनट |
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रफ वर्क पेज |
2 की जगह 4 पेज |
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रफ पेज की व्यवस्था |
निर्देशों के बाद और अंत में अतिरिक्त पेज |
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नई बुकलेट |
लेफ्ट हैंडेड छात्रों को ध्यान में रखकर डिजाइन |
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सभी भाषाओं में नियम |
सभी रीजनल लैंग्वेज पेपर में नए नियम लागू |
PwD छात्रों को मिलेगा अतिरिक्त समय
दिव्यांग (PwD) और PwBD श्रेणी के अभ्यर्थियों को अतिरिक्त समय दिया जाएगा। सामान्य अभ्यर्थियों की परीक्षा शाम 5:15 बजे समाप्त होगी, जबकि इन श्रेणी के छात्रों को शाम 6:20 बजे तक परीक्षा लिखने की अनुमति होगी।
राज्यों में क्या-क्या खास इंतजाम?
दिल्ली
- DTC और क्लस्टर बसों में मुफ्त यात्रा।
- परीक्षा केंद्रों के बाहर ORS, पीने का पानी और नींबू पानी।
- अभिभावकों के लिए कूलिंग जोन।
मध्य प्रदेश
- 30 शहरों में परीक्षा।
- रेलवे ने 20 और 21 जून को भोपाल, इंदौर और रतलाम के लिए विशेष ट्रेनें चलाई हैं।
राजस्थान
- 611 परीक्षा केंद्र।
- CCTV, सिग्नल जैमर और 24 घंटे निगरानी।
- वीडियोग्राफी भी होगी।
- SOG और इंटेलिजेंस एजेंसियां सक्रिय रहेंगी।
तमिलनाडु
- 31 जिलों में 307 से अधिक केंद्र।
- 1.4 लाख से ज्यादा उम्मीदवार।
तेलंगाना
- RTC बसों में मुफ्त यात्रा।
- हॉल टिकट दिखाने पर सुविधा मिलेगी।
महाराष्ट्र
- मुंबई की सभी लोकल ट्रेनें पूरे शेड्यूल से चलेंगी।
- किसी भी रूट पर मेगा ब्लॉक नहीं रहेगा।
उत्तराखंड
- देहरादून के 16 परीक्षा केंद्रों के आसपास धारा 163 लागू।
- पांच या अधिक लोगों के एकत्र होने पर रोक।
परीक्षा में क्या ले जा सकते हैं?
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अनुमति है |
अनुमति नहीं है |
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एडमिट कार्ड |
मोबाइल फोन |
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फोटो ID |
स्मार्टवॉच |
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दो पासपोर्ट फोटो |
ब्लूटूथ डिवाइस |
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पारदर्शी पानी की बोतल |
ईयरफोन |
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धार्मिक पोशाक |
भारी ज्वेलरी |
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हल्के कपड़े |
मेटल बेल्ट बकल |
डायबिटिक छात्रों को मिलेगी यह सुविधा
डायबिटिक अभ्यर्थी अपने साथ शुगर टैबलेट, केला, सेब और संतरा जैसे खाद्य पदार्थ ला सकेंगे।
परीक्षा केंद्र जाते समय इन बातों का रखें ध्यान
NTA ने अभ्यर्थियों को सलाह दी है कि वे सुबह ही समय से घर से निकलें और 11 बजे से 1:30 बजे के बीच परीक्षा केंद्र पहुंच जाएं। दोपहर 1:30 बजे के बाद किसी भी अभ्यर्थी को प्रवेश नहीं मिलेगा। एडमिट कार्ड, फोटो आईडी और पासपोर्ट साइज फोटो साथ रखना अनिवार्य है। परीक्षा केंद्र का पता पहले से जांच लें और ट्रैफिक व मौसम को ध्यान में रखते हुए यात्रा की योजना बनाएं।
NTA की अपील- अफवाहों से रहें दूर
NTA ने छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर फैल रही किसी भी अपुष्ट जानकारी या कथित पेपर लीक की अफवाहों पर भरोसा न करें। एजेंसी ने कहा है कि सोशल मीडिया की लगातार निगरानी की जा रही है और गलत जानकारी फैलाने वालों पर कार्रवाई की जाएगी। छात्रों को केवल आधिकारिक वेबसाइट और नोटिफिकेशन पर ही भरोसा करने की सलाह दी गई है।
सवाल बनाने का तरीका भी बदला
इस बार प्रश्नपत्र तैयार करने की प्रक्रिया में भी बदलाव किया गया है। विषय विशेषज्ञों को यह नहीं बताया गया कि उनके तैयार किए गए प्रश्न किस परीक्षा के लिए उपयोग किए जाएंगे। सभी प्रश्नों को करीब 10 हजार सवालों वाले डिजिटल प्रश्न बैंक में रखा गया और तकनीक की मदद से अंतिम प्रश्नपत्र तैयार किया गया। इसका उद्देश्य गोपनीयता बढ़ाना और पेपर लीक की संभावना को कम करना है।
NEET पेपर लीक से री-एग्जाम तक पूरी टाइमलाइन
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तारीख |
क्या हुआ |
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3 मई |
NEET UG परीक्षा आयोजित |
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7 मई |
पेपर लीक की शिकायत NTA तक पहुंची |
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12 मई |
परीक्षा रद्द, CBI जांच शुरू |
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15 मई |
री-एग्जाम की घोषणा |
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24 मई |
सुप्रीम कोर्ट ने सुधार योजना मांगी |
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14 जून |
एडमिट कार्ड जारी |
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16 जून |
टेलीग्राम पर अस्थायी प्रतिबंध |
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17 जून |
टेलीग्राम हाईकोर्ट पहुंची |
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19 जून |
हाईकोर्ट ने याचिका खारिज की |
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21 जून |
री-एग्जाम आयोजित |
सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा?
पेपर लीक मामले की सुनवाई सुप्रीम कोर्ट में जारी है।
25 मई : कोर्ट ने कहा कि NTA ने पिछली घटनाओं से कोई सबक नहीं लिया।
29 मई : सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि NTA को UPSC जैसी संस्थाओं से सीखने की जरूरत है और परीक्षा प्रणाली में जवाबदेही तय होनी चाहिए।
NTA का सफर और विवाद
नेशनल टेस्टिंग एजेंसी की स्थापना 2018 में हुई थी। 2019 से यह NEET, JEE Main, CUET, UGC-NET समेत कई राष्ट्रीय परीक्षाएं आयोजित कर रही है। हाल के वर्षों में एजेंसी कई विवादों में रही है।
NEET UG 2024 - पेपर लीक और ग्रेस मार्क्स विवाद
UGC NET 2024 - परीक्षा रद्द
CSIR UGC NET 2024 - परीक्षा स्थगित
CUET UG 2024 - तकनीकी गड़बड़ियां
JEE Main - उत्तर कुंजी और परीक्षा प्रबंधन पर सवाल
NEET का सफर
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वर्ष |
प्रमुख घटनाक्रम |
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2013 |
पहली बार NEET आयोजित |
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2013 |
सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगाई |
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2016 |
NEET दोबारा लागू |
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2017 |
AIPMT पूरी तरह समाप्त |
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2019 |
NTA ने परीक्षा की जिम्मेदारी संभाली |
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2024 |
24 लाख से अधिक रजिस्ट्रेशन |
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2026 |
पेपर लीक के बाद पहली बार देशव्यापी री-एग्जाम |











