जिन्होंने संवारा बच्चों का भविष्य... रोटरी क्लब भोज भोपाल ने 18 शिक्षकों को किया सम्मानित

भोपाल। शिक्षक केवल बच्चों को किताबों का ज्ञान नहीं देते, बल्कि उन्हें जीवन में सही रास्ता चुनने की सीख भी देते हैं। समाज के निर्माण में शिक्षकों की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण मानी जाती है। इसी सोच के साथ रोटरी क्लब भोज भोपाल की ओर से होटल श्री वाटिका में शिक्षक सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में शिक्षा के क्षेत्र में लंबे समय से योगदान दे रहे शिक्षकों के साथ-साथ सेवानिवृत्त शिक्षकों को भी सम्मानित किया गया। इस समारोह का उद्देश्य ऐसे शिक्षकों के योगदान को सामने लाना था, जिन्होंने अपने जीवन का बड़ा हिस्सा शिक्षा और समाज सेवा के लिए समर्पित किया है। खास तौर पर ग्रामीण क्षेत्रों में बिना किसी स्वार्थ के शिक्षा की अलख जगा रहे शिक्षकों को कार्यक्रम में विशेष सम्मान दिया गया।
18 शिक्षकों को प्रशस्ति पत्र और उपहार से सम्मान
समारोह में कुल 18 शिक्षकों को प्रशस्ति पत्र और उपहार देकर सम्मानित किया गया। सम्मान पाने वाले शिक्षकों ने शिक्षा के क्षेत्र में करीब 5 साल से लेकर 30 साल तक अपना योगदान दिया है। इन शिक्षकों ने अलग-अलग परिस्थितियों में विद्यार्थियों को शिक्षा देने का काम किया। कई शिक्षक ऐसे भी रहे जिन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में सीमित संसाधनों के बावजूद बच्चों को पढ़ाने और उन्हें आगे बढ़ाने का प्रयास किया। उनके इसी समर्पण और सेवा भावना को देखते हुए रोटरी क्लब भोज भोपाल ने उन्हें सम्मानित किया। कार्यक्रम के दौरान शिक्षकों के चेहरे पर सम्मान और खुशी साफ नजर आई। सम्मान मिलने के बाद उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में अपने अनुभव भी साझा किए।
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शिक्षकों ने सुनाए अपने अनुभव
समारोह में सम्मानित शिक्षकों ने अपने लंबे अनुभवों से जुड़ी कई रोचक बातें साझा कीं। उन्होंने बताया कि शिक्षक के जीवन में कई तरह की चुनौतियां आती हैं, लेकिन विद्यार्थियों की सफलता इन सभी परेशानियों को पीछे छोड़ देती है। शिक्षकों ने अपने अनुभवों के जरिए यह भी बताया कि आज के समय में शिक्षक और विद्यार्थी के रिश्ते में बदलाव आया है। नई पीढ़ी के शिक्षकों और विद्यार्थियों को उन्होंने मेहनत, अनुशासन और जिम्मेदारी के साथ आगे बढ़ने की सलाह दी। कुछ शिक्षकों ने अपने पुराने विद्यार्थियों से जुड़ी यादें भी साझा कीं। उन्होंने बताया कि कई साल पहले पढ़ाए गए विद्यार्थी जब जीवन में सफल होकर वापस मिलते हैं, तो एक शिक्षक के लिए इससे बड़ी खुशी कोई और नहीं होती।
ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा सेवा को मिला सम्मान
समारोह की खास बात यह रही कि ग्रामीण क्षेत्रों में निस्वार्थ भाव से शिक्षा के लिए काम करने वाले शिक्षकों को भी सम्मान दिया गया। ग्रामीण इलाकों में कई बार शिक्षकों को सीमित संसाधनों और अलग-अलग चुनौतियों के बीच काम करना पड़ता है। इसके बावजूद इन शिक्षकों ने बच्चों की पढ़ाई को प्राथमिकता दी और उन्हें आगे बढ़ने के अवसर देने का प्रयास किया। रोटरी क्लब ने ऐसे शिक्षकों के योगदान को समाज के सामने लाने की कोशिश की। कार्यक्रम में इस बात पर भी जोर दिया गया कि शिक्षा केवल नौकरी या रोजगार का माध्यम नहीं है, बल्कि यह समाज को बेहतर बनाने का सबसे मजबूत जरिया है। एक शिक्षक के प्रयास का असर केवल एक विद्यार्थी तक सीमित नहीं रहता, बल्कि आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचता है।
अध्यक्ष डॉ. नीलू मेहरोत्रा की अध्यक्षता में हुआ कार्यक्रम
यह शिक्षक सम्मान समारोह रोटरी क्लब भोज भोपाल की अध्यक्ष डॉ. नीलू मेहरोत्रा और सचिव विजय डावर की अध्यक्षता में आयोजित किया गया। कार्यक्रम में क्लब के सभी रोटेरियन सदस्य मौजूद रहे। समारोह के दौरान शिक्षकों के सम्मान के साथ शिक्षा के महत्व और समाज में शिक्षकों की भूमिका पर भी चर्चा हुई। कार्यक्रम में मौजूद सदस्यों ने शिक्षकों के योगदान की सराहना की और कहा कि समाज को दिशा देने में शिक्षकों की भूमिका हमेशा महत्वपूर्ण रही है।
PDG धीरन दत्ता ने किया मंच संचालन
कार्यक्रम का मंच संचालन रोटरी क्लब के पूर्व डिस्ट्रिक्ट गवर्नर (PDG) धीरन दत्ता ने किया। उन्होंने कार्यक्रम को सहज और रोचक तरीके से आगे बढ़ाया। उन्होंने शिक्षकों के योगदान का उल्लेख करते हुए कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में काम करने वाले लोगों का सम्मान करना समाज की जिम्मेदारी है। शिक्षकों ने भी इस अवसर पर अपने विचार साझा किए और आने वाली पीढ़ी के शिक्षकों और विद्यार्थियों को कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए।
सम्मान से बढ़ेगा शिक्षकों का उत्साह
रोटरी क्लब भोज भोपाल का यह आयोजन शिक्षकों के प्रति सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त करने का एक प्रयास रहा। समारोह में ऐसे शिक्षकों को मंच दिया गया जिन्होंने वर्षों तक शिक्षा के क्षेत्र में मेहनत की और विद्यार्थियों के भविष्य को बेहतर बनाने में योगदान दिया। 18 शिक्षकों को सम्मानित करने के साथ कार्यक्रम ने यह संदेश भी दिया कि समाज में शिक्षा और शिक्षक दोनों का सम्मान बेहद जरूरी है। खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में निस्वार्थ भाव से काम कर रहे शिक्षकों का उत्साह बढ़ाने से शिक्षा के क्षेत्र में और बेहतर काम करने की प्रेरणा मिल सकती है।



















