Bangladesh Landslide :बांग्लादेश के रोहिंग्या कैंप में भूस्खलन, मदरसा मलबे में दबा; 8 बच्चों की मौत

बांग्लादेश के कॉक्स बाजार जिले के उखिया उपज़िले में स्थित रोहिंग्या शरणार्थी कैंप में भारी बारिश के कारण बड़ा हादसा हो गया। लगातार कई दिनों से हो रही बारिश के बाद भूस्खलन हुआ, जिससे एक मदरसा कीचड़ और मलबे में दब गया। इस हादसे में आठ बच्चों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य घायल हो गए।
मलबे से निकाले गए 13 बच्चे
हादसे के बाद बचाव दल ने तुरंत राहत अभियान शुरू किया। मलबे में दबे 13 बच्चों को बाहर निकाला गया। इनमें से आठ बच्चों की मौत हो चुकी थी, जबकि पांच बच्चों को इलाज के लिए कैंप के अस्पताल में भर्ती कराया गया है। राहत और बचाव कार्य जारी है।
RRRC अधिकारी ने की मौतों की पुष्टि
रिफ्यूजी रिलीफ एंड रिपैट्रिएशन कमिश्नर (RRRC) के अधिकारी मिजानुर रहमान ने बताया कि हादसे में आठ बच्चों की जान गई है। उन्होंने कहा कि घायल पांच बच्चों का अस्पताल में इलाज चल रहा है।
पहाड़ी ढलानों पर बने हैं अस्थायी घर
रोहिंग्या शरणार्थी कैंपों में रहने वाले ज्यादातर परिवार बांस और तिरपाल से बने अस्थायी घरों में रहते हैं। ये घर पेड़ों से खाली हो चुकी पहाड़ी ढलानों पर बने हैं। ऐसे इलाकों में हर साल मानसून के दौरान भूस्खलन का खतरा बना रहता है।
बारिश के चलते बढ़ा खतरा!
लगातार हो रही बारिश से भूस्खलन और अचानक बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। इसे देखते हुए प्रशासन अधिक जोखिम वाले इलाकों में रहने वाले परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर भेज रहा है। मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक और बारिश होने की संभावना जताई है।
पहले भी हो चुकी हैं कई मौतें
इसी सप्ताह भारी बारिश के कारण हुए अलग-अलग भूस्खलनों में रोहिंग्या कैंपों में आठ अन्य शरणार्थियों की भी मौत हुई थी। इनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल थे। लगातार हो रहे हादसों ने कैंपों में रहने वाले लोगों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं।
दुनिया का सबसे बड़ा शरणार्थी कैंप है कॉक्स बाजार
साल 2017 में पड़ोसी देश म्यांमार में सेना की कार्रवाई के बाद लाखों रोहिंग्या मुसलमान जान बचाकर बांग्लादेश पहुंचे थे। वर्तमान में करीब 12 लाख से अधिक रोहिंग्या शरणार्थी कॉक्स बाजार के भीड़भाड़ वाले कैंपों में रह रहे हैं, जिसे दुनिया का सबसे बड़ा शरणार्थी शिविर माना जाता है।











