उमरिया:जोहिला बांध के दो गेट खोले गए, निचले इलाकों में अलर्ट; प्रशासन की लोगों से नदी-नालों से दूर रहने की अपील

जिले में पिछले कुछ दिनों से हो रही लगातार बारिश के कारण संजय गांधी ताप विद्युत केंद्र स्थित जोहिला बांध का जलस्तर तेजी से बढ़ गया है। जलस्तर नियंत्रित रखने और बांध की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने एहतियातन बांध के दो गेट करीब एक-एक मीटर तक खोल दिए हैं। इससे अतिरिक्त पानी की निकासी शुरू कर दी गई है।
गेट खुलते ही बांध पर उमड़ी पर्यटकों की भीड़
Johilla Dam के गेट खोले जाने की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में लोग बांध का नजारा देखने पहुंच गए। भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। बांध परिसर में बैरिकेडिंग की गई है तथा पुलिस बल और बांध कर्मचारियों की तैनाती की गई है ताकि किसी प्रकार की अप्रिय घटना न हो।
निचले इलाकों में अलर्ट, लोगों से सतर्क रहने की अपील
बांध से पानी छोड़े जाने के बाद जिला प्रशासन अलर्ट मोड पर आ गया है। निचले और तटीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। प्रशासन ने लोगों से नदी, नालों और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहने की अपील की है ताकि किसी भी संभावित दुर्घटना से बचा जा सके।
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मानसून अब भी सामान्य से कमजोर
भू-अभिलेख शाखा के आंकड़ों के अनुसार 8 जुलाई तक उमरिया जिले में औसतन 8.56 इंच बारिश दर्ज की गई है जो पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 11.05 इंच कम है। हालांकि पिछले तीन दिनों में हुई बारिश से किसानों को राहत मिली है और खरीफ फसलों की बुवाई व धान की रोपाई में तेजी आई है। मंगलवार को जिले में औसतन 0.09 इंच वर्षा रिकॉर्ड की गई जिसमें करकेली क्षेत्र में सबसे अधिक 0.23 इंच बारिश दर्ज हुई।
किसानों को जल्द बुवाई पूरी करने की सलाह
कृषि वैज्ञानिक डॉ. धनंजय सिंह ने किसानों से मौसम का लाभ उठाते हुए धान की रोपाई और खरीफ फसलों की बुवाई जल्द पूरी करने की सलाह दी है, ताकि फसल को पर्याप्त नमी का लाभ मिल सके।
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अधिकारी बोले- जरूरत पड़ी तो और गेट भी खोले जाएंगे
संजय गांधी ताप विद्युत केंद्र के अधिकारी मनोज त्रिपाठी ने बताया कि बढ़ते जलस्तर को देखते हुए फिलहाल दो गेट खोले गए हैं और स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। उन्होंने कहा यदि बारिश का दौर जारी रहता है और जलस्तर में और वृद्धि होती है तो आवश्यकता के अनुसार अन्य गेट खोलने पर भी विचार किया जाएगा।












