NEET- UG कैंसिल होने के बाद पहली बैठक, शिक्षा मंत्री के घर पहुंचे अधिकारी, री- एग्जाम पर हुई चर्चा

दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने पांच आरोपियों को 7 दिन की CBI हिरासत में भेजा है। इनमें मंगिलाल बिवाल, दिनेश बिवाल, विकास बिवाल, शुभम खैरनार और यश यादव शामिल हैं। 
Follow on Google News
शिक्षा मंत्री के घर पहुंचे अधिकारी, री- एग्जाम पर हुई चर्चा

नई दिल्ली। NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले के बाद केंद्र सरकार पूरी तरह एक्शन मोड में आ गई है। 14 मई को केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के घर पर एक अहम बैठक हुई, जिसमें परीक्षा को दोबारा सुरक्षित तरीके से कराने पर चर्चा की गई। बैठक में उच्च शिक्षा सचिव विनीत जोशी, स्कूल शिक्षा सचिव संजय कुमार, NTA के DG अभिषेक सिंह, CBSE चेयरमैन राहुल सिंह, केंद्रीय विद्यालय और नवोदय विद्यालय समिति के अधिकारी शामिल हुए।

बैठक का बड़ा फोकस क्या था?

सरकार का मुख्य लक्ष्य था कि दोबारा होने वाली NEET परीक्षा पूरी तरह लीक-प्रूफ हो। इसके लिए उन सभी कमजोर कड़ियों की पहचान करने पर जोर दिया गया, जहां से पेपर लीक की संभावना बनती है।

सरकार के सामने फिलहाल दो बड़ी चुनौतियां...

  • जल्द से जल्द परीक्षा दोबारा कराना
  • परीक्षा प्रक्रिया को पूरी तरह सुरक्षित बनाना
  • अधिकारियों ने इस बात पर भी चर्चा की कि पेपर प्रिंटिंग, ट्रांसपोर्ट, सेंटर मैनेजमेंट और डिजिटल निगरानी में क्या बदलाव किए जा सकते हैं।

यह भी पढ़ें: NEET Exam : रात 1:30 बजे थाना पहुंचा टीचर, हाथ में थी 60 पन्नों की PDF, और फिर जो हुआ...

शिक्षा मंत्रालय की सख्त तैयारी

केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय चाहता है कि इस बार किसी भी स्तर पर गड़बड़ी की गुंजाइश न रहे। परीक्षा प्रक्रिया में तकनीक और निगरानी को और मजबूत करने की तैयारी की जा रही है।

संभावित बदलावों में शामिल हो सकते हैं:

  1. एग्जाम सेंटर पर सख्त डिजिटल मॉनिटरिंग
  2. पेपर वितरण की रियल-टाइम ट्रैकिंग
  3. संवेदनशील केंद्रों पर अतिरिक्त सुरक्षा
  4. संदिग्ध गतिविधियों की AI आधारित निगरानी 

Breaking News

पिछले दो दिन की पूरी टामलाइन पढ़ें

  • सुप्रीम कोर्ट पहुंचा मामला

फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया मेडिकल असोसिएशन (FAIMA) ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर परीक्षा दोबारा सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में कराने की मांग की है। याचिका में कहा गया है कि छात्रों का NTA पर भरोसा कमजोर हुआ है, इसलिए पूरी प्रक्रिया पारदर्शी और निष्पक्ष होनी चाहिए। एग्जाम में 22 लाख विद्यार्थी बैठे थे, जिनके भविष्य पर इस घटना का नकारात्म असर पड़ा है।

  • CBI जांच में क्या हुआ?

पेपर लीक मामले की जांच अब CBI कर रही है। एजेंसी ने राजस्थान, बिहार समेत कई राज्यों में छापेमारी की है। जांच में सामने आया कि कथित तौर पर पेपर राजस्थान के सीकर तक पहुंचाया गया था। कोचिंग सेंटर संचालकों, स्टाफ और छात्रों से पूछताछ की गई है।

यह भी पढ़ें: Petrol Diesel Price Hike : आम आदमी को महंगाई का झटका, देशभर में महंगा हुआ पेट्रोल- डीजल, दिल्ली में 3-3 रुपए प्रति लीटर बढ़े दाम

  • 5 आरोपी 7 दिन की हिरासत में

दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने पांच आरोपियों को 7 दिन की CBI हिरासत में भेजा है। इनमें मंगिलाल बिवाल, दिनेश बिवाल, विकास बिवाल, शुभम खैरनार और यश यादव शामिल हैं। CBI का मानना है कि ये लोग पेपर लीक नेटवर्क से जुड़े हो सकते हैं। ऐसे में जांच लंबी चलेगी और कई अन्य लोगों की भी गिरफ्तारी हो सकती है।

  • 22 लाख छात्रों पर असर

12 मई को NTA ने NEET-UG 2026 परीक्षा रद्द कर दी थी। इससे देशभर के 22 लाख से ज्यादा छात्र प्रभावित हुए हैं। परीक्षा रद्द होने के बाद छात्रों और अभिभावकों में भारी नाराजगी देखने को मिली। कई छात्र संगठन और मेडिकल एसोसिएशन परीक्षा प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल उठा रहे हैं।

  • फर्जी एडमिशन गैंग का भी खुलासा

इस मामले के बीच दिल्ली पुलिस ने मेडिकल कॉलेज में एडमिशन दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह का भी भंडाफोड़ किया है। 20-30 लाख रुपए लेकर MBBS एडमिशन का झांसा, एक डॉक्टर समेत 4 आरोपी गिरफ्तार आरोपियों में RJD के राष्ट्रीय सचिव संतोष जायसवाल भी शामिल है। पुलिस के मुताबिक आरोपी NEET अभ्यर्थियों और उनके परिवारों को निशाना बना रहे थे।

Aakash Waghmare
By Aakash Waghmare

आकाश वाघमारे | MCU, भोपाल से स्नातक और फिर मास्टर्स | मल्टीमीडिया प्रोड्यूसर के तौर पर 3 वर्षों का क...Read More

नई दिल्ली
--°
बारिश: -- mmह्यूमिडिटी: --%हवा: --
Source:AccuWeather
icon

Latest Posts