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वक्फ बोर्ड विवाद:निकाह काजी मोहम्मद मआज खान ने दो अहम पदों से दिया इस्तीफा, गैर-मुस्लिम सदस्यों की नियुक्ति पर जताई आपत्ति

भोपाल के निकाह काजी मोहम्मद मआज़ खान नोमानी नदवी ने मध्यप्रदेश वक्फ बोर्ड में गैर-मुस्लिम सदस्यों की नियुक्ति का विरोध करते हुए निकाह काजी और जमीयत उलेमा मध्यप्रदेश के महासचिव पद से इस्तीफा दे दिया।
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निकाह काजी मोहम्मद मआज खान ने दो अहम पदों से दिया इस्तीफा, गैर-मुस्लिम सदस्यों की नियुक्ति पर जताई आपत्ति
मोहम्मद मआज खान ने दो अहम पदों से दिया इस्तीफा

मध्यप्रदेश वक्फ बोर्ड में दो गैर-मुस्लिम सदस्यों की नियुक्ति को लेकर जारी विवाद के बीच राजधानी भोपाल से बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। निकाह काजी मोहम्मद मआज खान नोमानी नदवी ने बुधवार को अपने दो महत्वपूर्ण पदों से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने निकाह काजी के पद के साथ-साथ दीनी तालीमी बोर्ड, जमीयत उलेमा मध्यप्रदेश के महासचिव पद से भी त्यागपत्र सौंप दिया। मआज खान ने अपना पहला इस्तीफा काजी शहर भोपाल मौलाना सैयद मुश्ताक अली नदवी को जबकि दूसरा इस्तीफा दीनी तालीमी बोर्ड, जमीयत उलेमा मध्यप्रदेश के अध्यक्ष मुफ्ती मोहम्मद अब्दुल कलाम कासमी को भेजा।

स्वागत कार्यक्रम के बाद लिया इस्तीफे का फैसला

Mohammad Maaz Khan ने बताया कि उन्हें केवल गैर-मुस्लिम सदस्यों की नियुक्ति पर ही आपत्ति नहीं थी बल्कि उसके बाद हुए घटनाक्रम से भी वे आहत हुए। उन्होंने कहा कि हाल ही में काजी शहर भोपाल की मौजूदगी में नवगठित मध्यप्रदेश वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. सनव्वर पटेल का स्वागत किया गया। उनका कहना है कि जिन लोगों से इस निर्णय का विरोध करने की उम्मीद थी उन्होंने विरोध दर्ज कराने के बजाय स्वागत किया। इसी के बाद उन्होंने दोनों पदों से इस्तीफा देने का निर्णय लिया।

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दोनों त्यागपत्रों में क्या लिखा?

अपने इस्तीफे में मआज खान ने लिखा कि उन्हें जो जिम्मेदारियां सौंपी गई थीं उन्हें उन्होंने पूरी ईमानदारी और निष्ठा से निभाने का प्रयास किया। हालांकि मौजूदा परिस्थितियों में इन पदों पर बने रहना उनके लिए संभव नहीं है। उन्होंने अपने फैसले को व्यक्तिगत लाभ या दबाव से नहीं बल्कि सिद्धांतों और धार्मिक जिम्मेदारी के आधार पर लिया गया निर्णय बताया।

शुभचिंतकों से मांगी क्षमा

दोनों त्यागपत्रों के अंत में मआज खान ने लिखा कि यदि उनके इस फैसले से किसी साथी, शुभचिंतक या पदाधिकारी की भावनाएं आहत हुई हों तो वे उसके लिए खेद व्यक्त करते हैं। उन्होंने सभी से क्षमा मांगते हुए कहा कि यह निर्णय परिस्थितियों और अपने सिद्धांतों को ध्यान में रखकर लिया गया है।

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वक्फ बोर्ड गठन के बाद लगातार जारी है विवाद

गौरतलब है कि Madhya Pradesh Waqf Board में दो गैर-मुस्लिम सदस्यों की नियुक्ति के बाद प्रदेशभर में इस मुद्दे पर समर्थन और विरोध दोनों देखने को मिल रहे हैं। कई मुस्लिम संगठनों, उलेमा और सामाजिक प्रतिनिधियों ने इस फैसले पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं दी हैं। ऐसे माहौल में निकाह काजी मोहम्मद मआज खान नोमानी नदवी का एक ही दिन दो महत्वपूर्ण पदों से इस्तीफा देना इस पूरे विवाद का एक अहम घटनाक्रम माना जा रहा है।

Sumit Shrivastava
By Sumit Shrivastava

सुमित श्रीवास्तव एक अनुभवी मीडिया प्रोफेशनल, बिजनेस पत्रकार और शोधकर्ता हैं। मास कम्युनिकेशन में M.P...Read More

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