Twisha Sharma Death Case:CBI जांच तेज! CDR और CCTV पर कोर्ट में अहम सुनवाई, डिजिटल सबूतों से खुलेंगे राज

भोपाल। भोपाल के चर्चित ट्विशा शर्मा मौत मामले में जांच और कानूनी प्रक्रिया दोनों तेज हो गई हैं। मंगलवार को जिला अदालत में कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) और CCTV फुटेज को सुरक्षित रखने को लेकर दायर याचिकाओं पर सुनवाई हुई। इस बीच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने भी केस की जांच औपचारिक रूप से शुरू कर दी है। एजेंसी अब 12 मई की रात हुई घटना का पूरा क्रम समझने, डिजिटल सबूतों की जांच करने और दोनों पक्षों के आरोपों की गहराई से पड़ताल करने में जुटी है। मामला लगातार नए मोड़ ले रहा है।
कोर्ट में CDR और CCTV को लेकर बहस
इस केस में सबसे महत्वपूर्ण मुद्दा डिजिटल सबूतों का है। मृतका के परिवार की ओर से कॉल डिटेल रिकॉर्ड को सुरक्षित रखने की मांग की गई है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि घटना से पहले किन किन लोगों से बातचीत हुई थी। वहीं आरोपी पक्ष की ओर से CCTV फुटेज सुरक्षित रखने की अपील की गई है, जिससे घटनाक्रम को स्पष्ट किया जा सके। अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलों को गंभीरता से सुना और पुलिस को जरूरी रिपोर्ट और दस्तावेज पेश करने का समय भी दिया।
पुलिस की देरी से बढ़ी जांच की जटिलता
सोमवार को इस मामले की सुनवाई होनी थी, लेकिन पुलिस समय पर अपनी रिपोर्ट पेश नहीं कर सकी। इसके कारण अदालत ने अतिरिक्त समय देते हुए स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी जरूरी दस्तावेज जल्द दाखिल किए जाएं। अब माना जा रहा है कि आने वाली सुनवाई में CDR और CCTV से जुड़े फैसले केस की दिशा तय कर सकते हैं। डिजिटल साक्ष्य इस मामले में सबसे अहम भूमिका निभा रहे हैं क्योंकि इन्हीं से घटना की टाइमलाइन समझी जाएगी।
ये भी पढ़ें: Twisha Sharma Death Case : CBI ने शुरू की पड़ताल, गिरिबाला सिंह के घर 30 मिनट तक छानबीन
CBI जांच में तेजी
CBI ने मंगलवार से आधिकारिक रूप से जांच अपने हाथ में ले ली है। एजेंसी का मुख्य उद्देश्य 12 मई की रात की पूरी घटनाओं की कड़ी को जोड़ना है। इसके लिए डिजिटल रिकॉर्ड, मोबाइल डेटा, टावर लोकेशन और गवाहों के बयान खंगाले जा रहे हैं। जांच टीम ने केस डायरी भी अपने कब्जे में ले ली है और उसे अपडेट करने के निर्देश दिए हैं। शुरुआती जांच में कई बिंदु सामने आए हैं, जिन्हें अब क्रॉस-वेरिफाई किया जा रहा है।
आर्थिक लेनदेन और रिश्तों की जांच भी दायरे में
CBI की जांच केवल घटना तक सीमित नहीं है, बल्कि शादी के बाद के रिश्तों और आर्थिक लेनदेन पर भी केंद्रित है। मृतका के परिवार की ओर से लगाए गए दहेज और पैसों की मांग के आरोपों की भी जांच की जा रही है। बताया जा रहा है कि कुछ वित्तीय ट्रांजेक्शन की भी जांच होगी, ताकि यह स्पष्ट किया जा सके कि किसी प्रकार का आर्थिक दबाव था या नहीं। दोनों पक्षों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं।
12 मई की रात बनी केस की सबसे बड़ी कड़ी
इस पूरे मामले में 12 मई की रात को सबसे महत्वपूर्ण माना जा रहा है। परिवार का दावा है कि उस रात एक व्हाट्सएप कॉल के दौरान विवाद और बहस की आवाजें सुनाई दी थीं। अब CBI इस कॉल से जुड़े CDR और डिजिटल रिकॉर्ड को बारीकी से जांच रही है। यही समय रेखा यह तय कर सकती है कि उस रात वास्तव में क्या हुआ था। जांच एजेंसी इसी कड़ी को जोड़ने में सबसे ज्यादा ध्यान दे रही है।
ये भी पढ़ें: Twisha Sharma Death Case: सुप्रीम कोर्ट में आज होगी सुनवाई, खुल सकते हैं बड़े राज! इन मुद्दों पर टिकी पूरी जांच
पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फोरेंसिक जांच पर नजर
जांच एजेंसी दूसरी पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है, जिसे पहले रिपोर्ट से मिलाया जाएगा। इसके अलावा फोरेंसिक जांच भी इस केस में अहम भूमिका निभा रही है। जिस बेल्ट को लेकर सवाल उठे थे, उसे भी जांच के लिए फोरेंसिक लैब भेजा गया है। रिपोर्ट आने के बाद कई तथ्य स्पष्ट होने की उम्मीद है।











