पर्यटन निवेश में एमपी को मिली हजारों करोड़ की सौगात! गोल्फ कोर्स से अल्ट्रा-लक्जरी रिसॉर्ट तक, जानें कहां क्या बनेगा

भोपाल। मध्यप्रदेश अब पर्यटन को सिर्फ घूमने की जगह के तौर पर नहीं, बल्कि निवेश और रोजगार के बड़े क्षेत्र के रूप में विकसित करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। एमपी ट्रैवल मार्ट के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मौजूदगी में पर्यटन क्षेत्र से जुड़े कई निवेश प्रस्ताव सामने आए। निवेशकों के साथ हुई वन-टू-वन बैठकों में होटल, रिसॉर्ट, वन्यजीव पर्यटन, हेरिटेज, फिल्म और फूड टूरिज्म को लेकर योजनाओं पर चर्चा हुई। सरकार का फोकस प्रदेश के प्रमुख पर्यटन स्थलों पर बेहतर सुविधाएं तैयार करने और निजी निवेश को बढ़ावा देने पर है।
सीहोर में 848 करोड़ का बड़ा प्रोजेक्ट
सीहोर के रामगढ़ में पर्यटन क्षेत्र के लिए सबसे बड़े प्रस्तावों में से एक सामने आया है। एआरएम फूड्स ने यहां 848.40 करोड़ रुपए के निवेश से गोल्फ कोर्स, होटल विला, वेलनेस रिसॉर्ट और लक्जरी होटल विकसित करने के लिए एमओयू किया है। इस परियोजना से करीब 920 लोगों को सीधे रोजगार मिलने की संभावना है। इससे रामगढ़ क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियां बढ़ने के साथ स्थानीय स्तर पर कारोबार को भी बढ़ावा मिल सकता है।
उज्जैन और वन्यजीव सर्किट पर निवेश की तैयारी
पर्यटन निवेश में वन्यजीव और लक्जरी हॉस्पिटैलिटी पर भी खास जोर दिया गया है। एटमॉस्फियर ग्रुप ने उज्जैन, इंदौर और प्रदेश के प्रमुख वन्यजीव पर्यटन सर्किट में करीब 500 करोड़ रुपए के विस्तार की योजना रखी है। सतपुड़ा के मढ़ई क्षेत्र में ताज सफारीज के साथ 100 करोड़ रुपए की लागत से अल्ट्रा-लक्जरी रिसॉर्ट विकसित करने का प्रस्ताव भी सामने आया है। प्रदेश में इस समूह की कुल 300 करोड़ रुपए की निवेश योजना बताई गई है।
सिंधिया राजपरिवार के संपत्ति विवाद में अंतरिम आवेदनों पर बहस पूरी, 14 अक्टूबर को आएगा फैसला
ओंकारेश्वर से मांडू तक नए होटल
ओंकारेश्वर में करीब 200 करोड़ रुपए की लागत से तैयार हो रहा रमाडा रिसॉर्ट 2026 के अंत तक पूरा करने का प्रस्ताव है। वहीं मांडू की ऐतिहासिक लुनेरा सराय को 130 करोड़ रुपए की लागत से वेलकमहोटल बाय आईटीसी के रूप में विकसित करने की योजना है। खजुराहो में 125 करोड़ रुपए के वाटरफ्रंट रिसॉर्ट और सीधी में 35 करोड़ रुपए की पर्यटन परियोजना का प्रस्ताव भी निवेशकों की ओर से रखा गया है।
हेरिटेज और फिल्म टूरिज्म पर भी फोकस
सरकार की योजना पर्यटन को हेरिटेज, वन्यजीव, फिल्म, फूड और एडवेंचर टूरिज्म से जोड़ने की है। ओरछा के ऐतिहासिक परिसर के लिए समेकित प्रबंधन योजना तैयार करने की दिशा में भी काम होगा। इसके साथ पर्यटक वाहन चालकों के कौशल विकास और फिल्म निर्माण की शिक्षा से जुड़े एमओयू किए गए हैं। इससे पर्यटन के साथ स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार और प्रशिक्षण के अवसर बढ़ाने पर जोर रहेगा।
निवेशकों को समय पर सुविधाओं का भरोसा
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने निवेशकों को भरोसा दिलाया कि पर्यटन परियोजनाओं के लिए जमीन, जरूरी अधोसंरचना और अनुमतियां समयबद्ध तरीके से उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा।




















